घर–घर मे नाग के फोटो साट के नागपञ्चमी मनावल गईल

वीरगंज १० सावन
श्रावण शुक्ल पञ्चमी के दिन हरेक बरीस मनावेवाला नागपञ्चमी पर्व आजु घर के चउकठ, दुवारी पर ब्राह्मण पुरोहित, सर्वसाधारण नाग के तस्वीर साट के पूजापाठ करके मनवले बाडन ।
आजु के दिन मे घर के दुवारी पर नाग के फोटो साटला पर नाग, साँप, बिच्छी जईसन जीव से बरीसभर दुःख ना मिलेके धार्मिक विश्वास रहल बा ।
साथे टाडका, अग्निभय आ मेघ के चलते पीडित होखे ना पडेके बात के उल्लेख बराह लगायत के पुराण मे कईल नेपाल पञ्चाङ्ग निर्णायक समिति के अध्यक्ष प्रा डा रामचन्द्र गौतम जानकारी देहले बानी ।
आजु के दिन नेपालभर के नागदह, नागकुण्ड आ नागस्थान मे नाग के पूजापाठ करके मेला भी लागेला ।
साथे पशुपतिस्थित वासुकी मन्दिर मे भी ई दिन विशेष पूजापाठ करत अईला मे ई बरीस कोरोना भाइरस के सङ्क्रमण फईले सकेके डर से चईत ११ गते से हि मूल मन्दिर बन्द कईल बा ।
आजु नाग पूजा कईला के बाद खेतबारी मे खनजोत ना करके किसान भी आराम करेलन ।
आजु के दिन मे खनजोत कईला पर नाग मर सकत बाडन कहके धार्मिक विश्वास बा ।
घर, खेत मे भी नाग के बास होखेला कहके वैदिक मान्यता बा ।
नागपञ्चमी के दिन विधिपूर्वक पूजापाठ करके घर के दुवारी पर नाग के फोटो साटला पर बरीसभर विद्युत्, अग्नि, सर्प, टाडका लगायत के भय ना होखेके धार्मिक विश्वास भी रहल बा ।
नाग के फोटो के गाईके गोबर आ दुभ से भी साटल जाला ।
साथे घर के अगाडि दुवारी पर गाई के गोबर से नाग के आकृति भी बनावेके परम्परा बहुते पहिले से चलत आईल वीरगंज नगवा के स्थानिय लक्ष्मीनिया देवी के कहनाम बा ।
नाग भगवान के पुजा मे खास करके दुध, लावा लगायत के सामान प्रसाद के रुपमे चढावल जाला कहके बतवनी ।






