बन्द भईल रौतहट के श्रीराम सुगर मिल

रौतहट ११ सावन
रौतहट के गरुडा मे रहल जिल्ला के पहिलका श्रीराम सुगर मिल्स बन्द होखेवाला भईल बा ।
करिब दु दशक पहिले रौतहट के मध्य बजार मे स्थापना भईल उद्योग बन्द होखेके अवस्था मे पुगल बा ।
गोल्छा समूह सूचना जारी करत महृमदपुर गरुडा मे रहल मिल बाध्यात्मक परिस्थिति के चलते स्थायीरुप मे बन्द होखेके जनवले बा ।
मिल स्थापना भईल कुछ बरीस तक मुनाफा मे चलला पर भी पिछिलका समय मे किसान के भुक्तानी करे ना सकेके अवस्था मे पुगल रहे ।
विविध कारण से किसान के ऊँख के रोपेया भी भुक्तानी करे ना सकल कहत मिल वार्षिक करोडो रोपेया नोक्सानी सहेमे बाध्य भईल सूचना मे उल्लेख कईल बा ।
हरेक बरीस नोक्सानी मे जारहल कम्पनी के आर्थिक बरीस २०७५÷०७६ तक मे कुल घाटा २ अरब १७ करोड ७५ लाख ५८ हजार ३७६ रोपेया पुगल श्रीराम सुगर मिल्स जनवले बा ।
ई आर्थिक बरीस मे मिल १३ दिन मात्र ऊँख क्रसिंङ्ग कईले रहे । मिल ई बरीस कार्यरत कर्मचारी के चार महिना से तलब तथा संचयकोष के रोपेया भी देवे नइखे सकल ।
नगदे बाली के रुप मे रहल ऊँख उधार मे किन रहल मिल किसान के ३२ करोड रोपेया भुक्तानी देवेके बाँकी रहल ऊँख उत्पादक सँघ जनवले बा ।
एहितरे अवकाश प्राप्त कर्मचारीलोग के ७० लाख से बेसी रोपेया भुक्तानी देवेके बाँकी बा ।
एतवार से उद्योग बन्द भईल जानकारी करावत मिल से तिरेवाला कर्मचारीलोग के सभी किसिम के तलब भता क्रमशः भुक्तानी करत जाएके जनवले बा ।
ऊँखु किसानलोग के बाँकी रकम भुक्तानी के खातिर मिल के चल अचल सम्पत्ति बिक्री करे खातिर नेपाल सरकार से जरुरी अनुमति के प्रक्रिया सुरु कईल मिल जनवले बा ।
सम्बन्धित निकाय से जरुरी अनुमति प्राप्त होते मातर उद्योग के सम्पत्ति बिक्री करके कार्यरत श्रमिक, कर्मचारी तथा ऊँखु किसानलोग के प्राथमिकता के साथ भुक्तानी देत जाएके मिल जनवले बा ।






