रामजानकी मठ के महन्थ न्याय मागत वार्ड मे

प्रभु यादव
बारा ११ सावन
बारा के करैयामाई गाँवपालिका ८ बेलाहि के रामजानकी मठ के महन्त उपर भइल दुव्र्यवहार के विरुद्ध मे न्याय मागत वार्ड कार्यालय मे पुगल बानी ।
स्थानीय लोग सहित वडा न ८ कार्यलय मे एतवार के दिन प्रदर्सन करत न्याय माग कईले बा ।
असार ३० गते वार्ड कार्यालय मे अध्यक्ष सुरेन्द्र साह तोक आदेश कईल निवेदन के बेयवस्ता करत अरहला से विरोध मे उतरे के परल सहभागी लोग जनकारी करावले बा ।
करिब १० दिन से एक दिन बेरा के परपञ्चायती के बात राख के बाहर बाहर रहे ना कईल भईला से आज चौठका बेर मे गाव के सब लोग विरोधकरे पहुचल बा ।
करिब २० दिन अगाडि सन्त महन्त हरन महतो मन्दिर भित्र रहल आँप ना उठावे के आ ना तोडे के लईका लईकी सब के स्थानीय रामधारी नुनिया लगायत चार जने महन्त महतो के गालि गलौज आ दुव्र्यवहार कईल बिषय मे लेके राम जानकि मठ के महन्त हरन महतो सहित दुई सय से बेसी स्थानीय लोग दोषीके कार्वाही के मांग करत वडा कार्यलय मे पुग के विरोध कईल महनथ जनकारी देहनी ।
करैया माई गाँवपालिका ८ के वार्ड कार्यलय मे महन्त दोषी उपर कारवाही करे खातिर ईटहर बेलाही निवासी वार्ड सदस्य राम बिश्वास जैसवाल, उमेश जैसवाल, राम दिनेश जैसवाल, बेदयान्द साह सहित चार जने उपर कारवाही के माग करत वार्ड कार्यलय मे असाढ ३० मे निवेदन दर्ता करावल स्थानीय बिशेवन्द्र चौधरी बतवनी ।
उजुरी दर्ता करईला के बाद वार्ड अध्यक्ष सुरेन्द्र साह मौखिक रुप से तीन बेर आ लिखित रुप मे सावन ४ गते दुनु पक्ष राख के छलफल करावेके कहला के बाद अभी तक दोषि के कारवाही ना कईल मन्दिर भितर हैकमवादी पारा से शासन कईल आरोप स्थानीय के रहल बा ।
रामजानकी मठ के सम्पत्ति रेखदेख करे करावे के जनप्रतिनिधि महन्त के हि जिम्मेवारी देहला के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि हि दुव्र्यवहार कईल निन्दनीय रहल बा ।
दन्ड जरिवाना के रोपेया भी वार्ड अध्यक्ष सुरेन्द्र साहल्व हिनामिना कईल स्थानीय के आरोप रहल बा ।
एने वार्ड अध्यक्ष सुरेन्द्र साह सन्त महन्त उपर भईल दुव्र्यवहार निन्दनीय रहल आ छलफल करके दोषी उपर कारवाही करेके प्रतिबद्धता जाहेर कईनी ।
आपन काम ब्यवस्थापन आ कोरोना महामारी के चलते दुनु पक्ष से पांच पाँच जने के प्रतिनिधि बईठाके समस्या समाधान करेके बतवले बानी ।
स्थानीय मठ मन्दिर, सार्वजनिक स्थल पाटी पौवा मे स्थानीय तह के स्वामित्व रहला से ओकर संरक्षण कईल स्थानीय जनप्रतिनिधि के रहला मे सन्त महन्त उपर दुव्र्यवहार कईल निन्दनीय रहल बा ।






