पर्सा मे अनुदान के खाद मे कालाबजारी

वीरगंज १७ भादो
सरकारी अनुदान के रासायनिक खाद ना मिलला के बाद पर्सा के किसान निजी व्यापारी से बहुते दाम मे किनेमे बाध्य भईल बाडन ।
सरकारी स्वामित्व के कृषि सामग्री कम्पनी लिमिटेड प्रादेशिक कार्यालय वीरगंज मे वितल तीन महिना से युरिया खाद के कमी भईला के बाद इहाँ के किसान निजी व्यापारी से बेसी दाम मे किनेमे बाध्य भईल बाडन ।
प्रति बोरा (५० किलो) युरिया खाद रु सात सय मे बिक्री करेके जगहा मे स्थानीय व्यापारी खाद के कृत्रिम अभाव सिर्जना करके कालाबजारी करत आईल बाडन ।
प रु सात सय मे प्रतिबोरा मिलेवाला युरिया खाद किसान रु एक हजार से रु एक हजार पाँच सय तक किनेमे बाध्य भईल पर्सा रामगढवा के किसान शेषमन पण्डित के कहनाम बा ।
एकओरी सरकारी अनुदान के खाद के कमी आ दोसर ओरी भारत से तस्करी होके नेपाल आवेवाला गुणस्तरहीन खाद के बेसी दाम तिरके खरिद करेके बाध्यता रहल दोसर किसान विजय पण्डित के सिकाईत बा ।
पर्सा के सुदूरग्रामीण क्षेत्र मे खाद बेंचेवाला व्यापारी के आपन अलगे पिडा रहल बतवले बाडन ।
एक त कहल जेतना खाद ना मिलेला आ दोसर ओरी भाडा बेसी लागेके आ रास्ता भर पुलीस दुःख देरहला से महँगा मे बेंचेके बाध्यता रहल उलोग के कहनाम बा ।
धान के खातिर जरुरी पडेवाला रासायनिक खाद युरिया लियावे खातिर सरकार जरुरी प्रक्रिया शुरु कईला पर भी लकडाउन के चलते भारत के कलकत्ता बन्दरगाह से बितल तीन महिना से आवे ना सकल बतावत कृषि सामग्री कम्पनी प्रादेशिक कार्यालय वीरगंज के प्रदेश प्रबन्धक गोरखनाथ केसी कहनी कि, “अभी भी पर्सा जिल्ला मे एक हजार टन युरिया खाद के जरुरत बा ।” खाद कमी के चलते धानखेती प्रभावित भईल बा ।
अभी ई कार्यालय मे पोटास २५ टन आ डिएपी आठ टन मौज्दात अवस्था मे रहल बा ।
साल्ट ट्रेडिङ कर्पोरेशन लिमिटेड वीरगंज मे मौज्दात रहल १६८ टन युरिया मल २५० गो डिलरमार्फत सहुलियत दर मे किसान के उपलब्ध करावत आरहल कार्यालय प्रमुख अमोज लामिछाने बतवनी ।
उ बेसी दाम मे खाद बेंचल उजुरी अईला पर ओईसन थोक विक्रेता के कारवाही करेके बतवनी ।
“धान रोपाइँ कईला के बाद दु बेर युरिया खाद छिटल जाला”, कृषि ज्ञानकेन्द्र पर्सा के प्रमुख डा.रामचन्द्र यादव कहनी कि, “पहिलका बेर धान रोपल एक महिना के बाद आ दोसर बेर बाल निकलेके समय मे खेत मे खाद छिटल जाला ।”
खाद के कमी मे इहाँ के धानखेती प्रभावित होखेके उनकर कहनाम बा । पर्सा मे ४० हजार ५ सय हेक्टर मे धानखेती होत आईल बा ।






