वीरगंज मे जीवनरक्षक दवाई के हाहाकार

वीरगज २१ भादो
कोरोना भाइरस के संक्रमण पुष्टि भईला के बाद होम आइसोलेसन मे रहल नारायणी अस्पताल के नर्स ऋतुकुमारी सिंह स्वास्थ्य मे समस्या भईला के बाद कोरोना विशेष अस्पताल वीरगंज हेल्थकेयर अस्पताल भर्ना भइनी । उनका अस्थालिन रेस्पिरेटरी सोलुसन चाहिं, माकिर बजार मे ना मिलल ।
उ जानकारी मिलला के बाद वीरगंज के नरेश साह बाबु के स्टक राखल दवाई पठवनी । आ उ मरद बेटा सहित एतवार के दिने डिस्चार्ज भइनी ।
अस्थालिन दम के मरेजीलोग से प्रयोग करेवाला दवाई ह । एकरा से स्वास लेवेमे सजिलो करावेवाला भईला से कोरोना संक्रमितलोग के खातिर भी प्रयोग कईल जा रहल बा ।
अस्थालिन डालके वाफ लेहला पर आईसीयू मे भईल मरेजी के भी स्वास प्रश्वास मे सहज होखेके ईलाज मे संलग्न चिकित्कस के अनुभव बा ।
माकिर वीरगंज मे आस्थालिन मात्र ना, डेक्सामेथासन, डेरिफाइलिन, ड्रोटाभेरिन, साल्बुटामोल रेस्पिरेटरी सोलुसन लगायत के दवाई के कमी देखल गईल बा ।
पिछिलका दिन मे पर्सा, बारा जिल्ला मे लक्षण भईल आ दिर्घ रोगीलोग मे कोरोना संक्रमण देखल गईल बा ।
नारायणी अस्पताल सहित दु गो अस्थायी कोभिड अस्पताल मे भर्ना भईल कैयन कोरोना संक्रमित मे बेसी बोखार, स्वास प्रश्वास आ खोकी के साथे कडा निमोनिया देखल गईल बा । उलोग के ईलाज मे प्रयोग होखेवाला जईसन दवाईसब के कमी देखल गईल चिकित्सकलोग बतावेलन ।
जीवन रक्षक दवाईसब सहजे ना मिलला से समस्या हो रहल नारायणी अस्थायी कोभिड अस्पताल गण्डक के संयोजक डा. उदयनारायण सिंह बतवनी ।
“वीरगंज मे लाइफ सेभिङ ड्रग्स मिलल मुस्किल हो रहल बा, मिलला पर भी बहुते दाम तिरेके पडल मरेजी के अफन्तलोग बतारहल बाडन” कहत उ, एमे सम्बन्धित निकाय से ध्यान देवेके पडल । अईसन दवाई के कमी भईला पर संक्रमित मात्र ना होके आउर मरेजी के भी जान जोखिम मे पडि ।”
आस्थालिन के कमी भईल जानकारी मिलला के बाद उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष गोपाल केडिया वीरगंज के अनेकन दवाई दोकानसब से खोजके १६ थान आस्थालिन सहजोग कईनी । जउना मेसे ६ थान नारायणी मे आ १० थान वीरगंज हेल्थ केयर मे पठवनी ।
वीरगंज के पत्रकार अमित अग्रवाल ५ दिन से ई दवाई जुटावेमे सक्रिय बाडन । सीमावर्ती शहर रक्सौल के मेडिकल सञ्चालक से समन्वय कईला के बाद सीमा तक लियावेके आ उहाँ से अस्पताल मे पुगा रहल उ बतवनी ।
उ वीरगंज के अस्पतालसब मे ३४ थान, बारा के कलैया अस्पताल मे २० थान आ पोखरिया अस्पताल मे १५ थान निःशुल्क उपलब्ध करवले बानी ।
“वीरगंज के ना मिलला के बाद रक्सौल के ऋषि मेडिकल के सञ्चालक के जईसे भी उपलब्ध करावे खातिर निहोरा कइनी” कहत उ “सीमा तक उ लिया देवेलन, उहाँ से हम लिया के अनेकन अस्पताल मे उपलब्ध करवले बानी ।”
उद्योग सञ्चालन मे सहजीकरण ना भईल ः औषधि उद्योगी नेपाल औषधि उत्पादक संघ केन्द्रीय कोषाध्यक्ष एवं प्रदेश अध्यक्ष प्रभात रुंगटा उद्योग सञ्चालन मे स्थानीय प्रशासन सहजीकरण ना कईल सिकाईत कईले बानी । पिछिलका दिन मे उद्योग सञ्चालन मे प्रशासन से सहजीकरण ना कईल उ बतवनी ।
उद्योगी रुंगटा कहनी कि, “वीरगंज मे १४ गो, जनकपुर मे ४ गो उद्योग बा । असाढ तक दवाई उद्योग सञ्चालन मे खासे समस्या ना रहे, आंशिक रुप मे चलाके भईला पर भी दवाई कमी होखे ना देहले रहनी ।
माकिर पिछिलका दिन मे दवाई उद्योग सञ्चालन के खातिर कर्मचारी पुगावे लगायत के समस्या बा ।”
उद्योग आ घर कईला पर समुदाय मे भी कोरोना संक्रमण फईलेके खतरा भईला के बाद प्रशासन कडाइ कईले बा ।
कर्मचारीलोग के राखे खातिर क्वारेन्टिन आ संक्रमित भइला पर राखे खातिर आइसोलेसन सेन्टर भईला पर मात्र उद्योग खोले देवेके कहल बा ।
माकिर रुंगटा कहनी दवाई उद्योग दाल चाउर, लोहा डण्डी के उद्योग जईसन ना रहल बतवनी ।
“सय जने कर्मचारी के त राख के उद्योग चलावल जा सकता, माकिर साढे ६ सय जने भईल उद्योग कईसे व्यवस्था मिलाके चलाई ?” कहके सवाल कइनी ।
उहे चलते १५ मेसे ८ गो आंशिक आ ४ गो उद्योग पूर्ण रुप मे उत्पादन बन्द कईले बा । तीन गो उद्योग कर्मचारी पुगला पर चलावेके, ना भईला परस ना चलावेके बता रहल बाडन ।
ओकरा उपर पिछिलका दिन मे कमी भईल कहल अस्थालिन लगायत के दवाई इहाँ उत्पादन ना होला कहके रुंगटा बतवनी । उलथा अनलाईन






