कोरोना महामारी मे २ हजार ४६ जनानी हिंसा के घटना

वीरगंज २३ भादो
कोरोना महामारी शुरु भईला के बाद ५ महिना मे देशभर जनानी हिंसा तथा मानव अधिकार उलंघन के २ हजार ४६ गो घटना भईल बा ।
शान्ति के खातिर साझा अभियान (कोक्याप) प्रदेश २ के प्रदेश सभा सदस्य जनानी तथा जनानी अधिकारकर्मी सँगे के भर्चुअल छलफल मे ई तथ्यांक सार्वजनिक कईले बा ।
कोक्याप के तथ्याङ्क मुताविक प्रदेश नं २ मे सबसे बेसी ४ सय ७० गो जनानी हिंसा तथा मानव अधिकार उलंघन के घटना भईल बा ।
पर्सा मे ८६, बारा मे ४२, रौतहट मे ५३, सर्लाही मे २९, महोत्तरी मे २८, धनुषा मे १ सय, सिराहा मे ६७ आ सप्तरी मे ६४ गो जनानी हिंसा आ मानव अधिकार उल्लंघन के घटना भईल बा ।
बागमती प्रदेश मे ४ सय ४४ गो, प्रदेश नं १ आ ५ मे ३ सय ६ गो, गण्डकी प्रदेश मे १ सय ५२, कर्णाली प्रदेश मे १ सय ४३, सुदुर पश्चिम प्रदेश मे २ सय २५ गो घटना भईल बा ।
देशभर १ हजार २ सय १ हिंसात्मक घटना भईला मे १ सय ९८ जने के मृत्यु भईल बा आ ९ सय ६ जने घायल भईल बा । प्रदेश २ मे २ सय ९५ गो हिंसात्मक घटना मे ८४ जने के मृत्यु भईल बा आ ४ सय ८६ जने घायल भईल बाडन ।
प्रदेश २ मे लैंगिक हिंसा के मात्र १ सय ११ गो घटना बाहर आईल बा ।
२१ जने जनानी मृत मिलल, दहेज ना लियावल टेंट मे तीन जने जनानी के हत्या भईल बा, घरेलु हिंसा के चलते ९ जने जनानी के मृत्यु भईल बा ।
यौन दुव्र्यबहार के ८३ घटना आ बलात्कार के ६८ घटना बाहर निकलल कोक्याप के कार्जक्रम अधिकृत अर्पणा श्रेष्ठ जानकारी देहनी ।
‘सञ्चारमाध्यम मे आईल आ पुलीस कार्यालय मे दर्ता भईल घटना के हमनी लेहले बानीं’ कहत श्रेष्ठ ‘बाहर ना आईल घटना भी बहुते हो सकता, काहेकी घरेलु हिंसा आ यौन दुर्व्यवहार के घटना कम मात्र बाहर आरहल बा ।’
प्रदेश सभा सदस्य डा. रिना यादव जनानी स्वयं ना लडेतक विभेद आ थिचोमिचो कायम रहेके बतावल जाला । ‘हमनी जनानी सहेनी, चुप रहेनी, माफी भी जलदी देवेनी, उहे चलते पछाडि पडल बानी ।
डा. यादव कहनी कि, ‘घर परिवार सँगे बोलनी, समाज मे पुगनी, समाज से अभी सदन मे आईल बानी । हमनी सह के बईठला पर भी अभी घर मे त रहनी ।’
दोसर प्रदेश सभा सदस्य मंजु यादव देश मे तीन तह के सरकार अईला पर भी स्थिति मे सुधार आवे ना सकल बतवनी ।
महोत्तरी मे जनमल, बढल बियाह कईल एगो दलित जनानी के नागरिकता दिलावे खातिर १२ बरीस संघर्ष करेके पडल सुनावत उ सरकार हि जनानी उपर विभेद कईल बतवनी ।
प्रदेश सभा सदस्य शोभा लामा जनानी हिंसा आ मानव अधिकार उलंघन करेवाला के कारबाही होखेके बतवनी ।





