नाम आ राजधानी : अलमल मे प्रदेश नं. २

जनकपुरधाम २३ कुवार
प्रदेश सरकार गठन भईला तीन बरीस पुरा होखे लागल बा । माकिर प्रदेश राजधानी आ नाम के बारे मे प्रदेश २ अभी भी अलमल मे बा । दलसब के आपन–आपन अडान से ई विषय जटिल बनत गईल बा ।
अभी अस्थायी राजधानी रहल जनकपुर के स्थायी राजधानी बनावे के विषय मे सत्तासीन मधेसवादी दलसहित प्रमुख तीन दल सहमत बाडन । नाम के विषय टुंगो लागे सकल नइखे ।
प्रदेश के नाम आ राजधानी निर्धारण करे खातिर बितल बरीस भादो ५ गते प्रदेशसभा मे दलसब अलग अलग प्रस्ताव दर्ता करवले रहलन ।
सत्तापक्ष जनता समाजवादी पार्टी प्रदेश के नाम “मधेस” आ राजधानी “जनकपुर” होखेके प्रस्ताव दर्ता करवलख । प्रमुख प्रतिपक्षी दल नेकपा नाम “जानकी” आ राजधानी “धनुषा” के प्रस्ताव रखलन ।
दोसर दल नेपाली कांग्रेस प्रदेश के नाम “मिथिला–भोजपुरा” आ राजधानी “जनकपुरधाम” राखेके पक्ष मे प्रस्ताव दर्ता करवले बा ।
कुछ सांसद प्रदेश के राजधानी “वीरगंज” राखेके प्रस्ताव भी दर्ता करवलें । दलसब के प्रस्ताव मे सहमति ना भईला के बाद बितल चईत ४ मे प्रदेशसभा मे सभी प्रस्ताव उपर अलग अलग मतदान भी भईल ।
माकिर कउनो भी प्रस्ताव दु तिहाइ मत ना मिलला के बाद सभी अस्वीकृत भईल ।
प्रदेश के नाम आ राजधानी के टुंगो लगावे खातिर संसद के दु तिहाइ मत जरुरी होखेके संवैधानिक व्यवस्था बा ।
सत्तापक्ष जसपा प्रदेश के नाम “मधेस” कायम ना कईला पर राजधानी जनकपुर ना देवेके अडान राखला के बाद राजधानी के भी टुंगो लागे सकल नइखे ।
“राजधानी जनकपुर के लेके मधेसवादी दल मधेस प्रदेश नाम राखेके खोजले बाडन । माकिर, उ ना त कांग्रेस के स्वीकार्य बा ना त कम्युनिस्ट के हि ।” नेकपा सांसद रामचन्द्र मण्डल कहनी ।





