बिक्रम चौधरी खातिर न्याय माँगत वीरगंज मे बिरोध प्रदर्शन

वीरगंज २५ भादो

ईलाज मे लापरबाही भईला से मृत्यु भईल कहल बिक्रम चौधरी के खातिर न्याय माँगत वीरगंज मे आजु बिरोध प्रर्दशन कईल बा ।

बारा के कोल्हवी नगरपालिका–४ सपही के २२ बरीस के चौधरी के न्याय आ पीडित परिवार के उचित क्षतिपूर्ति मिलेके माग राखके उलोग प्रदेर्शन कईले बाडन ।

भादो २१ गते नारायणी अस्पताल के आईसीयू मे ईलाज के समय मे बिक्रम के मृत्यु भईल दाबी अस्पताल करत आईल बा ।

घटना के निष्पक्ष छानवीन कर, दोषी डाक्टर उपर कारबाही कर, बिक्रम चौधरी के न्याय दे कहत प्रदर्शन कईल रहे ।

प्रदर्शनकारी अस्पताल भितर ‘हत्यारा डाक्टर’ कहके आरोप भी लगईले रहलन । नारायणी अस्पताल के हल से प्रदर्शन शुरु कईल उलोग नाराबाजी करत बजार परिक्रमा भी कईले रहलन ।

प्रदर्शन मे सहभागी मरेजी के सहज ईलाज के व्यवस्था होखो, वी निड जष्टिस फर बिक्रम चौधरी, मृतक परिवार के उचित क्षतिपूर्ति के व्यवस्था कर लगायत नारा लिखल प्लेकार्ड भी लेहले रहलन ।

छानवीन मे ढिलासुस्ती भईल महसुस भईला से प्रदर्शन कईल उलोग बतवले बाडन । अस्पताल से गठन कईल तीन सदस्यीय छानवीन समिति उपर उलोग असन्तुष्टि प्रकट कईले रहलन ।

अस्पताल भितर के चिकित्सक के मात्र टिम से करेके अनुसन्धान निष्पक्ष होखे ना सकेके दावी उलोग कईले बाडन ।

प्रदर्शन मे सहभागी जीपी कोइराला फाउण्डेसन के सचिव धिरज गुप्ता पहिले हि अस्पताल से ईलाज मे लापरबाही ना कईल कहके सामाजिक संजाल मे लिखेवाला चिकित्सक से होखेवाला छानवीन निष्पक्ष होखेके संभावना हि ना भईल बतवनी ।

‘पहिले हमनी के तीन सदस्यी छानवीन समिति गठन कईल जानकारी मात्र देहल गईल रहे । बाद मे मात्र नाम जानकारी भईल,’ कहत उ, ‘जउना मेसे के एक जने सदस्य पहिले हि अस्पताल से ईलाज मे लापरबाही ना कईल सामाजिक संजाल से दावी कईले बाडन । उ निष्पक्ष छानवीन करीहन कहके कईसे पतियावेके ?’

उलोग छानवीन समिति मे बाहर से भी विज्ञ चिकित्सक के राखेके, सीसीटीभी फुटेज देखके अनुसन्धान होखेके, छानवीन मे ढिलासुस्ती करेके ना होखी कहके माग रखले बाडन ।

प्रदर्शन मे सहभागी बलिराम अधिकारी बिक्रम जईसे दोसर केहु के ज्यान गँवावेके ना पडो कहके प्रदर्शन मे उतरेके पडल बतवनी ।

‘जनता के पसिना से तिरल कर से तलब खाके ईलाज मे लापरबाही करेके छुट केहु के नइखे, साधरण सरदी खोकी होके सर्वसाधरण मरेके अवस्था के अन्त्य होखेके पडल,’ कहत उ, ‘बिक्रम के जईसन हालत आउर मरेजी के ना होखो । ओकरा खातिर घटना के निष्पक्ष छानवीन आ दोषी के कानुनी काररबाही होखेके पडल ।’

गम्भिर अवस्था मे मरेजी अस्पताल अईला के बाद कोरोना परीक्षण मे काहे देरी भईल ? ओकर जवाफ अस्पताल प्रशासन से देवेके बात मे भी जोड देहनी । बिक्रम के भईया अनिल चौधरी चुप रहला से न्याय ना मिलेके स्थिति देखल गईला के बाद सरोकारवाला के ध्यानाकर्षण करावल बतवनी ।

क्रिटिकल केयर अब्जर्भेसन वार्ड के प्रमुख डाक्टर रामपुकार साह संयोजक रहल तीन सदस्यीय छानवीन समिति सोमार के सँझिया गठन कईल रहे । समिति के अनुसन्धान के खातिर तीन दिन के समय देहल गईल रहे ।

छानवीन समिति के सदस्य भी रहल अस्पताल के प्रवक्ता बरिष्ठ चर्मरोग विशेषज्ञ डाक्टर अतुलेश चौरसिया बियफे के दिने सँझिया तक प्रतिवेदन तईयार होखेके बतवले बानी ।

‘ईलाज मे संलग्न सभी कर्मचरी के एक एक करके बयान लेवेके पडि, ओकरा बाद समिति मे छलफल कईल जाई,’ कहत उ, ‘ओकरा खातिर तीन दिन के समय मिलल रहे । अभी भी छलफल मे बानी । सँझिया तक प्रतिवेदन तईयार होखी ।’

नारायणी अस्पताल के प्रमुख मेडिकल सुपरीटेन्डेन्ट डाक्टर संजय ठाकुर प्रक्रिया के ना मान के प्रदर्शन आ नाराबाजी से न्याय खोजल बतवनी ।

‘छानवीन समिति गठन कईल बा, रिपोर्ट तईयार होत बा । नाराबाजी आ प्रदर्शन सुरु भइल बा ,’ कहत उ, ‘माकिर भितर से मात्र छानवीन समिति मे काहे आदमी राखल गईल ? कहके हल्ला कर रहल बाडन ।

अस्पताल के ओरी से करे सकेवाला काम कर रहल बानी । आउर निकाय भी आपन हिसाब से काम करबे करी ।’ अस्पताल जईसन संवेदनशील जगहा मे आके होहलल्ला आ नाराबाजी कईल उचित ना भईल उनकर कहनाम बा ।

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