जीर्ण कारागार मे ३ गुणा बेसी कैदी

रौतहट २१ कातिक
रौतहट के गौर मे रहल जिल्ला कारागार के अवस्था जीर्ण बा माकिर क्षमता से बेसी गुणा बेसी कैदी राखल गईल बा ।
वि.स. १९८१ मे निर्माण भईल ई कारागार के क्षमता १२० कैदी राखे मिलेवाला भईला पर भी अभी ३६० बन्दीसब रहल बाडन ।
क्षमता से तीन गुणा बेसी राखल गईला से खुदसब डर से जीवन काट रहल सिकाईत करत कैदीबन्दी सरकार के ध्यानाकर्षण भी करवले बाडन ।
गर्मी के समय सुते ना सकेवाला कैदीलोग वर्षात भईला के बाद पानी मे भिंजत रहेमे बाध्य होखेलन । हिउँद मे ठण्डी से कठुवावे के अवस्था रहल उलोग के सिकाईत बा ।
कारागार प्रशासन जीर्ण भवन के बारे मे बारम्बार पत्राचार कईला पर भी अभी तक कउनो सुधार ना भईल जनवले बा ।
खिया लाग के भसकल झाल, दुवारी आ कैदी बन्दी के बहुते चाप से रहेमे समस्या बा । ९६ बरीस पुराना कारागार कउनो भी समय भवन भसकके नोक्सान होखे सकेके अवस्था के बीच कैद भुक्तान कर रहल कैदीलोग के कारागार भितर मरिहन कि कहके चिन्ता बढल बा ।
जीर्ण भवन के चलते कैदीलोग के व्यवस्थापन मात्र ना होके सुरक्षाकर्मी आ कर्मचारी के व्यवस्थापन मे भी समस्या आईल गौर कारागार के अधिकृत शम्भुप्रसाद यादव बतवनी ।
कारागार के अवस्था के बारे मे सम्बन्धित निकाय के जानकारी करईला पर भी अभी तक प्रगति ना भईल बतावत अधिकृत यादव कोरोना संक्रमण के समय क्षमता से बेसी कैदी भईला से जोखिम थपाईल बतवनी ।






