कोरोना महामारी के चलते वीरगंज मे घटल छठ के रौनक

वीरगंज ०४ अगहन

कोरोना संक्रमण के जोखिम कायम रहल कहत स्थानीय प्रशासन आ महानगरपालिका छठघाट मे भिडभाड ना करे खातिर निहोरा कईले बा ।

कोभिड महामारी के चलते वीरगंज मे ई बरीस छठ के तईयारी कमजोर देखल गईल बा । लाखो रोपेया खर्च करके छठघाट मे सजावट होत अईला मे ई बरीस छठघाट व्यवस्थापन समितिसब ओईसन नइखन कईले ।

देशभर मे आकर्षक सजावट होखेवाला वीरगंज–१० मे रहल घडिअर्वा पोखरी छठघाट मे ई बरीस कउनो विशेष तईयारी नइखे भईल ।

छठ पूजा व्यवस्थापन समिति के सचिव लखनलाल गुप्ता के मुताविक छठ होखेके÷ना होखेके अन्यौल अवस्था रहे ।

स्थानीय प्रशासन से परामर्श गकईला पर परम्परागत चाड ह, ना करेके कहेके ना मिलल, पूजा करेके माकिर बहुते भिडभाड ना होखेवाला वातावरण मिलावे खातिर निहोरा भईल । ओहिसे सजावट रोक के लाइटिङ के मात्र काम शुरु कईल सचिव गुप्ता बतवनी ।

‘वितल बरीस मे ई समय सजावट के ९५ प्रतिशत काम हो जात रहे, ई बरीस ओईसन कउनो तईयारी नइखे । सुरक्षा के लागि झालर बत्ती लगावल जा रहल बा ।’

सजावट मे १५ लाख के हाराहारी मे खर्च करेवाला घडिअर्वा छठघाट मे सरसफाइ आ बत्ती लगावे खातिर ई बरीस डेढ–दु लाख मात्र खर्च कईल जा रहल बा । खुनदान, चिठ्ठा कार्जक्रम, पण्डाल लगावे के लगायत के गतिविधि स्थगित कईल बा ।

‘आई, अर्घ दिं, पूजाआजा करके घरे जाई । घाट मे बेसी देर ना रहिं कहके सूचना हि जारी कईल जाई,’ कहत सचिव गुप्ता, ‘घाट मे प्रवेश करे खातिर मास्क अनिवार्य कईल बा ।’ आउर सुरक्षा व्यवस्था के खातिर बियफे के दिने सुरक्षा निकाय से छलफल के तईयारी कईल उ बतवनी ।

दशहरा मे कोरोना संक्रमण के जोखिम बा कहके गहवामाई मन्दिर ना खुलल माकिर बाहर भक्तजन के भिड लागल । राजनीतिक दलसब भी सामाजिक दुरी कायम ना करके भीडभाड मे कार्जक्रम करत बाडन ।

छठ के बजार मे भी आदमीसब के बहुते उपस्थिति देखल गईल बा । ओहिसे छठघाट मे मात्र रोक लगईला के साथे अर्थ ना रहल घडिअर्वा के चन्द्रभुषण गुप्ता बतावेलन ।

वीरगंज– १३ के वार्ड अध्यक्ष तुफा फारुक अन्सारी सार्वजनिक सूचना हि जारी करके छठघाट मे बहुते समय ना रहेके, भौतिक दुरी कायम करके पालहा से सूर्य के अर्घ देवे खातिर आ छठ घाट मे ठेला मे भा भुई मे कउनो किसिम के सामान बिक्री ना करे खातिर निहोरा कईले बाडन ।

हरेक ब्रतालु के खातिर छठघाट मे १÷१ थान मास्क वितरण करेके तईयारी भी कईल अन्सारी बतवनी ।

घडिअर्वा मात्र ना, वीरगंज के रानीघाट, आदर्शनगर स्विमिङपुल, मुर्ली पोखरी, नगवा लगायत के नदी तथा पोखरी किनार मे छठ के रौनक कमे देखल गईल बा ।

छठ पूजा व्यवस्थापन समिति रानीघाट के अध्यक्ष रोशन गुप्ता प्रजिअ आ नगर प्रमुख के आग्रह के चलते छठघाट मे कउनो विशेष तईयारी ना कईल बतवनी ।

ब्रतालुलोग के अनिवार्य मास्क पहिन के आवे खातिर निहोरा कईल आ केहु ना पहिन के अईला के बाद घाट मे वितरण करेके तईयारी खुदसब से उ बतवनी ।

वीरगंज–११ के वार्ड अध्यक्ष प्रधुम्न सेढाईं भी छठघाट मे वितल बरीस मे जईसन तईयारी ना कईल बतवनी ।

‘कोरोना महामारी के कारण भिडभाड करेके ना होखी, ओसे सभी छठघाट मे पहिले जईसन सजावट नईखे,’ कहत उ, ‘सकेभर घर मे पर्व मनाई, जगहा ना भईल अवस्था मे मात्र घाट मे आवेके कहल गईल बा ।’

सँस्कृतिविदलोग के मुताविक छठ सामान्य आदमी से साधारण तरिका से मनावे सकेवाला पर्व ह । ई पर्व मे सजावट आ तडकभडक जरुरी नइखे ।

माकिर पिछिलका बरीस मे चाडवाड के नाम पर महँगा गहना आ लुगा पहिनेके, झिलिमिली बनावे के, पण्डाल लगावे के प्रचलन देखल गईल उलोग बतवले बाडन ।

‘छठ आस्था के पूजा ह, नदी तथा पोखरा के किनार मे छठी माता के आराधना आ सूर्य के अर्घ देहल जाला,’ सँस्कृतिविद उमाशंकर द्विवेदी कहनी, ‘छठी माता गरिब, साधारण आदमीसब के देवी हई, साधारण गृहस्थ के खातिर साधारण पूजा करेके ह, शुद्ध होखेके ह, सामान्य कपडा पहिनेके ह ।’

पूजा मे प्रयोग होखेवाला प्रसाद भी सामान्य परिवार से व्यवस्था करे सकेवाला किसिम के रहल उ बतवनी ।

‘ठेकुवा गरिब बना सकत बाडन, रसिआव रोटी खिर जईसन ह, माकिर खिर मे जईसन दूध, छोकडा, अलैंची जईसन मसला ना डालल जाला ।

सुपली, ऊँख, काँच केरा, कागती, ठेकुवा, बोडी, आदी के झार, सेव, जटा भईल नरिबल, भिजावल केराव, अक्षता, पात सहित के मूरई लगायत के प्रसादी जे केहु भी जुटा सकता ।

एक लाख के साडी पहिनेके, गर गहना से सजके जाएके जईसन तडकभडक पिछिलका दिन मे देखल गईल बा, पहिले अईसन ना रहे,’ कहके बतवनी ।

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