वीरगंज के नेपाल इन्डो हस्पिटल मापदण्ड विपरीत, लाखो राजस्व चोरावल आशंका

वीरगंज १९ अगहन

वीरगंज महानगरपालिका– १९ ईनर्वा मे सञ्चालित नेपाल इन्डो हस्पिटल तथा आई सेन्टर प्रालि मापदण्ड विपरीत सञ्चालन भईल मिलल बा ।

शुक के दिने सहायक प्रमुख जिल्ला अधिकारी भीमकान्त पौडेल नेतृत्व के टोली अनुगमन कईला पर अस्पताल आ फार्मेसी सञ्चालन करे खातिर जरुरी कागजपत्र ना भईल, योग्यता ना पुगल, प्रमाणपत्र ना भईल चिकित्सक मिलल रहलन ।

‘सर्टिफिकेट ना भईल, योग्यता ना पुगल, काउन्सिल मे दर्ता ना भईल कर्मचारीलोग अस्पताल मे मिलल रहलन । कुछ कागजपत्रसब भी नियन्त्रण मे लेहल गईल बा’ पौडेल कहनी । उ अस्पताल मे स्वास्थ्य कार्यालय, आन्तरिक राजश्व कार्यालय भी आउर अनुसन्धान करेके देखल गईल बतवनी ।

अनुगमन टोली सबसे पहिले फार्मेसी के अनुगमन कईले रहे । अस्पताल के गेट से घुसते मातर फार्मेसी बा । फार्मेसी मे दवाई बेंचे खातिर फार्मेसी पढल भा औषधी व्यवस्था विभाग से व्यवसायिक तालिम लेहल आदमी होखेके चाहिं । माकिर दवाई बेंचेवाला आदमी तालिम प्राप्त ना रहलन ।

ल्याब मे भी योग्यता ना पुगल, काउन्सिल मे दर्ता ना भईल आदमी हि जाँच करके रिपोर्ट देरहल मिलल बा । अनुगमन टोली कुछ परीक्षण रिपोर्ट जफत कईले बा ।
आकस्मिक कक्ष मे नर्सिङ काउन्सिल मे दर्ता ना भईल आदमी बईठल मिलल बा । लेखा से दु किसिम के बिलिङ हो रहल मिलल अनुगमन टोली के एक सदस्य बतवनी ।

अस्पताल मे शय्यासब बीच के दूरी भी मापदण्ड मुताविक ना भईल अनुगमन मे गईल स्वास्थ्य कार्यालय के प्रतिनिधि बतवनी । अस्पताल से ल्याब दर्ता प्रमाणपत्र, अस्पताल सञ्चालन के प्रबन्धनपत्र भी देवे ना सकल अनुगमन टोली जनवले बा ।

अस्पताल के सञ्चालक, लेखा तथा प्रशासन के जिम्मेवार कर्मचारीलोग सम्पर्क मे आवेके ना चाहल आ आउर कर्मचारी आ कार्यालय सहजोगी मार्फत कागजपत्र पठवले रहलन ।

वीरगंज महानगरपालिका के स्वास्थ्य तथा सामाजिक विकास महाशाखा ११ बेड के अस्पताल के २५ बेड मे स्तरोन्नति करत सेवा विस्तार करेके स्वीकृति देहले रहे ।

‘मापदण्ड पूरा भईला के बाद नवीकरण करेके चाहिं, माकिर वीरगंज महानगरपालिका के स्वास्थ्य महाशाखा निम्न बातसब सुुधार करेके कहत नवीकरण कईले बा । स्वास्थ्य महाशाखा के गतिविधि भी शंकास्पद बा’ अनुगमन मे सहभागी एक सदस्य कहनी ।

प्रमुख जिल्ला अधिकारी आस्मान तामाङ मापदण्ड पूरा ना करके अस्पताल सञ्चालन कईल आ कर छली भी कईला से सञ्चालक के उहे मुताविक कारबाही होखेके बतवनी ।

‘फार्मेसी मे फार्मेसिस्ट नइखन, ल्याब मे ल्याब टेक्निसियन नइखन । नेपाल सरकार से तोकल आधारभूत मापदण्डसब पूरा ना भईल मिलल बा ।

कम्युटराइज्ड बिलिङ ना करके म्यानुयल बिलिङ कईल गईल बा’ कहत उ, ‘अस्पताल मे मरेजी ईलाज करा रहला से बन्द नइखे कईल गईल, लेखा के सिल कईल गईल बा । लेखा से सम्बन्धित विषय मे आन्तरिक राजश्व कार्यालय आउर अनुसन्धान करी । बहुते कर छली के आशंका बा ।’

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