अदालत के निष्पक्षता, स्वच्छता उपर आँच आवेवाला समाचार सम्प्रेषण ना करे खातिर न्यायाधीश के निहोरा

वीरगंज २३ माघ
जिल्ला अदालत पर्सा के आयोजना मे पर्सेली सञ्चारकर्मी सँगे एक दिने बतकही कार्जक्रम पुरा भईल बा ।
कार्जक्रम मे न्यायाधीश धर्मराज पौडेल सञ्चारकर्मीलोग के सही सूचना देवे खातिर निहोरा कईले रहनी । अदालत के निष्पक्षता, स्वच्छता उपर आँच आवेवाला समाचार सम्प्रेषण ना करे खातिर निहोरा कईले रहनी ।
न्यायाधीश पौडेल काम कारवाही उपर न्यायाधीशलोग इमानदार रहल माकिर बाहर हावा के चलते अदालत फुहर लउके लागल आरोप जनमानस मे छईला से सञ्चारकर्मीलोग सत्यतथ्य आ संवेदनशिल होके कलम चलावे खातिर निहोरा कइनी । उ पहिले के बराबरी मे अभी फैसला कार्यान्वयन पक्ष तदारूकता के साथ अगाडि बढल दाबी करत कुछ फैसला कार्यान्वयन, दण्ड, जरिवाना असुल होखे ना सकला के कारण भारतीय नागरिक भी रहल उ बतवनी । भारतीय नागरिक हुन्डी कारोबारीलोग से दण्ड, जरिवाना असुल करेके भईला से उलोग बाहर रहला के चलते असुल होखे ना सकल उनकर कहनाम रहे ।
कार्जक्रम मे न्यायाधीश पौडेल पर्याप्त कर्मचारी ना भईला से कामकारबाही प्रभावित भईल बतवनी । ‘न्यायाधीश के संख्या थपल गईल माकिर कर्मचारी के दरबन्दी ना थपईला से समस्या बा । एगो इजलास मे कम्ती मे ५ जने कर्मचारी चाहिं माकिर हमनी लग २÷३ जने कर्मचारी से काम चलावेके बाध्यता बा’ कहके बतवनी ।
कार्जक्रम मे सञ्चारकर्मीलोग अदालत के कर्मचारीलोग न्यायाधीश के नाम बेंचके पईसा माग रहल, आर्थिक लेनदेनविना मुद्दा फैसला ना होरहल, पईसा के बल मे निर्दोष आदमी भी कारवाही मे पड रहल लगायत के सिकाईत कईले रहलन ।
कार्जक्रम मे पर्सा जिल्ला अदालत से बिलत समय मे कईल गईल काम आ मुद्दासब के बारेमे एगो विवरण देहले रहलन ।
उ विवरण मुताविक जिल्ला अदालत ४ हजार ७ सय ६१ गो मुद्दा फर्छ्यौट होखेके बाँकी रहल बा, जउना मेसे २ बरीस से बेसी पुगल मुद्दा हि ५ सय ६८ गो रहल बा ।
जिल्ला अदालत के मुताविक १८ महिना से २ बरीस भितर के ६ सय ९४, १ बरीस से १८ महिना भितर के १ हजार ३१ गो, ६ महिना से १ बरीस भितर के ८ सय ८७ आ ६ महिना भितर के १ हजार ५ सय ८१ गो मुद्दा फर्छ्यौट होखेके बाँकी बा ।
अदालत चालु आर्थिक बरीस के पुस मसान्त तक १ हजार ८ सय ९५ गो मुद्दा दर्ता भईला मे १ हजार १ सय ४५ गो मुद्दा के छिनोफानो कईले बा । पर्सा जिल्ला अदालत मे ९ गो इजलास से मुद्दा के फैसला होत आईल बा ।
पर्सा जिल्ला अदालत से फैसला भइल १ हजार १ सय २ गो निवेदन फर्छ्यौट होखेके बाँकी बा । जउना मे ६ महिना से बेसी पुगल ८ सय आ ६ महिना भितर के ३ सय २ गो मुद्दा बा । पुस मसान्त तक मे क्षतिपूर्ति भरावेके आ अदालती शुल्क भरावेके शीर्षक बाहेक मे ३ सय ७५ गो फैसला कार्यान्वयन सम्बन्धी निवेदन पडल बा । उहे समय मे अदालत १ सय ६६ गो फैसला कार्यान्वयन सम्बन्धी निवेदन के छिनोफानो लगवले बा । कोभिड महामारी, जनशक्ति के असुरक्षा आ भारतीय नागरिक स्वदेश गईला के चलते फैसला कार्यान्वयन के लक्ष्य पूरा होखे ना सकल तहसिलदार विनोद पोखरेल बतवनी ।
अदालत से ९८ करोड ३१ लाख ५९ हजार ३ सय ४ रोपेया जरिवाना असुल करेके बाँकी बा । विशेष अभियानमार्फत चालु आर्थिक बरीस के पुस महिना तक मे १ करोड ३४ लाख ४९ हजार ४ सय ८९ रोपेया असुल भईल तहसीलदार पोखरेल बतवनी ।
कार्जक्रम मे न्यायाधीश भोलाप्रसाद ढकाल, नारायण शर्मा, माधवप्रसाद मैनाली, हरिकृष्ण श्रेष्ठ, राजेशकुमार कटुवाल, उद्धवप्रसाद गजुरेल, श्रेस्तेदार कृष्णप्रसाद अधिकारी, तहसीलदार विनोद पोखरेल लगायत के सहभागिता रहल रहे ।






