लक्ष्य प्राप्ति भईला के बाद धान खरीद काम बन्द

वीरगंज २६ फागुन
नेपाल सरकार के स्वामित्व मे रहल खाद्य व्यवस्था तथा व्यापार कम्पनी लिमिटेड शाखा कार्यालय वीरगंज से लक्ष्य प्राप्ति भईला के बाद किसान सँगे धान खरीद करेके काम बन्द कईले बा । कार्यालय से एक सूचना प्रकाशित करके सङ्घीय सरकार से तोकल लक्ष्य प्राप्ति भईला से फागुन २० गते दिनके १ बजे से धान खरीद करे खातिर बन्द कईल जानकारी करावल गईल उ कार्यालय के शाखा प्रमुख विकाश कटुवाल बतवनी ।
सङ्घीय सरकार से चालू आर्थिक बरीस मे ३५ हजार क्वीन्टल सोना मन्सुली धान किनेके लक्ष्य देहला मे कार्यालय से तोकल गईल समय भितर रु १० करोड ९ लाख ७५ हजार मूल्य बराबर के ३५ हजार क्वीन्टल सोना मन्सुली धान खरीद करके लक्ष्य मिलल बा । पाँच हजार क्वीन्टल जिरामसिनो धान खरीद करेके लक्ष्य मिलला मे रु तीन लाख ४१ हजार मूल्य बराबर के ११८ क्वीन्टल मात्र जिरामसिनो धान खरीद करे सकल बा ।
ई क्षेत्र मे जिरामसिनो धान के खेती कम मात्रा मे होखेवाला तथा निजी जिल्ला व्यापारी से कम दररेट मे जिरामसिनो धान खरीद करेवाला भईला से लक्ष्य प्राप्ति होखे ना सकल उ कार्यालय के सूचना अधिकारी मुनिलाल कुशवाहा बतवनी । कार्यालय चालू आर्थिक बरीस मे सोना मन्सुली धान प्रति क्वीन्टल रु दु हजार ८८५ र जिरा मसिनो धान प्रतिक्वीन्टल दु हजार ९०० मे खरीद कईले बा । पिछिलका बरीस से ई बरीस सोना मन्सुली धान खरीद के मूल्य आठ प्रतिशत से बेसी भईल माकिर जिरामसिनो धान पाँच प्रतिशत से कम मूल्य निर्धारण कईल रहे ।
अगहन ११ गते से संस्थान किसान से धान खरीद शुरु कईला के बाद तीन महिना १० दिन भितर लक्ष्य प्राप्ति कईले रहे । ई पालि करीब ८०७ जने किसान संस्थान के धान बेंच के आर्थिक लाभ लेवेमे सफल भईल कार्यालय जनवले बा । एगो किसान औसत ४४ क्वीन्टल तक धान बेंचले रहलन । पिछिलका आव मे संस्थान से सोना मन्सुली धान रु २५ हजार क्वीन्टल आ जिरामसिनो धान ३२ क्वीन्टल खरीद कईले रहे ।
खरीद कईल धान कुटानी करके चाउर बनावे के काम हो रहल बा । इहाँ से उत्पादित चाउर वीरगंज, रौतहट, भीमफेदी आ चितवन कारागार मे लेजाईल जाला आ बाँकी रहल चाउर नेपाल के आउर शाखा कार्यालय मे तथा कर्णाली प्रदेश तक जाईल जाला ।
कार्यालय से अचानक सूचना प्रकाशित करके धान खरीद काम स्थगित कईला पर भी फाटफुट रूप मे किसान धान बेंचे खातिर उ कार्यालय मे आवेवाला भईला पर भी धान खरीद काम बन्द कईला के बाद किसान निराश होके घर जाएमे बाध्य भईल बाडन ।






