वीरगंज नाका मे परीक्षण कईला पर दु जने मे ‘एन्टिजेन पोजिटिभ’

वीरगंज ३० चईत
वीरगंज नाका मे परीक्षण के समय मे दु जने मे एन्टिजेन पोजिटिभ देखल गईल बा । भारत के झारखण्ड से आईल २८ बरीस के जनानी आ वीरगंज– १३ के ३४ बरीस के पुरुष मे एन्टिजेन पोजिटिभ पुष्टि भईल बा ।
झारखण्ड से मरद से भेट करे आईल जनानी के कोरोना संक्रमण पुष्टि भईला के बाद भारत ओरी हि फिर्ता करेके तइयारी हो रहल बा आ ३४ बरीस के पुरुष होम आइसोलेसन मे रहत बाडन । जनानी मे कउनो किसिम के लक्षण देखल गईल नईखे आ पुरुष के १०० डिग्री बोखार आईल बा ।
हेल्थ डेस्क मे कार्यरत हेल्थ असिस्टेन्ट सैनुल्लाह हवारी शुरु मे उ जनानी एन्टिजेन परीक्षण करावेके ना मानल बतवनी । ‘चेक करावे खातिर ना मानत रहली, जाँच ना कराके जाए ना देवेके अडान लेहला के बाद परीक्षण के खातिर तइयार भईल रहनी ।’ कहत उ ‘बाद मे त उनका मे हि एन्टिजेन पोजिटिभ पुष्टि भईल ।’
हेल्थ डेस्क संक्रमित मिलला के बाद व्यवस्थापन मे समस्या हो रहल हेल्थ डेस्क मे कार्यरत स्वास्थ्यकर्मीलोग बतवले बाडन । जिम्मेवार आदमी ना तोकला से खुदसब के समस्या भईल उलोग बतवले बाडन ।
‘संक्रमित के जिम्मेवारी न नारायणी अस्ताल लि, ना महानगरपालिका हि । महानगर नारायणी अस्पताल के कहले बा कहेलन, माकिर नारायणी लेवेके नइखे मानत,’ हेल्थ असिस्टेन्ट हवारी कहनी, ‘इहाँ चेकजाँच करेके कि संक्रमित के व्यवस्थापन मे लागेके ? समस्या होखी ।’
भारतीय नागरिक के भारत ओरी हि भेजावेके आ नेपाली नागरिक के होम आइसोलेसन मे रहे खातिर सुझाव देके पठावेके उ बतवनी । वीरगंज नाका होत बंगाल, उत्तर प्रदेश, मद्रास, दिल्ली, मुम्बई, तमिलनाडु से आदमी आ रहल बाडन । सोमार के दिन तक हेल्थ डेस्क मे ६० जने के एन्टीजेन परीक्षण कईल बा ।
‘सभी आदमी के चेक करेके नइखी भ्यात, चेक करे गईला पर आदमीसब भाग रहल बाडन ।’ हेल्थ असिस्टेन्ट हवारी कहनी, ‘कोरोना के केस बढ रहल बा, बोर्डर सिल करेके बा भा अभी भी व्यवस्थित करेके बा । माकिर जलदी करेके पडि । अन्यथा स्थिति बिगड सकता ।’
एने, वीरगंज महानगरपालिका के नगर प्रमुख विजय कुमार सरावगी सिरियस अवस्था ना होके अस्पताल लेजाए ना पडेके बतवनी । ‘नाका मे पोजेटिभ केस मिलल, सम्बन्धित पालिका से समन्वय करके होम आइसोलेसन मे पठावेके ह । एकदम सिरियस बा तबे अस्पताल पठावेके कहल गईल बा ।’ कहत उ ‘भारतीय नागरिक के त फिर्ता हि पठावेके पडि ।’ महानगरपालिका खरिद कईल दु गो एम्बुलेन्स अइला के बाद संक्रमित के व्यवस्थापन मे खासे समस्या ना होखेके तर्क उनकर बा ।
कोभिड–१९ संकट व्यवस्थापन केन्द्र ‘डीसीसीएमसी) पर्सा के एतवार के दिने बईठल बईठक से नाका के हेल्थ डेस्क मार्फत स्वास्थ्य जाँच आ अभिलेख के आउर प्रभावकारी बनावे के निर्णय कईले बा । माकिर जनशक्ति अभाव के चलते हेल्थ डेस्क के स्वास्थ्यकर्मी सभी के चेकजाँच करे नइखन सकत ।
एहितरे पर्सा के प्रमुख जिल्ला अधिकारी पिताम्बर घिमिरे जनशक्ति थप के भईला पर भी हेल्थ डेस्क के व्यवस्थित करेके बतवनी । ‘जरुरत के आधार मे हेल्थ डेस्क मे एन्टीजेन परीक्षण के व्यवस्था मिलावल गईल बा, सर्वसाधारण के आवागमन के कम करे खातिर प्रयास हो रहल बा ।’ कहत उ ‘जनशक्ति कम भईल बा, आउर जनशक्ति परिचालन करे खातिर महानगरपालिका के निहोरा कईल गईल बा ।’






