नेशनल रामजी राम के थमवलख ८ लाख ७३ हजार के बिल, फारम भरेमे रोक

वीरगंज १३ असाढ
रौतहट के गढीमाई नगरपालिका–९ घर भईल रामजी राम वीरगंज स्थित नेशनल मेडिकल कलेज मे चिकित्सा शिक्षा शास्त्र अध्ययनरत बाडन । नेपाल सरकार के छात्रवृत्ति मे डाक्टरी पढल उ अन्तिम बरीस के परीक्षा फारम भरे मिलल नईखे ।
असाढ २२ गते तक परीक्षा फारम भरेके भईला से कलेज प्रशासन ओकरा से पहिले हि उ ८ लाख ७३ हजार ५९० रोपेया तिरेके कहले बा ।
कलेज वार्षिक शुल्क ५ लाख ९८ हजार ५० रोपेया, होस्टल शुल्क ५५ हजार ४ सय २१ रोपेया, खाना खर्च २ लाख १० हजार ३ सय १९ रोपेया आ इन्टरनेट के ९ हजार ८ सय रोपेया तिरेके बाँकी देखवले बा ।
सरकारी छात्रवृत्ति मिलला से खुद कलेज के वार्षिक शुल्क तिरे ना पडेके उनकर दाबी बा । ‘हमरा कलेज के खाईल आ रहल पईसा मात्र तिरेके बा । होस्टल फी, मेस आ इन्टरनेट के ८ लाख ११ हजार ५०० तिरले रहनी ।’
कलेज अन्तिम बरीस मे अध्ययनरत पंकजकुमार राम सँगे २ लाख २९ हजार ९५० रोपेया, चउथका बरीस के रुकेशकुमार राम सँगे ६ लाख १४ हजार ५०० रोपेया आ तिसरका बरीस के प्रमोदकुमार राम सँगे ६ लाख ६०० रोपेया मँगले बा ।
उनका मुताविक कलेज खुद सँगे आउर रकम असुल करे खातिर फेनु होस्टल, खाना खर्च आ इन्टरनेट के पईसा लेवेके बाँकी देखवले बा ।
छात्रवृत्ति मिलललोग सँगे लेवे ना मिलेके कहल भर्ना शुल्क, शिक्षण शुल्क, परीक्षा शुल्क, रजिष्ट्रेसन शुल्क, पुस्तकालय शुल्क, प्रयोगशाला शुल्क, अतिरिक्त परीक्षा शुल्क करके १ लाख ८४ हजार ९ सय ५० रोपेया खुद के तिरे लगावल भी रामजी बतवनी ।
चिकित्सा शिक्षासम्बन्धी राष्ट्रिय नीति तर्जुमा उच्चस्तरीय कार्यदल के प्रतिवेदन २०७२ मे छात्रवृत्ति मिलल विद्यार्थी से परीक्षा, काउन्सिल, भर्ना, पुस्तकालय, प्रयोगशाला आदि लेवे ना मिलेके उल्लेख बा । ई व्यवस्था के तत्कालिन मन्त्रिपरिषद के सामाजिक विकास समिति के ०७२ भादो ३१ गते बईठल बईठक से स्वीकार कईले बा ।
चिकित्सा शिक्षा आयोग ०७७ पुस २६ गते नेशनल मेडिकल कलेज के पत्राचार करत रामजी राम के शुल्क विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से तिरल कहत परीक्षा मे सामेल करावेके कहले रहे ।
नेशनल मेडिकल कलेज मे विश्व विद्यालय अनुदान आयोग के विशेष छात्रवृत्ति मे रामजी सहित ५ जने चिकित्सा शिक्षा संकाय मे अध्ययनरत बाडन । पहिलका बरीस के परीक्षा देके रहल विद्यार्थी बाहेक आउर चार जने कलेज से लेवेवाला अतिरिक्त शुल्क के मार मे बाडन ।
कलेज अन्तिम बरीस मे अध्ययनरत पंकजकुमार राम सँगे २ लाख २९ हजार ९५० रोपेया, चउथका बरीस के रुकेशकुमार राम सँगे ६ लाख १४ हजार ५०० रोपेया आ तिसरका बरीस के प्रमोदकुमार राम सँगे ६ लाख ६०० रोपेया मँगले बा ।
ई बेर भी फर्म भरे ना मिलला से बितल बरीस के जईसन अवस्था आई कि कहके चिन्ता से पंकज राम के सतवले बा । शुल्क ना तिरल कहत कलेज फर्म भरेमे रोक लगईला के बाद बितल बरीस उलोग के परीक्षा हल मे प्रवेश हि ना मिलल ।
एकर चौतर्फी विरोध भईल आ चिकित्सा शिक्षा आयोग से निर्देशन देहला के बाद परीक्षा देवेके मिलल । ‘२७ दिन के बाद परीक्षा बा, फर्म भरेके समय असाढ २२ गते तक मात्र बा । कलेज सरकार से ना लेवेके कहल शुल्क माग के फर्म भरेमे रोक लगवले बा,’ कहत उ, ‘फर्म भरे ना मिलला पर एक बरीस ओईसहि बेकार जाई । चउथका बरीस भी अईसहि समस्या आके पूरक परीक्षा देवेके पडल ।’
कलेज के प्रबन्ध निर्देशक बसरुद्धिन अन्सारी विशेष छात्रवृत्ति मे पढल विद्यार्थीलोग समस्या लेके खुद लग अईला के बदले मिडिया मे जाके अनावश्यक दुःख देरहल टिप्पणी कइनी ।
‘हमनी के समस्या के बारे मे जानकारी ना देवेलन, मिडिया मे पहिले जालन, समस्या हि जानकारी ना भईला के बाद कईसे समधान करेके ?’ कहत उ, ‘सम्बन्धित फाँट के कर्मचारी पारिवारिक समस्या के चलते बाहर बाडन, अईला के बाद का समस्या बा बुझके समाधान के प्रयास करेम ।’






