प्रतिगमन विरुद्ध एकताबद्ध होखे खातिर पाँच दलद्वारा संयुक्त अहवान

वीरगंज १९ असाढ

प्रतिगमन विरुद्ध एक जुट होखे खातिर पर्सा के पाँच राजनितीक दल संयुक्त आहवान कईले बा ।

करिब ७ दशक के निरन्तर के जनसंघर्ष के बाद स्थापित संघीय लोकतान्त्रिक गणतन्त्रात्मक शासन व्यवस्था, संविधानसभा से निर्मित संविधान, विधि के शासनप्रणली आ समाजवाद उन्मुख समृद्धि के मार्गचित्र के विलुप्त करके फेन करिया दिन के खातिर अन्हार सुरुङ्ग भितर देश के धकेलेके वर्तमान संघीय सरकार आ शितल निवास के भूमिका विरुद्ध हमनी ५ राजनैतिक दलसब मोर्चावद्ध होके सभी के एकजुट होखे खातिर आहवान करत पर्सा के पाँच राजनितीक दल संयुक्त वक्तव्य निकलले बाडन ।

नेपाली काँग्रेस पर्सा के उपसभापति प्रकाश कुमार उपध्याय, नेकपा माओवदी केन्द्र के प्रदेश समिती सदस्य छोटेलाल यादव, नेकपा एमाले पर्सा के अध्यक्ष बालगोपाल थापा, जनता समाजवादी पार्टी पर्सा के अध्यक्ष रामनरेश यादव आ राष्ट्रिय जनमोर्चा पर्सा के अध्यक्ष अक्षेलाल साहद्वारा हस्ताक्षरीत संयुक्त वक्तवय मे पर्सा जिल्ला मे भी पाँच राजनितीक दलसब २०७८ असाढ १७ गते बईठक बईठके एक जुट होके अगाडि बढे खातिर एकताबद्ध भईल बानी । जिल्ला भितर के स्थानियतह के पार्टी अगुवालोग के भी इहे मुताविक एक जुट होके अगाडि बढे खातिर वक्तव्य मे उल्लेख बा ।

उहे वक्तव्य मे वितल समय के अनेकन आन्दोलनसब (संयुक्त जनआन्दोलन, सशस्त्र विद्रोह, मधेश आन्दोलन, आदिबासी जनआन्दोलन आदि) से मिलल उपलब्धीसब आजु फेनु छिनेके आ निरंकुशता के इतिहास दोहरावेके षडयन्त्र सहित निर्वाचित प्रतिनिधि सभा बेर–बेर विघटन कईल जा रहल बा । एकरा से संविधान के हुर्मत लेवेके काम भईल बा आ कानुनी राज्य के खिल्ली उडावल गईल बा । सुशासन देवे ना सकेवाला आदमी के हाथ मे राज्यसत्ता के नेतृत्व के परिणाम आजु के स्थिति ह ।

इकरा से देश गम्भिर संकट मे पडल बा आ एकरा से राष्ट्रियता, सार्वभौमसत्ता, भौगोलिक अखण्डता अदि सभी खतरा मे पडल हमनी के ठहर बा । यसर्थ, संविधान के रक्षार्थ आ संघिय लोकतान्त्रिक गणतन्त्र के संस्थागत विकास के खातिर प्रतिगमन विरुद्ध खडा भईल कत्र्तव्य मनले बानी आ एकजुट भईल बानी उल्लेख कईल बा । विश्वव्यापी माहामरी के रुप मे फईलल कोरोना भाईरस (कोभिड –१९) शुक तक ९ हजार १ सय ८९ जने नेपाली के नेपाल मे आ नेपाल बाहर ५ सय से बेसी के ज्यान लेहले बा । मृतक सभी उपर हार्दिक श्रद्धाञ्जली ।

ई महामारी से विश्व के अर्थतन्त्र के संकट मे पुगवले बा । हमनी नेपाली आ नेपाल केतना पिडा मे बानी, सभी बुझल बानी । एकरा उपर राज्य जेतना गम्भिर होखेके, पुर्व तईयारी करेके, रोकथाम तथा ईलाज के उपायसब करेके जेतना अबलम्बन कईल ना देखल गईल । आउर राहत के नाम मे भ्रष्टाचार आदि देखला पर घृणा जाग के आई ।

राहत स्वरुप संकलन भईल सहजोग कहा वितरण होखी ? केकरा मिली ? साथे केतना आई ? कउनो हिसाब किताब ना होखी । ई सभी के विरुद्ध हावाज उठावल जाँव, कोभिड–१९ विरुद्ध एकजुट होके अगाडि बढल जाँव आ स्वास्थ्य मापदण्ड पालना करके कोरोना से बँचल जाँव ।

साथे सभी लक्षित नेपाली जनता के जलदी से जलदी खोप उपलब्ध करावे खातिर नेपाल सरकार से जोडदार माँग करत बानी बक्तव्य मे कहल गईल बा । बक्तव्य मे प्राकृतिक प्रकोप चट्याङ्ग, बाढ आ पहिरो सम्बन्ध मे साथे अनेकन आन्दोलन मे पुलीस हस्तक्षेप के प्रतिवाद कईल बा ।

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