नारायणी अस्पताल मे अक्सिजन प्लाण्ट सञ्चालन

वीरगंज १६ भादो
वीरगंज के नारायणी अस्पताल मे अक्सिजन प्लाण्ट सञ्चालन मे आईल बा । दैनिक १ सय ४ सिलिण्डर अक्सिजन उत्पादन करेवाला क्षमता के अक्सिजन प्लाण्ट बुध से सञ्चालन मे आईल बा ।
बुध के दिने पर्सा क्षेत्र नम्बर २ के सांसद विमल श्रीवास्तव के स्थानीय पूर्वाधार विकास साझेदारी कार्जक्रम से उपलब्ध करावल गईल रोपेया से वीरगंज महानगरपालिका कार्यालय अस्पताल मे अक्सिजन प्लाण्ट निर्माण कईले बा ।
पूर्व श्रम तथा रोजगार मन्त्री विमल श्रीवास्तव जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) के राष्ट्रिय अध्यक्ष उपेन्द्र यादव के चलते मन्त्रिपरिषद विस्तार होखे ना सकल आरोप लगवनी । उपेन्द्र खुद के उपप्रधानमन्त्री देवेके अडान रखला के बाद मन्त्रिपरिषद विस्तार होखे ना सकल उनकर आरोप बा । एहितरे नेता श्रीवास्तव यादव के ’मधेस बेचुवा’ आ ’बहुरुपीया’ के संज्ञा देहले बाडन । २०७४ के स्थानीय तह के निर्वाचन मे श्रीवास्तव तत्कालीन विजय गच्छदार के पार्टी मधेसी जनअधिकार फोरम लोकतान्त्रिक से वीरगंज महानगर के मेयर मे चुनाव लडल रहलन । मेयर मे पराजित भईला के बाद २०७४ मे भईल प्रतिनिधिसभा निर्वाचन के पूर्व सन्ध्या मे श्रीवास्तव के उपेन्द्र यादव महोत्तरी बर्दिवास के एक होटल मे बोलाके आपन पार्टी मे प्रवेश कईले रहलन ।
श्रीवास्तव के स्थानीय पूर्वाधार साझेदारी कार्जक्रम अन्तर्गत १ करोड ५० लाख रोपेया आ महानगरपालिका के १२ लाख रोपेया करके कुल १ करोड ६२ लाख रोपेया के लागत मे अस्पताल मे अक्सिजन प्लाण्ट निर्माण कईल बा ।
बुध के दिने सांसद श्रीवास्तव उदघाटन कईला सँगे अक्सिजन प्लाण्ट सञ्चालन मे आईल अस्पताल के निमित्त मेसु डाक्टर वीरेन्द्र प्रधान बतवनी । उ प्लाण्ट से दैनिक १ सय ४ सिलिण्डर अक्सिजन उत्पादन होखेके उ जानकारी देहनी ।
अस्पता अक्सिजन उत्पादन करे लागला के बाद मरेजी के ईलाज मे अब पहिले के जईसन समस्या ना होखेके अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डाक्टर उदयनारायण सिंह बतवनी । अस्पताल के कोभिड संयोजक भी रहल डाक्टर सिंह कहनी, ‘पहिलका लहर से भी दुसरका लहर मे अक्सिजन समय मे अस्पताल मे आपुर्ति ना भईला पर कैयन मरेजी के ज्यान गईल रहे, माकिर अब अक्सिजन के कमी मे केहु भी मरेजी ज्यान गँवावे के ना पडि ।’
सिंह के मुताविक, कोभिड संक्रमण के दुसरका लहर मे संक्रमण उच्च भईला से मरेजी के चाप बहुते रहे । बाहर से अक्सिजन मँगावेके बाध्यता रहे । समय मे अक्सिजन आपुर्ति होखे ना सकला पर आ अक्सिजन ना पुगला से कैयन के मृत्यु भईल रहे । माकिर अब अस्पताल खुदे प्लाण्ट निर्माण करके सञ्चालन मे लिअईला से समस्या ना होखेके बतवनी ।
उ अक्सिजन प्लाण्ट से अस्पता के जरुरी पडेवाला परिमाण के अक्सिजन उत्पादन करेके बतवनी । अक्सिजन प्लाण्ट सञ्चालन मे अईला के बाद अस्पताल के आर्थिक भार भी घटल निमित्त मेसु डाक्टर प्रधान बतवनी । कहत उ, ‘दुसरका लहर के समय अक्सिजन खरिद मे मात्र अस्पताल के १ करोड रोपेया से बेसी खर्च भईल रहे, माकिर अब अपने प्लाण्ट सञ्चालन मे अईला के बाद अक्सिजन खरिद मे लागला से अस्पताल के रोपेया बँची ।
मरेजी के बेड तक अक्सिजन पाइपलाइन
नारायणी अस्पताल मे अनेकन दातालोग के सहजोग मे अक्सिजन पाइपलाइन भी जडान कईल बा । व्यापारिक घरानासब से उपलब्ध करावल ७० लाख रोपेया से बेसी के लागत मे अस्पताल के सभी वार्ड मे अक्सिजन पाइपलाइन जडान कईल बा । मरेजी राखेवाला शैया तक हि पाइपलाइन जडान भईला के बाद नारायणी अस्पताल मे अब मिरेजी के ईलाज के समय मे अक्सिजन देवेके भईला पर भी अक्सिजन सिलिण्डर लादेके झण्झट भी हटल बा ।
त्रिवेणी ग्रुप २३ लाख रोपेया के लागत मे बाल सघन चिकित्सा कक्ष मे, क्याल ग्रुप २० लाख रोपेया के लागत मे मेडिकल वार्ड मे, नेपाल फर्मास्युटिकल्स कम्पनी १७ लाख रोपेया के लागत मे सर्जिकल वार्ड मे पाइपलाइन जडान कईले बा ।
एहितरे सूर्य नेपाल टोबाको के १३ लाख रोपेया के सहजोग आ अस्पताल के आपन रोपेया से आकस्मिक कक्ष आ एचडीयू वार्ड मे भी पाइपलाइन जडान कईल निमित्त मेसु डाक्टर प्रधान बतवनी ।





