बीरगंज–पथलैया–अमलेखगंज सडक खण्ड मे सवारी साधन के चाप बढला से बाघ के घुमफिर मे समस्या

प्रभु यादव

बारा २६ भादो

बीरगंज–पथलैया–अमलेखगंज सडक खण्ड मे सवारी साधन के चाप बढला से बाघ के घुमफिर मे बाधा पुगल एक अध्ययन से देखवले बा ।

पर्सा राष्ट्रिय निकुञ्ज के एगो भाले बाघ मे रेडियो कलर जडान करके जारी अनुगमन आ अध्ययन से अईसन देखवले बा ।

वन मन्त्रालय, अमेरिकी युनिभर्सिटी तथा राष्ट्रिय प्रकृति संरक्षण कोष के संयुक्त लगानी मे बाघ के गतिविधि निगरानी कईल गईल बा ।

पर्सा राष्ट्रिय निकुञ्ज के प्रमुख संरक्षण अधिकृत मनोज कुमार साह बारा के हल्खोरिया दह क्षेत्र मे रहत आईल करिब ८ बरीस के उ भाले बाघ मे बितल फ्रेबुअरी १४ तारेख मे डाट करके रेडियो कलर जोडल गईल रहे ।

दुसरका चरण के निषेधाज्ञा मे उ बाघ बहुते बेर त्रिभुवन राजपथ आरपार करके निकुञ्ज के पूर्वपश्चिम क्षेत्र मे आवागमन कईल मिलल बा । निषेधाज्ञा अगाडि उ बाघ राजमार्ग पार करके निकुञ्ज के पश्चिम क्षेत्र मे एक बेर भी आईल ना देखल गईल कहत साह निषेधाज्ञा मे राजमार्ग मे सवारी साधन के चाप घटला के बाद उ बाघ एक दर्जन से बेसी बेर आवागमन कईल देखल गईल बतवनी ।

एकरा से बाघ मात्र ना होके आउर वन्य जन्तु के निर्वाध रूप मे आवागमन मे भी राजमार्ग मे चलेवाला सवारी के साधन के बहुते चाप से बहुते अवरोध कईल पुष्टि होखेके साह बतवनी ।

कुछ दिन पहिले उ बाघ निकुञ्ज के पश्चिमी भाग से त्रिभुवन राजपथ पार करके बारा के रतनपुरी ओरी गईल देखल गईल बा । करिब ४ बरीस पहिले हल्खोरिया दह क्षेत्र सँगे बारा के राष्ट्रिय वन के बडका भाग मिलाके आरक्ष निकुञ्ज मे स्तरोन्नति भईला के बाद बिस्तारित क्षेत्र मे बाघ के गतिविधि बढल बा ।

राष्ट्रिय प्रकृति संरक्षण कोष के प्रमुख संरक्षण अधिकृत डा.आशिष गुरुङ पर्सा निकुञ्ज मे पहिलका बेर रेडियो कलर जडान करके बाघ के गतिविधि निगरानी कईल बतवनी । संरक्षण तथा वृद्धि के खातिर कईल प्रयास के चलते पर्सा राष्ट्रिय निकुञ्ज मे एक दशक मे बाघ के संख्या करिब ४ गुणा से बढल बा ।

सन् २००९÷२०१० मे कईल गणना मे पर्सा राष्ट्रिय निकुञ्ज मे केवल ४ बयस्क बाघ रहला मे अभी उ संख्या बढके १९ पुगल बा ।

संख्या मे वृद्धि भईला सँगे बाघसब आहारा के खोजी मे निकुञ्ज आसपास के राष्ट्रिय वन मे भी प्रवेश कर रहल बाडन । बितल बरीस पूर्वपश्चिम राजमार्ग के पथलैया–निजगढ सडक खण्ड मे कार के ठोकर से एगो बाघ मरल रहे । पर्सा, बारा आ मकवानपुर करके ६ सय २७ बर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल मे निकुञ्ज फईलल बा । ई निकुञ्ज जंगली हाथी के भी प्रमुख बासस्थान ह ।

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