वीरगंज–रक्सौल नाका से मानव तस्करी बढल, भारतीय सुरक्षाकर्मी से उद्दार करके देहला पर माईती नेपाल आपन प्रचारबाजी कर रहल

वीरगंज १८ फागुन

नेपाल भारत खुल्ला सिमाना मे परेवाला वीरगंज रक्सौल नाका से मानव तस्करी बढल बा । खुल्ला सिमाना के चलते दैनिक नेपाली चेलीलोग भारत ओरी बेंचाएमे बाध्य भईल बाडन ।

नेपाल भारत के मुख्य नाका वीरगंज नाका से हरेक दिन चेलीलोग भारत ओरी जा रहल बाडी । नेपाल भारत सिमाना मे वीरगंज के शंकराचार्य गेट स्थित नेपाल प्रहरी, सशस्त्र प्रहरी तथा चेलीबेटी बेखबिखन विरुद्ध काम करेवाला माइती नेपाल के कर्मचारीलोग तैनाथ रहला पर भी हरेक दिन नेपाली चेलीलोग भारत ओरी बेंचाए पुगल रहल बाडी ।

दलाललोग अनेकन लोभ देखाके नेपाली चेली के भारत ओरी पुगाके देह व्यापारमे लगा रहल अनेकन बेर समाचार आईल बा । नोकरी करे, बियाह करे लगायत के अनेकन लोभ देखाके दलाललोग नेपाली चेली के भारत मे लेजाके बेंच रहल जनावल गईल बा । मानव तस्करी रोके खातिर माइती नेपाल मात्र ना, नेपाल पुलीस आ सशस्त्र पुलीस खटेलन माकिर उलोग मानव तस्करी रोकेमे असफल होत गईल सिकाइत बढल बा ।

भारत के एन्टी ह्युमन टे«फिकिङ्ग विभाग दिल्ली से रक्सौल स्थित खटल सिनियर प्रहरी इन्स्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा के नेतृत्व वितल ६ महिना से लगातार नेपाली चेलीलोग के उद्दार करके नेपाल के जिम्मा लगावत आईल बा । खास करके मानव तस्करी के हि निरुत्साहित करे खातिर खटल उ टोली नेपाल से अनेकन लोभ देखाके भारत ओरी लेजाके देह व्यापार, आरकेस्ट्रा एवं भारत के अनेकन प्रान्त मे बेंचे खातिर लेजारहल अवस्था मे लईकालइकी, जनानी एवं नाबालिकलोग के उद्दार करके नेपाल के जिम्मा लगावत आईल बा ।

इहे मंगर के दिने प्रहरी इन्स्पेक्टर शर्मा के नेतृत्व मे खटल पुलीस टोली भारत के विहार सौनाहा बजÞार स्थित संचालन मे रहल २ गो आर्केस्ट्रा मे छापामारी करके ८ जने नेपाली चेलीलोग के उद्दार कईले बा । विशेष सूचना के आधार मे एन्टी ह्युमन ट्रेफिकिङ्ग यूनिट टीम रक्सौल के प्रभारी एवं सिनियर इन्स्पेक्टर शर्मा सहित एन.जी.ओ.रेस्क्यू मिशन फाउण्डेशन, चाइल्ड लाइन केयर सब–सेंटर रक्सौल तथा पलनवा थाना के पुलीस के संयुक्त टोली छापामारी करके ८ जने नेपाली किशोरीलोग के उद्दार कईले बाडन ।

उद्दार कईल किशोरीलोग से बुझला पर बियाह करेके लोभ देखाके भारत मे लियाके आरकेस्ट्रा मे नचावेके साथे उलोग सँगे जबरजस्ती शारिरिक शोषण भी कईल अनुसन्धान से खुलल बा । एहितरे केहु के बढिया नोकरी लगावेके, केहु के बेसी पईसा कमवा देवेके लगायत के बहाना बना के भारत लियावल मिलल बा । उ किशोरीलोग बेर बेर नेपाल जाएके प्रयास कईला पर भी उलोग असफल भईल पुछपाछ से खुलल सिनियर प्रहरी इन्स्पेक्टर शर्मा बतवनी । उनका मुताविक एमे संलग्न मानव तस्कर के भारत विहार स्थित पलनवा थाना के इन्चार्ज प्रभारी उप–निरीक्षक प्रभाकर पाठक के जिम्मा लगावल आ उलोग के कडा कारवाही करेके बतवनी ।

किशोरीलोग के उद्दार काम मे एन्टी ह्यूमन टे«फिकिङ्ग युनिट टिम के इन्चार्ज सिनियर प्रहरी इन्स्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा, उपनिरीक्षक नेहा सिंह, सहायक उपनिरीक्षक परिश्वर मुशाहारी, मुख्या आरक्षक कुलदीप कुमार, मुख्य आरक्षक राम कुमार, महिला आरक्षी नाजÞरीन बानो, आरक्षी रामलाल बाज्या, रेस्क्यू फाउण्डेशन के डाइरेक्टर वीरेन्द्र सिंह, दिलीप कुमार, अक्षय पाण्डे, पलनवा थाना प्रभारी उपनिरीक्षक प्रभाकर पाठक, चाइल्ड लाइन केयर के पवन कुमार, किरण वर्मा, नवीन कुमार, अभिषेक कुमार लगायत सहजोग कईले रहलन ।

मानव तस्करी रोधी इकाई क्षेत्रीय मुख्यालय रक्सौल मात्र ६ महिना के समय मे रक्सौल क्षेत्र से मात्र ७२ जने नेपाली चेली के उद्दार करके नेपाल के जिम्मा लगवले बा । ई तथ्याँक सूचना उद्दार कईल चेलीलोग के मात्र ह, अभी ओईसन हजारो चेलीलोग इहे सीमा क्षेत्र मे मानव तस्कर के चँगुल मे फँस के नरकीय जीवन वितावेमे बाध्य बाडन ।

नेपाली चेलीलोग के भारत ओरी लियावे खातिर नेपाल मे भारतीय नेटवकिङ्ग कम्पनी के नाम मे नेपाल मे ओईसन गिरोह हि लागल बा । एगो किशोरी के सिमा पार कईला मे तस्करलोग २० से ५० हजार तक भारतीय रोपेया कमारहल अनुसन्धान से खुलल सिनियर प्रनि शर्मा बतवनी ।

इहे २०७८ अगहन २६ गते भारत से २३ जने नेपाली र्लइकालोग के उद्दार कईल रहे । उ लईका के उहे एन्टी ह्यूमन टे«फिकिङ्ग विभाग रक्सौल के इन्चार्ज सिनियर इन्स्पेक्टर शर्मा के नेतृत्व सहित के टोली उद्दार करके माइती नेपाल के जिम्मा लगवले रहे । एहितरे हरदिन भारतीय एन्टी ह्यूमन टे«फिकिङ्ग विभाग के टोली नेपाली चेलीबेटि सहित लईकालइकीलोग के उद्दार करके नेपाल के जिम्मा लगावत आईल बा । माकिर चेलीबेटि बेचबिखन विरुद्ध काम करेवाला माइती नेपाल के कर्मचारी का कर रहल बाडन सवाल उठे लागल बा ।

माइती नेपाल से तथ्याँक बुझे गईला पर भी कार्यालय प्रमुख के उपस्थिति ना मिलेला, उ हरदम छुटी मे हि रहेली । भारतीय सुरक्षाकर्मी से उद्दार करके माइती नेपाल के जिम्मा लगईला के बाद माइती नेपाल भारत से लईकालइकी तथा चेलिबेटी उद्दार कईल कहत प्रचारवाजी करत आईल बाडन ।

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