सिर्सिया सुक्खा बन्दरगाह मे ३ बरीस से राखल खाद सडल

वीरगंज ०७ भादो

सिर्सिया सुक्खा बन्दरगाह परिसर मे ३ बरीस से राखल डीएपी खाद सडल बा । उ खाद के समय मे व्यवस्थापन होखे ना सकला से उ आरीपाछि के गाछबृक्ष के सुखवले बा । साल्ट ट्रेडिङ कर्पोरेसन से लिअईला पर भिजल खाद अईला के बाद बन्दरगाहस्थित भन्सार कार्यालय जाँचपास ना कईले रहे ।

३ बरीस पहिले बन्दरगाह यार्ड के पूर्वी–दक्षिणी भेग मे रेल्वे लिक के पूर्व ओरी १ हजार २ सय २५ टन डीएपी मल पाल से तोपके अव्यवस्थित रुप से भण्डारण कईल रहे । उ खाद अभी पूर्ण रुप मे सडके नोक्सान भईल बा । लम्हर समय से बहुते परिमाण के खाद भण्डारण करके राखला के चलते आरीपाछि के गाछि सुखल बा । बन्दरगाह बनावे के समय मे २ दशक पहिले वृक्षारोपण करके बढावल गाछि के निचे बिगडल खाद राखला से सुखल बा ।

बितल बरीस के पुस २ गते अर्थमन्त्रीस्तरीय निर्णय से उ खाद कृषि तथा पशुपन्छी विकास मन्त्रालय के हस्तान्तरण करेके तय भईल रहे । अर्थ पुस ११ गते उ निर्णय बारे कृषि के औपचारिक रुप मे जानकारी भी करवले रहे । ओकरा बाद साल्ट ट्रेडिङ्ग आ कृषि मन्त्रालय के अधिकारीलोग के संयूक्त टोली उ खाद के निरीक्षण करके फिर्ता भईला पर भी खाद हटावेके सम्बन्ध मे कुछ काम ना कईलन ।

बन्दरगाह भन्सार कार्यालय उ खाद भिजके उपयोगविहीन अवस्था मे आईल कहत जफत करके नोक्सान करेके निर्णय कईले रहे । बन्दरगाहस्थित भन्सार कार्यालय के प्रमुख भन्सार अधिकृत रामप्रसाद मैनाली के मुताविक अर्थ मन्त्रालय उ खाद कृषि तथा पशुपन्क्षी विकास मन्त्रालय के देवेके निर्णय कईला से खुद ओमे हाथ डाले सकेके अवस्था ना रहे । ‘एक ओरी कृषि तथा पशुपन्क्षी विकास मन्त्रालय के खाद देवेके निर्णय भईल,’ कहत उ, ‘दोसर ओरी मन्त्रालय खाद लेजाएके बारे चासो ना देखवलख ।’ हमनीसब व्यवस्थापन कईला के बाद कृषि से मागला मे समस्या आवे सकेके अवस्था रहला से हाथ ना डालल उ बतवनी ।

साल्ट उहे समय कुल २५ हजार टन डीएपी खाद आयात कईला मे उ मेसे पिछिलक लट के २ गो रेल्वे ¥याक मे आईल २ हजार ५ सय टन मेसे आधा खाद भिजके गुणस्तरहीन भईल रहे । स्विस सिंगापुर ओभरसिज सप्लायर रहल तथा जोर्डन से खरिद करके लियावल डीएपी खाद सुरु मे भारत के कोलकाता बन्दरगाह आईल रहे । समुद्री मार्ग मे रहला पर २०२० के अगस्ट दुसरका हप्ता बंगाल के खाडी मे आईल ‘अफान’ नामक समुन्द्री आँधी के चपेट मे उ खाद लादल पानी जहाज परल रहे । जहाज मे रहला पर उ खाद मे पानी घुस के भिजल रहे । भिजल खाद सप्लायर कोलकत्ता से वीरगंज तक लिअईला के बाद उ समय सुक्खा बन्दरगाह भन्सार कार्यालय बिगडल कहत जाँचपास करेके मानल ना रहे । ईकान्तिपुर

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