स्थानीय तह मे हो रहल अनियमितता के उजुरी अख्तियार मे बढल

जनकपुरधाम २० भादो
मधेश प्रदेश के अधिकांश स्थानीय तह मे जनप्रतिनिधि आ कर्मचारीलोग आपन पद आ मर्यादा विपरित अनियमितता कईल कहत स्थानीय स्तर से अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग मे उजुरी परल बा ।
मधेश प्रदेश के सिरहा, धनुषा, महोत्तरी आ सर्लाही, कोशी प्रदेश ओखलढुंगा, खोटाङ्ग आ सोलुखुम्बु, आ बाग्मती प्रदेश के सिन्धुली आ रामेछाप करके जम्मा ९ जिल्ला कार्यक्षेत्र रहल अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग के बर्दिबास कार्यालय मे स्थानीय तह के कामकारवाही बारे सिकाईत बहुते बेसी बा ।
बितल आर्थिक बरीस २०७९÷८० मे जम्मा ११४७ गो उजुरी दर्ता भईल अख्तियार कार्यालय मे चालु आर्थिक बरीस के मात्र एक महिना मे ३१३ गो करके जम्मा १४६० गो भ्रष्टाचार सम्बन्धी उजुरीसब दर्ता भईल बा । जउना मेसे ११३ गो फछ्र्यौट भइल बा आ १३४७ गो अभी भी फछ्र्यौट होखेके बाँकी रहल अख्तियार बर्दिबास कार्यालय जनवले बा ।
तहगत रुप मे सबसे बेसी स्थानीय तह उपर उजुरीसब परल तथ्यांक देखवले बा । कार्यालय से मिलल तथ्यांक मुताविक बितल बरीस आ चालु आर्थिक बरीस के एक महिना मे अभी तक स्थानीय तह उपर ११४५ गो उजुरी दर्ता भईल बा जउना मेसे ६५ गो के फछ्र्यौट भइल बा आ १०८० गो अभी भी कानुनी प्रक्रिया मे बा ।
सब से कम संघीय कार्यालय उपर उजुरी दर्ता भईल बा । ई समयम े संघ उपर दर्ता भईल उजुरी के संख्या मात्र १३५ रहल बा जउना मेसे १९ गो फछ्र्यौट भइल आ ११६ गो होखेके बाँकी बा । प्रदेश सरकार उपर १८० गो उजुरी परल बा ।
उजुरीसब के प्रवृत्ति देखला पर सबसे बेसी सार्वजनिक खरिद आ निर्माण सम्बन्ध मे जनप्रतिनिधि आ कर्मचारी के मिलीभगत मे भ्रष्टाचार भईल कहके उजुरी दर्ता होत आईल अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग के कार्यालय, बर्दिबास के शाखा अधिकृत सुनिल चौरसिया बतवनी ।
गलत इस्टिमेट, बजेट टुक्रा करके खरिद करेके, गलत नियत राखके स्पेशिफिकेशन तईयार करेके, जरुरत से बेसी सामानसब किन के राखेके, जिन्सी दाखिला ना करेके भा गलत प्रतिवेदन तईयार करेके, गुणस्तरहीन निर्माण, गलत मूल्यांकन, जटिल प्रकृति के निर्माण काम उपभोक्ता समिति से बनावेके आ अनावश्यक डीपीआर तईयार करेके जईसन कामसब बारे उजुरी आरहल चौरसिया बतवनी ।
एहितरे प्रशासनिक कार्यसम्बन्धी, तालिम आ क्षमता विकास मे भ्रष्टाचार, सेवा प्रवाह मे अनियमितता, नक्कली शैक्षिक प्रमाणपत्र आ लाइसेन्स सम्बन्धी, विद्यालय क्षेत्र सम्बन्धी, विषयगत क्षेत्र, सामाजिक सुरक्षा भत्ता सम्बन्धी, राजश्व चुहावट लगायत के विषय मे उजुरीसब आ रहल चौरसिया बतवनी ।
अख्तियार कार्यालय मे उजुरीसब के चाङ लागला पर भी फछ्र्यौट मे अनेकन समस्या से देरी हो रहल अख्तियार जनवले बा । ‘सब से पहिले त आयोग के पत्र हि कार्यालयसब देरी से दर्ता करेके आ काम देरी से करेलन , एहितरे बेर बेर ताकेता कईला पर भी चासो ना देवेके, मागल से बेसी कागजात पठावेके माकिर जरुरी कागजात÷विवरण ना पठावेके जईसन गतिविधि से अख्तियार के उजुरी फछ्र्यौट करेमे देरी होखेला,’ अधिकृत चौरसिया कहनी, ‘अख्तियार से फुन कईला पर जनप्रतिनिधि भा कार्यालय प्रमुख लोग त फुने ना उठावेलन, कार्यालय मे गईला पर भेट ना होखेला उलोग अनुसन्धान मे समन्वय ना कईला से उजुरीसब उपर अनुसन्धान करेमे लम्हर समय लागेला ।’
मधेश प्रदेश के चार गो जिल्लासब कार्यक्षेत्र रहके काम कर रहल बर्दिबास अख्तियार कार्यालय मे सबसे बेसी धनुषा जिल्ला से भ्रष्टाचारसम्बन्धी उजुरी परल बा । अभी तक कार्यालय मे धनुषा से ४४२ गो उजुरी दर्ता भईल बा आ सिरहा से २९५, महोत्तरी से २८० आ सर्लाही से २३६ गो उजुरी दर्ता भईल बा ।
धनुषा मे भी सबसे बेसी उजुरी दर्ता जनकपुरधाम उपमहानगरपालिका के कामकारवाहीसब के विषय मे रहल अख्तियार कार्यालय जनवले बा ।






