आजपा निकललख संविधान के अन्त्येष्टि यात्रा

काठमाण्डु ०३ कुवार
सरकार संविधान दिवस भव्यरुप मे मना रहल समय प्रभु साह नेतृत्व के आम जनता पार्टी (आजपा) उहे संविधान के विरोध मे अन्त्येष्टि यात्रा निकलले बा । अन्त्येष्टि यात्रा निकाल रहल समय प्रदर्शनकारी आ पुलीस बीच मे कुछ जगहा मे समान्य झडप भी भईल बा ।
आजपा आजु संविधान के विरोध करत अन्त्येष्टि यात्रा निकलले बा । ‘संविधान दिवस के जनस्तर से बहिष्कार कईल जाँव ! देश बचावे खातिर नयाँ व्यवस्था बनावल जाँव !!’ कहके मुल नारा के साथ आजपा वीरगंज मे संविधान के अन्त्येष्टि यात्रा निकलले बा । एहितरे आजपा निकट के आम विद्यार्थी मोर्चा रौतहट के चन्द्रपुर मे संविधान के अन्त्येष्टि यात्रा निकलले बा । जनकपुर, कलैया, राजबिराज, बिराटनगर भैरहवा लगायत के अनेकन शहरसब मे भी आजपा विरोध प्रदर्शन करत संविधान के अन्त्येष्टि यात्रा निकलले बा ।
एहितरे आजपा निकट के आईटी आर्मी के आयोजना मे काठमाण्डु मे ‘नेपाल के संविधान ः साधक कि बाधक’ विषयक बतकही कार्जक्रम कईले बा । कार्जक्रम मे सहभागीलोग अभी के संविधान खारेज करके नयाँ संविधान लिखेके जरुरत रहल बतवले रहलन ।
देश मे अस्थिरता लियावेके, वैदेशिक हस्तक्षेप बढावेके, दल के नेता के राजा बनावेके, संघीयता के विफल करेके अर्थतन्त्र के धरासायी बनावेके, किसान आ व्यवसायी के आत्महत्या करे खातिर मजबुर करेके, युवा तथा विद्यार्थीलोग के देश छोडके विदेश जाए खातिर विवस करेके, शिक्षा आ स्वास्थ्य के स्थिति जर्जर बनावेके जईसन समस्या बढ़ावेके ई संविधान के औचित्य ना भईल आजपा के निष्कर्ष बा ।
आजपा महासचिव उपेन्द्र साह अभी के संविधान से देश के समृद्ध बनावे ना सकेके आ अस्थिरता कायम हि राखेके भईला से ई संविधान के औचित्य समाप्त भईल बतवनी । आम जनता के शासन एवं आम जनता के गणतन्त्र स्थापना के खातिर अभी के संविधान खारेज करके नयाँ संविधान लिखला के बिकल्प ना भईल उ बतवनी । एहितरे आजपा निकट के आईटी आर्मी संघीय लोकतान्त्रिक गणतन्त्रात्मक राज्य व्यवस्था, धर्मनिरपेक्षता, समानुपातिक प्रतिनिधित्व आदि सभी केवल हाथी के देखावेवाला दात्ता मे सिमित रहला से कुवार ३ के संविधान दिवस के रुप मे मनावेके कउनो औचित्य ना भईल जनवले बा ।
आईटी आर्मी के अध्यक्ष चन्द्रभुषण साह व्यवस्था परिवर्तन भईल देखल गईला पर भी सारतः कार्यान्वयन मे उहे पुराना व्यवस्थासब से भी आउर विकृत गण्डा व्यवस्था रहला से ई मृत संवैधानिक व्यवस्थासब के समय मे अन्त्येष्टि ना करेके बा आ एकर बढल दुर्गन्ध से देश आ जनता के आउर अस्वस्थ बनाके आउर दुःख पीडा देवेके निश्चित रहल जनवले बाडन ।
नेपाल के संविधान निर्माण के बाद एकर सफल कार्यान्वयन मार्फत देश से संक्रमणकाल आ राजनीतिक द्वन्द्व के अन्त्य सहित स्थिरता, सुशासन, बदलाव आ विकास से गति लेवेके अपेक्षा कईला के बाद गलत संवैधानिक व्यवस्था के कारण देश सफलता हासिल करे ना सकल आजपा के निष्कर्ष रहल बा । सार मे व्यवस्था परिवर्तन भईल देखल गईला पर भी सारतः कार्यान्वयन मे उही पुराना से भी विकृत गण्डा व्यवस्था रहल जनावत आजपा अगाडी कहले बा, ‘ई मृत संवैधानिक व्यवस्थासब के समय मे अन्त्येष्टि ना कईला पर एकर बढल दुर्गन्ध से देश आ जनता के आउर अस्वस्थ बनाके आउर दुःख पीडा देवेके निश्चित बा । नीति, नियत आ नेतृत्व के समष्टिगत रुप हि नतीजा होखेवाला भईला से अवस्था के व्यवस्था से अलग करे ना मिली ।’






