जनकपुरधाम से राम जन्मभूमि अयोध्या भार पठावल गईल

जनकपुरधाम से राम जन्मभूमि अयोध्या भार पठावल गईल

धनुषा, १९ पुस

जनकपुरधाम से भारत के अयोध्या के खातिर भार (उपहार) पठावल गईल बा । आवेवाला माघ ८ गते भगवान राम के जन्मभूमि अध्योध्या मे होखे लागल ‘श्रीराम मन्दिर प्राण प्रतिष्ठा’ के खातिर जनकपुरधाम–अयोध्याधाम यात्रा सहित आजु सबेरे इहाँ से भार पठावल गईल बा ।

जानकी मन्दिर प्राङ्गण मे आजु आयोजना कईल विशेष समारोह मे मधेस प्रदेश सरकार के मुख्यमन्त्री सरोजकुमार यादव, प्रतिनिधिसभा सांसद एवं नेपाली कांग्रेस के नेता विमलेन्द्र निधि, जानकी मन्दिर के महन्थ रामतपेश्वर दास लगायत भार लेके अयोध्या जाएवाला टोली के बिदाइ कईनी । जानकी मन्दिर के अगुवाइ मे विशेष यात्रासहित भार लेके इहाँ से यात्रा प्रारम्भ भईल जानकी मन्दिर के सहमहन्थ रामरोशन दास वैष्णव जानकारी देहनी ।

मैथिल परम्परा मुताविक बेटी के घर मे होखेवाला शुभकाम मे माइती पक्ष से विशेषरूप मे कोसेली पठावल जाला । उहे परम्परा मुताविक राममन्दिर उद्घाटन के अवसर मे माता सीता के माइतीपक्ष जनकपुरधाम से एक हजार एक सय भार ओकरा ओरी पठावल गईल बा । भार मे अनेकन किसिम के आभूषण, भाँडा, कपडा के साथे मीठाइ लगायत के भार बाँस से बनावल गईल विशेष चङ्गेर मे सजावल गईल बा ।

राममन्दिर के प्राण प्रतिष्ठा (उद्घाटन) के नयाँ गृह प्रवेश के रूप मे लेके ‘घरबासक भार’ लेके जनकपुरधाम से करिब तीन सय जने के टोली उहाँ प्रस्थान कईल सहमहन्थ दास के कहनाम बा ।

जनकपुरधाम से जलेश्वर नाथ, मलङ्गवा, सिम्रौनगढ, गढीमाई, वीरगंज होत भारत के बेतिया, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर गोरखपुर तक अनेकन धार्मिकस्थल के दर्शन करत अयोध्या पुगेके आ पुस २१ गते अयोध्या मे श्रीराम जन्मभूमि राममन्दिर ट्रष्ट के भार हस्तान्तरण कईल जाई ।

ई काम से नेपाल–भारतबीच त्रेतायुग से चलत आईल वैवाहिक सांस्कृतिक सम्बन्ध के महत्व दर्शावेके साथे ओकरा के आउर बरियार बनावे खातिर भूमिका खेलेके विश्वास कईल जनकपुरधाम उपमहानगरपालिका प्रमुख एवं भारयात्रा मूल समारोह समिति के संरक्षक मनोजकुमार साह बतवनी ।

सहमहन्त दास भी ई काम से नेपाल भारतबीच सदियो से कायम सम्बन्ध के आउर प्रगाढ बनावेके साथे नेपाल मे पर्यटन प्रवद्र्धन के खातिर विश्वभर सन्देश प्रवाह होखेमे विश्वास व्यक्त कईनी । एकरा से पहिले निर्माणाधीन राममन्दिर के प्राणप्रतिष्ठा होखेके दिन अभिषेक करे खातिर नेपाल से जल पठावल गईल रहे । विश्व हिन्दू परिषद् नेपाल के नेतृत्व मे नेपाल के अनेकन नदीसब से सङ्कलन कईल जल अयोध्या पठावल गईल रहे ।

अयोध्या मे मन्दिर बने लागला के बाद बितल बरीस नेपाल के कालीगण्डकी नदी किनार से दु गो शिला भी अयोध्या पठावल गईल रहे ।

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