एक हप्ता मे आईल ६ रेयाक युरिया
एक हप्ता मे आईल ६ रेयाक युरिया

वीरगंज २६ पुस
वीरगंज नाका से एक हप्ता एने कृषि सामग्री कम्पनी के ६ रेल्वे ¥याक युरिया खाद आईल बा । सिर्सिया सुक्खा बन्दरगाह आ सीमावर्ती भारतीय सहर रक्सौल के रेल्वे ¥याक मे ३÷३ रेल्वे ¥याक युरिया खाद आईल बा । एक रेल्वे ¥याक करिब २ हजार ५ सय मेटन खाद लादेवाला भईला से दुनु नाका मे करके अभी तक १५ हजार मेट्रिक टन युरिया नेपाल आइल बा ।
ई नाका मे आईल खाद के ठेकेदार स्विस सिंगापुर आ आदित्य बिरला कम्पनी ह । कम्पनी प्रादेशिक कार्यालय वीरगंज के बरिष्ठ सहायक बलबहादुर शाह के मुताविक, कन्साइन्मेन्ट नम्बर ११५ आ १२१ के मल कोलकत्ता बन्दरगाह होत नेपाल आवे लागल बा ।
आधा दर्जन रेल्वे ¥याक खाद मेसे ३ ¥याक कम्पनी प्रादेशिक कार्यालय वीरगंज आ ३ भैरहवा प्रादेशिक कार्यालय के मिलेके शाह बतवनी । उनका मुताविक, भैरहवा के खाद ट्रक से सोझे भैरहवा ओरी लेजात बा । वीरगंज के खाद कम्पनी के वीरगंज प्रादेशिक कार्यालय मे आवेके क्रम जारी बा । जउना मुताविक, बियफे के सँझिया तक मे कम्पनी के वीरगंज गोदाम मे ३ हजार २ सय ५० मेट्रिक युरिया खाद आईल बा ।
स्विस सिंगापुर कम्पनी से लिया रहल कूल ३० हजार मेट्रिक टन युरिया खाद मेसे कम्पनी वीरगंज प्रादेशिक कार्यालय १२ हजार, भैरहवा प्रादेशिक कार्यालय १० हजार आ बिराटनगर प्रादेशिक कार्यालय ८ हजार मेट्रिक खाद मिली । बिराटनगर के खाद बिराटनगर नाका से आवत बा ।
एहितरे, आदित्य बिरला कम्पनी से लिया रहल ३० हजार मेट्रिक टन युरिया खाद मेसे वीरगंज प्रादेशिक कार्यालय ११ हजार ८ सय, भैरहवा प्रादेशिक कार्यालय ९ हजार ५ सय आ बिराटनगर प्रादेशिक कार्यालय ८ हजार ७ सय मेट्रिक खाद मिली ।
कम्पनी के गोदाम मे खाद अईला के बाद माग भईल जिल्लासब मे क्रमशः परिचालन भी करे लागल शाह जानकारी देहनी । अभी किसान के गहुँ बाली के खातिर युरिया खाद के जरुरत रहल आ मातहत के जिल्लासब से माग आरहला से क्रमशः उ जिल्लासब मे खाद परिचालन कईल उ बतवनी ।
हप्ता एने कम्पनी प्रादेशिक कार्यालय वीरगंज से मात्र धुलिखेल, काठमाण्डु, त्रिशुली, गजुरी, भरतपुर, हेटौंडा, सिन्धुली,जनकपुर, ढल्केवर, चन्द्रपुर, कलैया लगायत के कार्यालयसब मे करके २ हजार मेट्रिक युरिया खाद परिचालन भइल बा ।
एकरा से पहिले कोटा छुट्यावल मधेश प्रदेश के जिल्लासब मे तथा जिम्मेवारी रहल बागमती प्रदेश के जिल्लासब मे भी प्रादेशिक कार्यालय से खाद परिचालन हो रहल बतवनी ।






