लगानी सम्मेलनः निफिकिर होके लगानी करे खातिर निहोरा
लगानी सम्मेलनः निफिकिर होके लगानी करे खातिर निहोरा

काठमाण्डु, १६ वैशाख
नेपाल मे लगानी के अवसर खोज रहल स्वदेशी तथा विदेशी लगानीकर्ता के इहाँ निफिकिर होके लगानी करे के आ आपन लगानी के प्रतिफल के चिन्ता ना करे खातिर सरोकारवाला निकाय तथा अनेकन क्षेत्र के जानकारलोग निहोरा कईले बानी ।
आजु से काठमाण्डु मे शुरु भईल तिसरका लगानी सम्मेलन के पहिलका मुख्य सत्र के वक्तालोग नेपाल मे लगानी के अवसर खोज रहल लगानीकर्ता के इहाँ के वातावरण के अवस्थाबारे जानकारी देत उच्च मनोबल के साथ काम कररे खातिर सन्देश देहले बानी ।
‘नेपाल मे लगानी अवसर के खोजी’ विषयक पहिलका मुख्य सत्र के अध्यक्षता कईल अर्थमन्त्री वर्षमान पुन अध्यादेश मार्फत् कानुन संशोधन के लगानी वातावरण सुधार उपर के सरकार के प्रतिबद्धता के प्रमाण के रुप मे बुझेके बतवनी । कानुन संशोधन के खातिर निजी क्षेत्र से पर्याप्त छलफल भईल आ निजी क्षेत्र के सुझाव के आधारमे कानुन संशोधन प्रक्रिया अगाडि बढावल उनकर कहनाम बा ।
अर्थमन्त्री पुन के मुताविक सरकार करसम्बन्धी कानुन के आउर लगानीमैत्री बनावत बा । अध्यादेश मार्फत लियावल कुछ नेपाल ऐन संशोधमार्फत् सरकार विश्व भन्सार सङ्गठन आ विश्व व्यापार सङ्गठन के सिद्धान्त तथा अभ्यास अनुरूप नयाँ भन्सार विधेयक भी संसद मे पेस कईल उ उल्लेख कईनी ।
“नेपाल रणनीतिक रूप मे दु बडका आ बढल अर्थतन्त्र के रुप मे रहल चीन आ भारत के बीच मे अवस्थित बा । एकरा से नेपाल मे स्वदेशी तथा विदेशी लगानी के खातिर बडका अवसर प्रदान कईले बा । नेपाल के आर्थिक वृद्धि के प्रमुख संवाहक ऊर्जा, पर्यटन, सूचना प्रविधि, कृषि आ पूर्वाधार विकास लगायत के क्षेत्र ह”, अर्थमन्त्री पुन कहनी ।
उ सत्र मे पूर्वअर्थमन्त्री एवम् प्रतिनिधिसभा सदस्य डा प्रकाशशरण महत, प्रतिनिधिसभा सदस्य डा स्वर्णिय वाग्ले, पूर्वअर्थमन्त्री डा युवराज खतिवडा लगायत विशिष्ट आदमीसब वक्ता के रुप मे रहनी ।
पूर्वअर्थमन्त्री डा महत नेपाल के विकास तथा समृद्धि के खातिर आन्तरिक स्रोत मात्र पर्याप्त ना भईला के चलते प्रत्यक्ष वैदेशिक लगानी लियावे के निष्कर्ष कईल आ ईहाँ के लगानी के खातिर क्षेत्रगत प्राथमिकता समेत निर्धारण कईल बतवनी । एहितरे, पूर्वअर्थमन्त्री डा खतिवडा सहज प्रवेश, सहज निकास आ प्रतिफल सुनिश्चितता के अवस्था सिर्जना करेके बतवनी ।
डा वाग्ले विदेशी लगानीकर्ता के नेपाल मे सहजीकरण करे खातिर कानुनी रुप मे सहज वातावरण सँगे कउनो विवाद भा समस्या देखल गईल अवस्था मे मध्यस्थता के खातिर प्रभावकारी संयन्त्र जरुरी रहल बतवनी ।
उ सत्र मे दक्षिण एसिया के खातिर व्यापार आयुक्त तथा पश्चिम भारत के खातिर बेलायत के उच्च आयुक्त हरजिन्दर काङ, संयुक्त राष्ट्रसङ्घ के नेपाल के खातिर आवासिय संयोजक हाना सिङ्गर हाम्डी, विश्व बैंक के माल्दिभ्स, नेपाल आ श्रीलङ्का के देशीय निर्देशक फेरिस एच. हदाद जेर्बोस, अन्तर्राष्ट्रिय वित्त निगम (आईएफसी) के बंगलादेश, भुटान तथा नेपाल के देशीय प्रबन्धक मार्टिन हल्टम्यान, अन्तर्राष्ट्रिय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के नेपाल मिसन प्रमुख टिडिएन किन्दालगायत वक्ता रहनी । एहितरे, चीन के सिचुआन प्रान्त के महासचिव रेज जिङवेन, भारतीय चेम्बर अफ् कमर्स के महानिर्देशक राजीव सिंह, नेपाल घरेलु तथा साना उद्योग महासंघ के अध्यक्ष उमेशप्रसाद सिंह, महिला उद्यमी महासंघ नेपाल के अध्यक्ष शोभा ज्ञवाली वक्ता के रुप मे रहनी ।
ई सत्र मे नेपाल सरकार के पूर्वसचिव रामेश्वर खनाल प्रस्तुतीकरण कईले रहनी ।






