भोजपुरी प्रतिष्ठान वीरगंज स्व. भिखारी ठाकुर के १३६ वाँ जन्मज्यन्ती मनवलख

भोटा. संवाददाता /
वीरगंज ०३ पुस, भोजपुरी भाषा, संस्कृती के विकास तथा प्रचार प्रसार आ जोगावे खातिर स्वय् अपने से बदलाव लियावल जरुरी रहल सरोकारवालालोग बतवले बाडन ।
भोजपुरी प्रतिष्ठान वीरगंज के आयोजना मे बुध के दिने स्व. भिखारी ठाकुर के १३६ वाँ जन्मज्यन्ती के अवसर मे आयोजना कईल कवि गोष्ठी तथा विचार विमर्ष कार्जक्रम मे वीरगंज महानगरपालिका के स्वास्थ्य शाखा के सह ईन्चार्ज अनिषकान्त कुश्वाहा भोजपुरी भाषा आपन मातृभाषा रहला से एकर महत्व आजु के पुस्ता से भी ओतने बुझेके तथा अनुसरण करेके बात मे जोड देहनी ।
उ कहनी, २२ बरीस पहिले जब हमनी विद्यालय मे पढत रहनी उ समय भी अँग्रेजी भाषा के किताबसब पढेके रहे माकिर फरक एतना रहे कि आजु उहे अँग्रेजी भाषा के पहिलका प्राथमिकता आ मातृभाषा के दुसरका प्राथमिकता राखल बा जबकी उ जमाना मे अँग्रेजी भाषा के किताब मे लिखल शब्द, वाक्य के भी हमनी के सरलोग भोजपुरी भाषा मे अनुवाद करके बुझावत रहलें ।
उ कहनी, लईकालईकी के घर से आपन मातृभाषा उपर के सम्मान, मोह आ उत्साह बढावे खातिर गारजियन, घरपरिवार के सदस्यलोग से भुमीका खेलेके बात मे जोड देहनी ।कार्जक्रम के अध्यक्ष करत प्रतिष्ठान के सल्लाहकार प्रमोद पाण्डे आपन कविता मार्फत स्व.भिखारी ठाकुर के स्मरण कईले रहनी । भोजपुरी प्रतिष्ठान वीरगंज कार्जक्रम आयोजना करके स्व.भिखारी ठाकुर के स्मरण करत भोजपुरी भाषा, साहित्य उपर सम्मान कईला मे सराहना करत सल्लाहकार पाण्डे भोजपुरी भाषा, संस्कृती के आपन अलगे गरिमा बा उ चलते घर से विद्यालय तक भोजपुरी भाषा, संस्कृती, साहित्यबारे खुलके प्रचार कईल जरुरी रहल बतवनी ।
भोजपुरी कहते मातर मनमे अश्लिलता हि होला कहके गलत प्रचार कईला मे अब एकरा के हटावेमे देरी ना करेके चाहिं कहके वक्तालोग जोड देहले रहनी ।
कार्जक्रम मे भोजपुरी भाषा आ संस्कृती के उजागर करेके अभियान मे लागल साहित्यकार तथा कवि अस्मिता पटेल, आमोद गुप्ता, रितु राज, श्याम सरार्फ लगायत के लोग भोजपुरी भाषा, कला संस्कृती, रहन सहन से सम्बन्धित कविता वाचन कईले रहलन आ गायन के माध्यम से प्रतिष्ठान के कार्यसमिति सदस्य सर्वजित पासवान स्व. भिखारी ठाकुर के स्मरण कईले रहनी ।
कार्जक्रम के सञ्चालन श्याम सरार्फ कईले रहनी आ सहजीकरण प्रतिष्ठान के सदस्य संयोजक अमित अग्रवाल कईले रहनी ।

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