कोरोना के भगावे के बा

हमनी के आगे आवे के बा
कोरोना के भगावे के बा
अकेले नाहीं बनी बात।

चाही रउवा सबके साथ
हाथ रखीं हर घरी साफ
चेहरा पर जरूर रखीं मास्क।

जरूरी हो त निकलीं बहरी
बचीं सबके बचाईं एह घरी
देश खातिर फर्ज निभाईं ।

संस्कार संस्कृति अपनाईं
नमस्ते करीं , केहु से हाथ न मिलाईं
जंग जिते बदे आगे आईं
सबके ई बात माने के होई।

घर में दिन बितावे के होई
अकेले नाहीं बनी बात
चाही रउवा सबके साथ।

निक्की शर्मा रश्मि मुम्बई

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