नीति तथा कार्जक्रम के प्राथमिकता मे स्वास्थ्य क्षेत्र, अईसन आईल कार्जक्रम

काठमाण्डु २ जेठ
सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र के प्राथमिकता मे राख के नीति तथा कार्जक्रम लियाईल बा ।
कोरोना भाइरस के महामारी के बीच शुक के दिने सरकार से प्रस्तुत कईल नीति तथा कार्जक्रम मे स्वास्थ्य पूर्वाधार के विकास आ ईलाज सेवा प्रभावकारी बनावे के विषय उल्लेख कईल बा ।
सरकार प्रदेशस्तर मे ५ सय शय्या के विशिष्टिकृत केन्द्रीय अस्पताल विकास करेके घोषणा कईले बा ।
प्रदेश १ के कोशी, प्रदेश २ के नारायणी, बागमती प्रदेश के भरतपुर, गण्डकी के पोखरा, प्रदेश ५ के भेरी अस्पताल, कर्णाली के कर्णाली स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान आ सुदूरपश्चिम के डडेल्धुरा अस्पताल ५ सय शश्या के बनावे के नीति तथा कार्जक्रम मे कहल बा ।
एहितरे सरुवा रोग रोकथाम, नियन्त्रण आ ईलाज एव स्वास्थ्य विपद व्यवस्थापन के तइयारी तथा प्रतिकार्य करे खातिर प्रयोगशाला परीक्षण सेवा सहित के ३ सय शय्या के केन्द्रीय अस्पताल बनावे के सरकार घोषणा कईले बा ।
प्रदेश स्तर मे न्युनतम ५० शय्या के अत्याधुनिक सुविधा सम्पन्न सरुवा रोग अस्पताल स्थापना करेके सरकारी घोषणा बा ।
नेपालभर के कउनो भी जगहा से ३ अंक के टेलिफुन मे सम्पर्क करके नागरिक से सहज आ सरल रुप मे एम्बुलेन्स सेवा लेवे सकेवाला किसिम से एकीकृत एम्बुलेन्स सेवा सञ्चालन करेके व्यवस्था मिलावे के कहल बा ।
प्रमुख राजमार्गसब मे ट्रमा सेन्टर सेवा विस्तार के कार्जक्रम भी पुराने कार्जक्रम के निरन्तरता ह ।
कलेजो प्रत्यारोपण सुरु भईल त्रिवि शिक्षण अस्पताल महाराजगंज मे आवेवाला आर्थिक नेफ्रोलोजी तथा युरोलोजी केन्द्र स्थापना करेके कहल बा । ई नयाँ घोषणा कईल कार्जक्रम ह ।
कान्ति बाल अस्पताल के बालरोग के अनेकन विधा मे उच्च शिक्षा के अध्ययन करेवाला उत्कृष्ट केन्द्र के रुप मे विकास करेके कहके नयाँ कार्जक्रम घोषणा कईल बा ।
मनमोहन कार्डियोथोरासिक भास्कुलर तथा ट्रान्सप्लान्ट सेन्टर आ शहीद गंगालाल हृदयकेन्द्र मे बाल मुटुरोग के पहिचान परीक्षण आ ईलाज करे खातिर संस्थागत व्यवस्था करेके कहके पुराने कार्जक्रम के परिमार्जन करके नीति तथा कार्जक्रम मे राखल गईल बा ।
अन्तर्राष्टिय विमानस्थल आ अन्तर्राष्टिय सीमा के प्रमुख नाकासब मे आधुनिक हेल्थ डेस्क तथा क्वारेन्टाइन गृह स्थापना करेके कहल बा ।
ई विषय नीति तथा कार्जक्रम मे पहिलका बेर राखल गइल बा ।
वरेन्द्र शैनिक अस्पताल के आपतकालीन अवस्था के घायल लगायत सभी किसिम के स्वास्थ्य उपचार करे सकेवाला सुविधा सहित के स्तरोउन्नती करेके कहके पुराने कार्जक्रम के निरन्तरता देहल गईल बा आ देश भितर अन्तर्राष्टियस्तर के शिक्षा आ सेवा उपलव्ध करावे खातिर पूर्वाधारसब के विकास करेके नीति तथा कार्जक्रम मे उल्लेख कईल बा ।
सरकार स्वास्थ्य बिमा, निरोगी नेपाल लगायत कुछ पुराना कार्जक्रम के परिमार्जन सहित निरन्तरता देहले बा ।
सञ्चालन मे रहल मेडिकल कलेज अनिवार्य रूप मे कम्ती मे एक जिल्ला के अस्पताल मे शल्यचिकित्सा सहित के सेवा उपलब्ध करावे के नीति पुराने नीति तथा कार्जक्रम के परिमार्जित रुप ह ।
नीति तथा कार्जक्रम मे हरेक स्वास्थ्य संस्था आपन कार्यक्षेत्र भितर महिना के एक दिन स्याटेलाइट क्लिनिक सञ्चालन करेके व्यवस्था भी बा ।
एहितरे स्थानीय तह आ प्रदेश के समन्वय मे संघ अन्तर्गत के केन्द्रीय स्थानसब मे नियमित रूप मे स्याटेलाइट अस्पताल सञ्चालन करेके नीति भी सरकार के रहल बा ।
स्थानीय तह के सभी वार्ड स्थित स्वास्थ्य संस्था से चालीस बरीस उपर के नागरिक के ६ महिना के एक बेर पिसाब मे अल्बुमिन आ ग्लुकोज तथा खुन मे ग्लुकोज निःशुल्क जाँच के व्यवस्था करेके विषय नीति तथा कार्जक्रम मे राखल बा ।
एहितरे सरकार नयाा कार्जक्रम के रुप मे राष्ट्रिय रोग नियन्त्रण केन्द्र नेपाल (सीडीसी नेपाल) के स्थापना करेके घोषणा कईले बा ।
स्वास्थ्य सामान आ दवाई के गुणस्तर जाँच तथा नियमन करे खातिर नेपाल खाद्य तथा औषधि प्रशासन (एफडीए) स्थापना करेके घोषणा कईल बा ।
हरेक स्थानीय तह मे ५ से १५ शय्या तक के आधारभूत अस्पताल स्थापना आ स्तरोन्नति करेके नीति भी पहिले के निरन्तरता ह ।
ई बेर स्वास्थ्य क्षेत्र के पुनर्संरचना करेके कहल बा । इहे कार्जक्रम अन्तर्गत प्रदेशस्तर मे रहल साविक के जिल्ला अस्पतालसब के २५ से ५० शय्या के अस्पताल आ अञ्चल अस्पताल के २०० शय्या के जनरल अस्पताल मे स्तरोन्नति करेके घोषणा कईल बा ।
आम नागरिक के योगा अभ्यास आ शारीरिक व्यायमशाला, आरोग्य केन्द्र आ योगकेन्द्रसब स्थापना करे खातिर प्रोत्साहन करेके पुराने नीति तथा कार्जक्रम के परिवर्तित रुप ह ।






