कोरोना सङ्क्रमित के लास जरईला के बाद विद्युतीय शवदाह गृह सञ्चालन के तइयारी मे

काठमाण्डु, ५ जेठ

कोरोना के सङ्क्रमण से मृत्यु भईल जनानी के दाहसंस्कार कईल पशुपतिस्थित विद्युतीय शवदाह गृह आजु से सञ्चालन मे लियावे के तइयारी भईल पशुपति क्षेत्र विकास कोष जनवले बा ।

कोरोना सङ्क्रमित होके मृत्यु भईल सिन्धुपाल्चोक जिल्ला बाह्रबिसे नगरपालिका–९ के सुत्केरी जनानी के बितल शनिचर के रात शवदाह कईला के बाद विद्युतीय यन्त्र भईल कक्ष के ३६ घण्टा तक सिल करके सरसफाइ कईल कोष के निर्देशक राजु रेग्मी जानकारी देहनी ।

सरसफाइ के बाद आजु दुहपरिया से विद्युतीय शवदाह गृह पूर्ववत् सञ्चालन मे लियावेवाला किसिम से तइयारी हो रहल बा ।

शवदाह मे संलग्न भईल छ जने कर्मचारी के पिसिआर परीक्षण भी करे लागल उ सुनवनी ।

कोरोना सङ्क्रमित के जरावे के समय मे विद्युतीय शवदाह गृह मे संलग्न कर्मचारी से लगावल व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पिपिई) भी नोक्सान कईल रहे ।

कोरोना सङ्क्रमित होके मृत्यु भईल के लास जरईला के बाद पिपिई बदलला पर कमी होखे सकेके चुनौती भी थपाईल बा ।

कोरोना सङ्क्रमित के जरईला के बाद शवदाह गृह सफाइ के खातिर ३६ घण्टा बन्द करेवाला भईला से सेवा सञ्चालन मे समस्या आईल बा ।

सुरक्षा के चलते कोरोना सङ्क्रमित के आर्यघाट आ भष्मेश्वर घाट मे जरावे ना सकेके कोष जनवले बा ।

विद्युतीय शवदाह गृह मे दु गो लास एके बेर जरावल जा सकता ।

दु कोरोना सङ्क्रमित होके मृत्यु भईल के लास एके बेर जरावे के तइयारी करेके लगायत विषय मे कोष सरकार से वार्ता करेवाला बा ।

कोरोना सङ्क्रमित के लास जरावे खातिर विद्युतीय शवदाह यन्त्र चलावे के कर्मचारी के भी कमी होखे सकेके देखल गईल बा ।

जम्मा छ जने कर्मचारी अभी तालीम लेके यन्त्र चलावत आईल बाडन ।

पिसिआर परीक्षण के बाद कर्मचारी के कोरोना पोजेटिभ देखल गइला पर आउर के तालीम देवे खातिर तीन महीना लागी ।

नेपाली सेना सुरक्षितरुप मे विद्युतीय शवदाह गृह तक लास लिअईला के बाद कोष के तालीम मिलल कर्मचारी मात्र यन्त्र चलावल जा सकता ।

जनशक्ति व्यवस्थापन के विषय मे पूर्वतइयारी ना भईला से समस्या पर सकेके जनवले बा ।

पशुपति के क्रियापुत्री घर भी सरसफाइ के खातिर तीन दिन तक के खातिर बन्द कईल बा ।

१३ दिन तक क्रियापुत्री बईठला के बाद सफाइ के खातिर तीन बन्द करके सरसफाइ करके फेनु सञ्चालन सुरु भईल बा । क्रि

एवं भेटघाट के खातिर आवेके आफन्त मे कोरोना सङ्क्रमण ना फईलो कहके अईसन सतर्कता अपनावल कोष जनवले बा ।

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