प्रेस काउन्सिल पठवलख भारत के पत्र, नेपाल के बदनाम करेवाला मिडिया उपर एक्सन लेवे खातिर निहोरा

काठमाण्डु २६ असाढ
भारतीय मिडिया नेपाल के बारे मे कईल टिप्पणी उपर आपत्ति जनावत प्रेस काउन्सिल नेपाल भारत के प्रेस काउन्सिल के नाम मे पत्र लिखले बा ।
भारतीय प्रेस काउन्सिल के अध्यक्ष चन्द्रमौली कुमार प्रसाद के सम्बोधन करत काउन्सिल इहे जुलाइ १० मे पत्र लिखले बा ।
पत्र मे भारतीय कुछ टेलिभिजन च्यानल नेपाल के प्रधानमन्त्री आ भिनियाँ राजदूत के जोड के कईल अनर्गल प्रचार उपर कदम चाले खातिर भारतीय प्रेस काउन्सिल के निहोरा कईले बा ।
काउन्सिल के अध्यक्ष किशोर श्रेष्ठ के हस्ताक्षर सहित के पत्र मार्फत भारतीय मिडिया से आधारहिन समाचार राखल कहत आपत्ति जनावल गईल बा ।
साथे ओईसन सामग्री से नेपाल के स्वाभिमान आ निष्ठा उपर हमला भईल काउन्सिल जनवले बा ।
“नेपाल के प्रधानमन्त्री आ नेपाल के खातिर चिनियाँ राजदूत के प्रेम सम्बन्ध भईल कहके जईसन कलोकल्पित आ बनावटी भिडिओ भारत के जी न्युज च्यानल से प्रशारण भईल बा ।
आ जुन सामाजिक संजाल मे सनसनीपुर्ण रुप मे प्रचार कईल बा ।
अइसन बनावटी भिडिओ कपोकल्पित सूचना मात्र देहले नइखे, बरु सार्वभौम राष्ट्र के निष्ठा उपर आक्रमण भी भईल बा,” काउन्सिल से जारी कईल पत्र मे उल्लेख बा ।
नेपाल के सार्वभौमिकता मे आक्रमण होखेवाला किसिम से आउर टेलिभिजन च्यानल भी आधारहिन सामग्री उत्पादन आ प्रशारण कईला मे काउन्सिल ध्यानाकर्ष कईले बा ।
एहितरे लिम्पियाधुरा, लिपुलेक आ कालापानी के समेट के नेपाल नयाँ नक्सा जारी कईल ऐतिहासिक निर्णय मे भी भारतीय टिभी च्यानल बनावटी समाचार प्रशारण करे लागल पत्र मे उल्लेख बा ।
भारतीय मिडिया नेपाल के बारे मे टिप्पणी कईला मे नेपाल के ओरी से कउनो कदम ना चालल कहत सामाजिक संजाल मे सवाल करे लागला के बाद काउन्सिल अईसन पत्र लिखले बा ।
एकरा से पहिले अर्थ तथा सञ्चारमन्त्री युवराज खतिवडा भी भारतीय मिडिया के बारे मे कानुनी तथा राजनीतिक ईलाज खोजे सकेके प्रतिक्रिया देहले रहलन ।
साथे प्रधानमन्त्री के प्रेस सल्लाहकार सूर्य थापा भारतीय मिडिया के गतिविधि उपर आपत्ति जनावत चेतावनी देहले रहलन ।
भारत के खातिर नेपाली राजदूत निलाम्बर आचार्य ई बारेमे कदम अगाडि बढवले नइखन ।






