पार्टी एकता कायम राखे खातिर मन्त्री पद छोडे ला तईयार बानी : पर्यटनमन्त्री

वीरगंज ०४ अगहन
सँस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयनमन्त्री योगेश भट्टराई पार्टी के एक जुट बना के राखे खातिर हम मन्त्री पद छोडे खातिर तईयार रहल बतवले बानी ।
नेकपा पर्सा के पार्टी कार्यालय वीरगंज मे नेता कार्यकर्तालोग सँगे के भेट मे उ सरकार पुनर्गठन कईला पर पार्टी भितर के विवाद अन्त्य होखेके अवस्था अईला पर राजीनामा देवे खातिर तइयार रहल बतवले बाडन ।
‘अपने हमनी हरेक चिज छोडे खातिर तइयार होखेके पडि, आजु पर्यटन मन्त्री बानी, पार्टी एक होखे खातिर सरकार पुनर्गठन करेके पडल, मन्त्री पद छोडेके कहला पर हमनी छोडेम, राजिनामा देहेम’ कहत उ ‘काथि कईला से पार्टी एकता बरियार होखी उहे कईल जाई, पार्टी भितर कउनो जिम्मेवारी मिलल नइखे त मिलावे के पडि, काल्हु जिम्मेवारी बाँडफाँट कईला पर एक पक्षीय भईल बा त मिलाके जाएके पडि । ओईसन कईला पर सरकार स्थिर आ बरियार होखी ।’
नेकपा स्थायी कमिटी सदस्य भी रहल भट्टराई पार्टी भितर के अन्तर्विरोध के समय केहु के साथ ना देके कार्यकर्ता से दबाब सिर्जना करे सकेके बतवनी ।
‘लडाई के मुख्य केन्द्र टुप्पी ओरी बा, उपरला तह मे अन्तर्विरोध बा, हमनी के डन्डा मारेके अधिकार नइखे कहला पर भी तोहनी के लडाई मे हमनी भाग ना लेहेम कहल जा सकता ।
ओतना कहला पर पार्टी भितर के अन्तर्विरोध मे कमी आई, नेतृत्व से अन्तर्विरोध मे केहु साथ देहले नइखन कहके बुझला के बाद सहमति, समझदारी के बात शुरु करे लागेलन’ कहके बतवनी ।
पार्टी दक्षिण भा उत्तर के सक्रियता से फुटेके भा जुटेके ना होके नेता कार्यकर्ता के हाथ मे हि पार्टी के भविष्य रहल भट्टराई बतवनी ।
‘नेकपा घरेलु ह, नेपाल मे पत्ता लागल बिया ह, नेपाली मल आ हावापानी मे बढल पार्टी ह । आयातीत मल नइखे, जैविक आ मौलिक पार्टी ह । नेपाली सीप आ प्रविधि से बनल पार्टी ह ।
विदेशी सीप भा प्रविधि से बनल ना’ कहत उ, ‘नेकपा मे आयातीत के कउनो असर ना पडि, ई पार्टी विकास होखेके भा विनाश पार्टी भितर से होखी ।’
कार्यकर्तालोग के पार्टी के अन्र्तविरोध मे पेट्रोल ना छिटे खातिर उ निहोरा कइनी । ‘नेकपा के हरेक सदस्य लगे दु गो हाथ बा ।
हाथ मे पेट्रोल राखेके भा पानी ? ई निर्णय कार्यकर्ता से करेके बा । तानका आगी लागल बा ओमे पेट्रोल छिटला पर बडका आगी लागी । ओकरा से एकछिन मज्जा आई ।
उर्जा आई, एकछिन के बाद राखी होखी, हमनी के सपना भी जरजाई’, कहत नेता भट्टराई, ‘पानी के जर्किन बा त पानी से उर्जा आ जीवन दुनु दि । स्थायित्व दि ।
पेट्रोल ना राखी, पानी राखिं, राखेके मन नइखे त कुछो ना राखी ।’ इतिहास के कठिन क्षण मे पार्टी रहल बतावत उ कठिनाई के पार कईला पर १०÷२० बरीस कुछो ना होखेके दाबी कइनी ।
सरकार पार्टी सञ्चालन कईला पर नेतृत्वबीच समझदारी आ छलफल के जरुरत रहल उनकर कहनाम रहे । उलथा अनलाईन






