स्वास्थ्यकर्मी आ कर्मचारी के अभी भी कोरोना भत्ता ना मिलल

वीरगंज ०७ चईत
वीरगंज कोरोना के इपिसेन्टर बनल समय संक्रमित के ईलाज आ सेवा मे खटल स्वास्थ्यकर्मी आ कर्मचारी के जोखिम भत्ता अभी भी मिलल नइखे । वीरगंजस्थित नारायणी अस्पताल आ उ मातहत सञ्चालन कईल कोभिड १९ अस्पताल मे खटल स्वास्थ्यकर्मी आ कर्मचारी जोखिम भत्ता ना मिलल सिकाईत कईले बाडन ।
स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मन्त्रालय से भत्ताबापत के रकम अस्पताल के खाता मे दु महिना पहिले पठावला पर भी खुदसब से ना मिलल उलोग के कहनाम बा । सावन से कातिक तक चार महिना के भत्ता ना मिलल कहत उलोग आन्दोलित भी भईल बाडन । उलोग बियफे के दिने अस्पताल परिसर मे प्रदर्शन भी कईले रहलन ।
अस्पताल प्रशासन भत्ता वितरण ना कईला से विरोध मे उतरेके पडल डा. उदयनारायण सिंह बतवनी । अस्पताल के लेखा शाखा से माँगल सभी कागजात बुझईला पर भी भत्ता वितरण ना कईल सिंह के सिकाईत बा ।
नारायणी अस्पताल से सञ्चालन कईल गण्डक अस्थायी कोभिड १९ अस्पताल के संयोजक भी रहल डा. सिंह कहनी, “कोभिड महामारी मे ज्यान के भी पर्वाह ना कईल गईल । घरपरिवार भी छोडके महिनो तक अस्पताल मे काम कईल गईल । माकिर, भत्ता के खातिर आन्दोलन करेके पडल बा ।” डा. सिंह के मुताविक अस्पताल के चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी आ कर्मचारी करके करिब ४ सय जने सावन एनेके जोखिम भत्ता मिलल नइखे । बियफे के दिने प्रदर्शन करत अस्पताल प्रशासन घेराव कईल दोसर डा. दीपक चौरसिया बतवनी । उ अस्पताल प्रशासन जलदी भत्ता रकम वितरण करेके आश्वासन देहल बतवनी । उ कहनी, “२–४ दिन मे ना मिलला पर आउर सशक्त आन्दोलन होखी ।”
अस्पताल प्रशासन कोभिड महामारी मे ना खटललोग भी भत्ता दाबी कईला के चलते समस्या भईल जनावल गईल बा । अस्पताल के मेडिकल सुपरिन्टेन्डेन्ट डा. सञ्जय ठाकुर जोखिम भत्ता अस्पताल के सभी स्वास्थ्यकर्मी आ कर्मचारी माँग कईल बतवनी । “ओहिसे जोखिम भत्ता के खातिर कोभिड मे काम करेवाला कर्मचारी के ड्युटी प्रमाणित करे खातिर एगो समिति बनावल गईल बा । उ समिति ड्युटी प्रमाणित करके देहला के बाद नेपाल सरकार के नियमानुसार भत्ता बाँटल जाई”, डा. ठाकुर कहनी ।
समिति के सदस्य एवं अस्पताल विकास समिति के सदस्य सन्तोष पासवान से भत्ता के मापदण्ड भितर पडेवालालोग के विषय मे समिति छानबिन कर रहल बतवनी । उनका मुताविक कोभिड महामारी मे अस्पताल के आईसीयू, आकस्मिक कक्ष, पीसीआर ल्याब आ कोभिड अस्पताल मे प्रत्यक्ष खटललोग के तलब के शतप्रतिशत भत्ता देहल जाई । उल्था अन्नपूर्ण





