ब्लड क्यान्सर सँगे लड रहल विजय के ईलाज मे आर्थिक सहजोग करे खातिर निहोरा

बारा २६ असाढ

बारा के प्रसौनी गाँवपालिका–३ के ३२ बरीस के विजय साह जीतपुर मे कस्मेटिक दोकान चलावत रहलन । घर व्यवहार ठीके चलत रहे । कोरोना महामारी से उनकर व्यवसाय मे मन्दी आईल । माकिर उनकर जीवन मे महामारी से भी बडका बज्रपात आइल । ०७७ फागुन मे उनका ढाड दुखाएके समस्या देखल गईल । वीरगंज मे ईलाज करईला पर नस दबाईल पत्ता लागल । विजय काठमाण्डु मेडिकल कलेज (केएमसी) मे शल्यक्रिया करवलन ।

शल्यक्रिया के बाद भी उनका ठिक ना भईल । आउर चेकजाँच के बाद केएमसी के चिकित्सक ‘ब्लड क्यान्सर’ भईल बतवलन । उनका क्यान्सर के ईलाज करावे खातिर भारत के बाराणासी लेगईल गईल । उहाँ करिब एक लाख रोपेया भारु खर्च भईल विजय बतवनी । चेकजाँच करेसे पहिले हि बहुते रोपेया डिपोजिट मागे लागला के बाद ठगाईल महशुस होके घर आईल उ सुनवनी ।

भारत से अईला के बाद उ विपी कोइराला मेमोरियल क्यान्सर अस्पताल भर्ना भईलन । अचानक अवस्था बिगडला के बाद बीच मे कुछ दिन सप्तगण्डकी अस्पताल मे भी राखके ईलाज कईल आफन्तलोग बतवलन ।

विजय के ईलाज मे केतना खर्च भईल ? उलोग हिसाब हि करे नईखन सकल, माकिर उलोग सँगे सुरक्षित अनेकन अस्पताल, ल्याब आ दवाई दोकान के बिल जोडला पर साढे ४ लाख से बेसी खर्च भईल देखल गईल बा । ईलाज के खातिर रोपेया के कमी भईला के बाद विजय जीतपुर के दोकान अढाई लाख मे बेंचलन । गाँव के दु कठ्ठा खेत तीन लाख रोपेया मे बेंचले बाडन ।

‘ईलाज मे बहुते खर्च भईल बा, चिकित्सक ६ बेर किमोथेरापी करेके पडि कहले बाडन, एगो किमो मे ६० हजार के दवाई चलेला, किमो करके घर पठईला पर आउर २०÷२५ हजार के दवाई देवेलन । २ गो किमो भईल, दोसर करावे खातिर अस्पताल आईल बानी’ कहत उ ‘अभी ३ बेर किमो करावेके पडि, खर्च उठावे सकेके अवस्था अब नईखे ।’

घर के बा चिन्ता

विजय के घर मे बुढ माई बाबु दुनु बेमार बाडन । विजय उलोग के अकेला सन्तान हउवन् । मधुमेह रोगी बाबु जगदिश साह के प्यारालाइसिस भईल बा । माई के भी मधुमेह के समस्या बा । परिवार मे मेहरारु आ नाबालक दु बेटा आ एक बेटी बाडि । कमाएवाला अकेला आदमी विजय बाडन । उ फागुन से हि बिछौना मे पडल बाडन । तीन सन्तान के भविष्य सुन्दर बनावेके सपना देखल विजय के खुद बिछौना धईला पर उलोग के चिन्ता बा ।

‘बाबु के काम छुटल बा, घर मे कमाएवाला हक अकेला रहनी, बेमार भईल बानी, ब्लड क्यान्सर बा, गोड भी चलत नईखे, दु जने उठाके बईठावेलन’ कहत विजय ‘हमरा उपर निचे भईला पर परिवार के कउन हालत होखी कहके चिन्ता बा ।’ विजय के ईलाज मे सहजोग करे चाहेवाला ईसेवा नम्बर ९८१४२५९६८०, भा विजय साह के नाम मे रहल ग्लोबल आईएमई बैंक के खाता नम्बर भ् छण्ठण्ण्ण्द्धज्ञटठ मे सहजोग करे खातिर परिवार निहोरा कईले बाडन ।

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