सर्लाही मे भी घुमुवा असई यादव के आतंक

सर्लाही, ३१ भादो

प्रदेश नम्बर २ के सर्लाही जिल्ला मे घुमुवा आतंक बढला पर भी समबन्धित निकाय मौन रहल बा । तस्करी के अखडा के रूप मे मानल जाएवाला सर्लाही जिल्ला मे प्रहरी सहायक निरीक्षक मनोज यादव बितल कुछ दिन से घुमुवा के नाम मे रकम असूली के अबैध धन्दा चालू कईले बाडन ।

२ नम्बर प्रदेश प्रहरी कार्यालय के प्रमुख डिआइजी उमेश रन्जितकार से अख्तियार दुरूपयोग अनुसन्धान कार्यालय टङ्गाल काठमाण्डु मे आयुक्त रहल जय बहादुर चन्द के नाम मे सर्लाही से रकम असूली धन्दा सुचारू भईल बा ।

जिल्ला प्रहरी कार्यालय सर्लाही मे बितल ६ महिना अगाडी गईल प्रहरी सहायक निरीक्षक यादव आपन पावर प्रयोग करके इलाका प्रहरी कार्यालय त्रिभुवन नगर के कमान्डर बनेमे सफल भईल रहलन । प्रहरी नायब निरीक्षक रहेवाला जगहा मे आयुक्त चन्द के पावर प्रयोग करके प्रदेश प्रहरी प्रमुख के इशारा मे इन्चार्ज बनेमे सफल भईल रहलन ।

ओतना मात्र ना आयुक्त चन्द के पावर से उ जिल्ला आ प्रदेश के घुमुवा भी बनके असूली धन्दा सुचारू कईल स्थानियलोग सिकाईत कईले बाडन । एक जने स्थानीय श्रोत के मुताविक आयुक्त चन्द रानीपोखरी मे एआइजी भईल समय उनकर बिश्वासिला पात्र के रूप मे मनोज यादव रहल रहलन । उनकर काम जबर्जस्ति रकम असुली करेके, अपहरण करेवाला, लागू औषध मुदा मेलमिलाप करावेके, आ उहे समय मे ६ महिना निलम्बन मे भी पडल रहलन । प्रहरी सहायक निरीक्षक मनोज यादव एक बदनाम घुमुवा के रूप मे चिन्हईला पर भी अभी जिल्ला प्रहरी कार्यालय सर्लाही, प्रदेश प्रहरी कार्यालय के साथे आयुक्त चन्द के नाम से भी रकम असूली कर रहल श्रोत के दाबी रहल बा ।

जिल्ला प्रहरी कार्यालय सर्लाही के प्रमुख प्रहरी उपरीक्षक सन्तोष सिंह राठोर के नाम से मासिक २५ लाख, डिआइजी उमेश रन्जितकार के नाम से मासिक ५ आ आयुक्त जय बहादुर चन्द के नामम ोमासिक ७ लाख करके जम्मा ३७ लाख रकम उठा रहल श्रोत के दाबी रहल बा ।

सर्लाही जिल्ला से निचलका स्तर से उपरला स्तर तक बात मिलला के बाद अभी तक के बडका तस्करी के लाइन सुचारू भईल बा । प्रहरी संगठन प्रमुख के आदेश के धज्जी उडावत अईसन किसिम के तस्करी के लाइन सुचारू करावल पुलीस के इमान्दारिता उपर सवाल खडा भईल बा ।

ई बिषय मे प्रहरी संगठन के प्रमुख आइजिपी शैलेस थापा क्षेत्री के ध्यान पुगल बहुते जरुरी देखल गईल बा ।

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