तराई मे नहाए खाए सँगे छठ विधिवत रुप मे सुरु

वीरगंज २२ कातिक

छठ पर्व सोमार से विधिवत रुपमे सुरु भईल बा । सत्य आ अहिंसा प्रति मानव के रुचि बढावेके आ सभी जीव उपर सहानुभूति राखेके अभिप्रेरित करेवाला तराईवासी के महान् चाड छठ सोमार से सुरु भईल बा । कातिक शुक्लपक्ष मे चार दिन तक मनावेवाला छठ पर्व के पहिलका दिन के ’नहाए खाएके दिन’ भी कहल जाला । छठ पर्व के पहिलका दिन सोमारय के छठ के व्रतालुलोग खोला, नाला, नदी, पोखरा, तलाव लगायत के जलाशय मे नहाधोवा के शुद्ध होके लसुन आ प्याज ना भईल शाकाहारी खाना खईले बाडन ।

छठ के दुसरका दिन अर्थात् पञ्चमी तिथि के दिन के ‘खरना’ रसियावरोटी कहल जाला । खरना के दिन से हि ब्रतालुलोग निराहार ब्रत सुरु करेलन । छठ के तिसरका दिन अर्थात् षष्ठी तिथी के छठ के मुख्य दिन मानल जाला । जउना के सँझीया घाटे भी कहल जाला ।

उ दिन ब्रतालु जनानी नदी, पोखरी, तलाव लगायत के जलाशय मे तईयार कईल छठघाट मे पुग के सँझिया डुब रहल सूर्य के आ बिहान भईला सप्तमी तिथी के दिन सबेरे उगरहल सूर्य के अर्घ देके पूजापाठ कईला के बाद छठ पर्व विधिवतरुप मे समापन होखेला ।

सोमार से विधिवत छठ पव सुरु भईला पर भी छठ के मुख्य दिन षष्ठी तिथी बुध के दिने परला से तराई मधेस के जिल्ला मे छठ पूजा के खातिर तईयारी तेजी से हो रहल बा । छठ पर्व मनावेवालालोग पोखरा के आँट आ नदी के किनार के सरसफाइ करत आपन आपन पूजास्थल सुरक्षित करेमे लागल बाडन । मध्यतराई के जिल्ला मे रहल छठी घाटसब मे सरसफाइ, सजावट आ व्यवस्थापन हो रहल बा ।

वीरगंज के घडीअर्वा, रानीघाट, नगवा, मुर्ली, छपकैया, पिपरा, रामगढवा, परवानीपुर, बहुअरी, आदर्शनगर, इनर्वा लगायत के क्षेत्र मे छटघाट सजावट आ सरसफाइ के काम तेजी से हो रहल बा । एकरा साथे इहाँ के बजार मे छठ पूजा के खातिर जरुरी बाँस के डागरा, सुपली, टोकरी, छईटी, माटी के कलश, दिया, हाथी, पुजन सामान आ प्रसाद मे प्रयोग होखेवाला ऊँख, फलफूल, मिठाइ, हरिहर तरकारी, गहुँ के पिसान, चिनी, तेल, नयाँ लत्ताकपडा लगायत के सामान किनेवालालोग के एतवार से हि भीडभाड बढल बा ।

वीरगंज के घण्टाघर चोक से माइस्थान चोक तक के सडक मे छठ पुजा के सामान, फलफूल आ बास के सामान बेंचेवाला दोकानसब रहल बा । उ दोकान मे ब्रतालुलोग सबेरे से भीडभाड भईला से एतवार के दिने दिनभर नगर के ट्राफिक अस्तव्यस्त बनल रहे ।

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