भव्य रुपमे भ्यालेन्टाइन डे मनावल गइल

वीरगंज ०२ फागुन

विश्वभर आजु भ्यालेन्टाइन डे अर्थात् प्रेम दिवस मनावल जा रहल बा । खास करके युवा युवती एकरा के विशेष चाड के रुप मे मनावेलन । नेपाल मे भी बितल कुछ बरीस से प्रेम दिवस विशेष रुप से मनावत आइल बाडन । ई दिन प्रेमिप्रेमिका एक दुसरका के अनेकन उपहार देके माया जटतावे के तथा खुद के मन परल आदमी लग प्रेम प्रस्ताव राखेलन ।

ई अवसर मे अनेकन सांस्कृतिक कार्जक्रम हो रहल बा । अभी विश्वभर युवायुवती विशेष महत्व के साथ मनावेवाला भ्यालेन्टाइन डे अर्थात् प्रणय दिवस के बारे मे अनेकन किंवदन्ती रहल बा । भ्यालेन्टाइन डे के औपचारिक शुरुवात सन् २६९ से रोमन से भइल मानल जाला । ई दिवस सँगे एगो दुःखान्त प्रेम कथा जुडल बा ।

तत्कालीन रोमन सम्राट क्लाउडियस द्वितीय आपन सैनिक के प्रेम तथा विआह करेमे रोक लगइले रहलन । प्रेम आ बिआह से सैनिक कमजोर होखिहन तथा युद्ध से सम्बन्धित गोप्य सूचना बाहर सार्वजनिक होखी कहके बिचार से धारणा सम्राट क्लाउडियस प्रेम तथा बिआह मे रोक लगइले रहलन । माकिर सम्राट के नियम मन ना परावेवाला मेसे रोमन के पादरी सन्त भ्यालेन्टाइन प्रेम के पक्ष मे आवाज उठइलन । उ प्रतिबन्ध उल्लंघन करत बहुते सैनिक के सार्वजनिक रुप मे बिआह करवलन । सम्राट उनका के पकड के मृत्युदण्ड के सजायँ सुना के जेल मे रखलन । जेल मे रहल समय सन्त भ्यालेन्टाइन के जेलर के दृष्टिविहीन बेटी से प्रित हो गइल ।

खुद के मृत्युदण्ड देवे से हिले सन्त भ्यालेन्टाइन लभ फ्रम योर भ्यालेन्टाइन कहके हस्ताक्षर सहित के प्रेमपत्र आपन प्रेमिका अर्थात जेलर के बेटी के देहल किवदन्ति रहल बा ।

उ आपन दुनु आँख प्रेमिका के देके मृत्युदण्ड स्वीकार कइले रहलन । उनका के सन् २६९ के फेब्रुअरी १४ मे मृत्युदण्ड देहल गइल रहे । सन्त भ्यालेन्टाइन प्रेम के खातिर कइल उ त्याग के सम्झना मे विश्वभर हरेक बरीस १४ फेब्रुअरी मे प्रेम दिवस के रुप मे भ्यालेन्टाइन डे मनावल जाला कहके कहनाम रहल बा ।

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