मधेस विश्वविद्यालय भादो से कानुन आ जनप्रशासन शङ्काय मे भर्ना करी

वीरगंज २४ सावन
मधेस विश्वविद्यालय इहे भादो महिना से कानुन आ जनप्रशासन शङ्काय मे भी भर्ना लेवेके तइयारी कईले बा । भादो महिना मे भर्ना प्रक्रिया सुरु करके कुवार से बीए, एलएलबी आ जनप्रशासन शङ्काय के कक्षा सञ्चालन करेके निर्णय भईल विश्वविद्यालय के रजिष्ट्रार विजयकुमार यादव जानकारी देहनी ।
ओकरा खातिर प्रारम्भिक कार्य पूरा करके गठित पाठ्यक्रम विकास समिति आ काठमाण्डु विश्व विद्यालय के विज्ञ टोली से तर्ईयार कर्ईल पाठ्यक्रम पारित कईल गईल बा । ‘‘विश्व विद्यालय के विषयगत समिति से तईयार कईल विद्यार्थी भर्ना प्रक्रिया आ मापदण्डपारित करके प्राज्ञ परिषद् से भी पास हो चुकल बा”, रजिष्ट्रार यादव कहनी, ‘‘अब कुछ दिन मे नेपाल कानुन व्यवसायी परिषद् से भी पास करके औपचारिक रूप मे हमनी भर्ना के प्रक्रिया सुरु करेम ।” भर्ना खोले खातिर करिब करिब तईयारी पूरा भइल उनकर कहनाम रहे ।
भर्ना सँगे आवेवाला कुवार से दुनु शङ्काय के पठनपाठन सुरु करेके रजिष्ट्रार यादव जानकारी देहनी । विश्वविद्यालय के तत्काल आपन संरचना निर्माण ना भईला से काठमाण्डु विश्व विद्यालय के समन्वय मे ई दुनु शङ्काय के पठनपाठन सुरु करेके तईयारी कईल बा । ओकरा सँगे विश्वविद्यालय जरुरी पूर्वाधार निर्माण के काम के भी अगाडि बढवले बा । विसं २०७९ वैशाख १४ गते मधेस प्रदेशसभाद्वारा मधेस विश्वविद्यालय ऐन २०७९ जारी होके २०७९ साल भादो २२ गते स्थापना भईल उ विश्वविद्यालय वीरगंज स्थित नेशनल ट्रेडिङ के भवन भाडा मे लेके कार्यालय सञ्चालन करत आईल बा ।
पोलिटेक्निक, आइटी, व्यवस्थापन, पारामेडिकल, कृषि इञ्जीनीयरिङ लगायत प्राविधिक शिक्षा के माध्यम से मधेस प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा हब के रूप मे विकास करेके उद्देश्य के साथ अगाडि बढेके ई विश्वविद्यालय जमिन प्राप्ति सँगे जरुरी भौतिक संरचना के खातिर डिपिआर तईयारी मे जुटल बा । उ काम के खातिर पर्सा के बहुदरमाई नगरपालिका–२ मे ३५ बिगहा आ पोखरिया नगरपालिका मे १६ बिगहा ऐलानी जमिन मिलल बा आ पर्सा के पकाहाँ मैनपुर गाँवपालिकास्थित सुरजाहा कट्टी मे (राधाकृष्ण मन्दिर) के २७ बिगहा जमिन मिलल बा । बहुदरमाई नगरपालिका–२ मे मिलल जमिन के सिमाङ्कन करके पिलर जडान कईल आ पोखरिया नगरपालिका के १६ बिगहा जमिन के स्वामित्व हस्तान्तरण के खातिर वार्ड कार्यालय से सिफारिस होके दोसर प्रक्रिया मे रहल विश्वविद्यालय जनवले बा ।
उ विश्वविद्यालय से खुद के जरुरी विश्वविद्यालय सङ्गठन, शैक्षिक आ प्रशासन नियमावली २०७९, शिक्षा, कर्मचारी सेवा नियमावली २०७९, आर्थिक प्रशासन नियमावली २०७९ भी पारित कर चुकल बा । आपन केन्द्रीय क्याम्पस खोलेके दीर्घकालीन सोच बनावल विश्वविद्यालय के डिपीआर तईयार भईला के बाद भौतिक संरचना निर्माण के खातिर अनेकन दूतावास, राष्ट्रिय योजना आयोग, मन्त्रालय तथा दाता से चन्दा सङ्कलन करके भवन निर्माण करेके लक्ष्य लेहल रजिष्ट्रार यादव बतवनी ।
जरुरत आ औचित्य के आधार मे जरुरी जनशक्ति भर्ना करे सकेके अधिकार मिलल आ उ विश्वविद्यालय मे अभी उपकुलपति आ राजिष्ट्रारबाहेक तीन जने प्रशासन मे आ चार जने कार्यालय सहजोगी मे कार्यरत बाडन ।






