जेठ २३ गते विश्वास के मत लेम, सरकार के निरन्तरता सुनिश्चित बा : मुख्यमन्त्री यादव
जेठ २३ गते विश्वास के मत लेम, सरकार के निरन्तरता सुनिश्चित बा : मुख्यमन्त्री यादव

धनुषा १४ जेठ
मधेश प्रदेश के मुख्यमन्त्री सरोजकुमार यादव जेठ २३ गते विश्वास के मत लेवेके बतवले बाडन । सोमार के दिने जनकपुर मे पत्रकारलोग से बातचीत मे २१ गते से बजेट अधिवेशन सुरु होखेके आ २३ गते हम विश्वास के मत लेम मुख्यमन्त्री यादव जानकारी देहले बानी । एहितरे मुख्यमन्त्री यादव मधेश सरकार गैरकानुनी रूप मे कुछो भी कदम ना चालल बतवले बाडन । कानुन मुताविक हि सरकार स्थानीय तह के ससर्त अनुदान वितरण आ अनेकन मन्त्रालय से रकमान्त करेके उनकर कहनाम बा । सोमार के दिने हि मुख्यमन्त्री यादव के एमाले, जनमत पार्टी, माओवादी केन्द्र आ लोसपा नेपाल अल्पमत के सरकार से दीर्घकालीन असर परेवाला किसिम के निर्णयसब करेके ना होखी कहत ध्यानाकर्षण भईल जनवले रहलन ।
मुख्यमन्त्री यादव कहनी पालिकासब ससर्त अनुदान के खातिर ताकेता कर रहला से कानुन मुताविक हि पईसा पठावेके बतवले बाडन । ’ससर्त सभी पालिका प्रमुख पुछ रहल बाडन । प्रदेश सरकार के काम कर्तव्य मुताविक हमनी काम कर रहल बानी,’ उ कहनी । एहितरे उ अभी भी अल्पमत के मुख्यमन्त्री ना भईल उनकर दाबी बा । उ कहनी, ’अभी अल्पमत के सरकार कहे ना मिली । विश्वास के मत ना मिलला के बाद दोसर मुख्यमन्त्री ना होखे तक के खातिर भईला पर हम अल्पमत के मुख्यमन्त्री होखती ।’ खुद विश्वास के मत मिलेके दाबी कईला पर भी मुख्यमन्त्री यादव कहनी, कउन–कउन दल समर्थन कईले बाडन कहके ना खुलईलन ।
१०७ सदस्यीय मधेश प्रदेशसभा मे १० दल सहभागी बाडन । सरकार गठन करे खातिर प्रदेशसभा के ५४ सांसद के समर्थन जरुरी पडि । प्रदेशसभा मे एमाले के २५, कांग्रेस के २२, जसपा नेपाल के १९, जनमत पार्टी के १३, नेकपा माओवादी केन्द्र के ९, लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी के ९, नेकपा एस के ७ तथा राप्रपा, नेपाल संघीय समाजवादी आ नागरिक उन्मुक्ति पार्टी के १–१ सांसद बाडन ।
प्रदेशसभा के सब से बडका दल नेकपा एमाले आ दुसरका बडका दल नेपाली कांग्रेस डेढ बरीस से तिरसका दल जसपा नेपाल नेतृत्व के सरकार मे सारथी बनत आईल बा । पिछिलका समय जसपा नेपाल के विभाजन से मधेश मे वर्तमान सरकार अल्पमत मे परल बा । माकिर नयाँ सरकार केकर नेतृत्व मे होखेके कहके टुंगो नईखे । सरकार गठन मे ’निर्णायक’ पोजिसन मे रहल छोटा दलसब खुदे मुख्यमन्त्री मे दाबी करे लागला के बाद बडका दल के मुस्किल भईल बा ।






