सिर्सिया चौंकी से टाइगर टोली तक: घुमवा दिनेश सिंह असुली आ तस्करी के खेल सुरु 

सिर्सिया चौंकी से टाइगर टोली तक: घुमवा दिनेश सिंह असुली आ तस्करी के खेल सुरु 

वीरगंज २६ बैशाख

नेपाल सरकार के नीति-नियम अनुसार १०० रुपैयाँ से बेसी के सामान बिना भन्सार नेपाल भितर नइखे आवे के चाहीं, बाकिर पर्सा जिला के मुख्य नाका वीरगंज भन्सार छोड़ बाकी अधिकांश नाका पर तस्करी रोकल जाए के बजाय बढ़त देखाइल पड़ रहल बा।

दिनभर नाका सुनसान देखावे खातिर नेपाल प्रहरी आ सशस्त्र प्रहरी कड़ा निगरानी के माहौल बनवले रहेला, बाकिर तस्करी जइसन आपराधिक गतिविधि पर प्रभावकारी रोक नइखे लग पावत।

खास क के पर्सा के अलौ आ सिर्सिया नाका से रोजाना खुलेआम तस्करी होखे के बात स्थानीय लोग बतावत बा। जे केहू एह नाका पर जाला, ऊ खुदे एह गतिविधि के देख आ बुझ सकेला।

स्थानीय लोगन के आरोप बा कि आम जनता अगर घरायसी सामान ले आवेला त ओह लोग के १०० रुपैयाँ के नियम बतावल जाला, बाकिर जे तस्कर प्रहरी प्रशासन के मोट रकम “नजराना” दे देला, ओकर माल बिना कवनो चेकजाँच आराम से छोड़ दिहल जाला।

एह खातिर ड्युटी खर्च लेवे के चर्चा भी जोर पर बा।वीरगंज के सिर्सिया चौकी अंतर्गत छपकैया पुल के पश्चिम से लेके तिलावे पुल तक के इलाका पड़ेला। एह इलाका में कार्यरत घुमवा दिनेश सिंह पर सवाल उठ रहल बा। स्रोत के दावा बा कि लगभग ६–७ महीना के कार्यकाल में ऊ एह क्षेत्र के तस्करी रास्ता आ सक्रिय तस्करन से गहिर संबंध बना लिहले बाड़न।

स्थानीय बासिन्दा बतावत बाड़न कि दिन-रात मोटरसाइकल के तेज आवाज आ तस्करन के आवत-जावत से रात में चैन से सूतल मुश्किल हो गइल बा। खलवा-सिर्सिया क्षेत्र के एक स्थानीय व्यक्ति कहलन कि रातभर होखे वाला गतिविधि से इलाका अशान्त बन गइल बा।

जानकारी अनुसार, दिनेश सिंह कई बेर प्रहरी के वर्दी में त कई बेर सिविल ड्रेस में अपना एफजेड मोटरसाइकल पर नाका निरीक्षण खातिर पहुँचल देखाइल पड़ेलें।

सबसे ज्यादा चर्चा एह बात के बा कि सिर्सिया चौकी में घुमवा रहला के बाद एकाएक सरुवा भइला आ तुरन्त टाइगर टोली में पहुँचला से स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहल बा।

लोग कहत बा कि मजबूत पहुँच आ सम्बन्ध होखे पर बाटो आ सेन्ट्री ड्युटी ना करे के पड़ेला, मनपसंद पोस्टिंग आसानी से मिल जाला।

अब स्थानीयवासी आ जानकार लोग संबंधित निकाय से निष्पक्ष छानबीन कराके सच्चाई सामने लियावे आ तस्करी पर कड़ा नियन्त्रण करे के माँग करत बा। संभार: काठमाडौं बुलेटिन

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