सरस्वती माता के मुर्ति बनावे मे मुर्तिकार व्यस्त

प्रभु यादव
बारा १० माघ,
ई बरीस के वसन्त पंचमी जेतने नजदीक आवत बा ओतने मुर्ति तयार करे मे मुर्ति बनावेवाला व्यस्त बन रहल बा ।
विद्याकी देवी, शिक्षा के प्रकाश तथा ज्ञान के भण्डार मानल गईल माता सरस्वती के माघ के १६ गते वियफे के दिन पुजा होई । बहुते किसिम के मुर्ति बनारहल कलैया उपमहानगरपालीका वार्ड नम्वर ४ बस पार्क के नजिक के बनारहल मुर्तिकार नारायण यादव १०० गो मुर्ति तयार कईले बानी जनकारी करावले बानी ।
आपने व्यस्त रहके मुर्ति बनावत यादव जनकारी देहनी कि करीब तीन दिन तक मे सब काम पूरा कर के बेचेला पूरा होई जनकारी करावले बानी । ई बरीस बरसात भइल आ ठण्डा अधिक भईला से मुर्ति बनावे मे बहुत परसानी भईल यादव जनकारी देहनी । घाम लागेला जवना समय मे मुर्ति तयार करे मे सहयता मिलेला जनकारी देहनी । आपना जगह बनावल गईल एक सय मुर्ति मे से ८० मुर्ति बेनाबटा होगईल यादव कहनी ।
एक मुर्ति के एक हजार से पाच हजार तक मे दाम मे बनावल गईल जनकारी मुर्ति बनावेवाला यादव कहनी । करीब १० बरीस के उमेर से आपने मुर्ति बनावे के काम करते आरहल बानी आज करीब तीन दसक भईल यादव कहनी । महाजग, पुजा, छठ पवनी, महाविरी झण्डा लगायत के जगह मे मुर्ति बनावल करीनी कहनी ।
ई बरीस करीब एक लाख पचास हजार रूपेया आम्दानी करे के लक्ष्य रहल बा । मुर्ति बनावे मे करीब ४० हजार खर्चा कईल गईल जनकारी यादव देहनी । मुर्ति बनाके आपन घर के खर्चा चला के लईका लईकी के पढाइ करावले बानी कहनी । मधेश मे स्कुलआ घर घर मे शिक्षा के आसा राख के सरस्वती पुजा करे के मुर्ति राख के करे के चलन बहुत चलला से मुर्ति के माग बढ गईल बा जवना से बारा के कलैया, सिम्रौनगढ, गजभानीपुर, जितपुर, प्रसौनी लगायत के ठावमे मुर्ति बनावेला मुर्तिकार लोग व्यस्त रहल बानी ।





