वीरगंज कारागार जीर्ण, कैदी बन्दी के अवस्था नाजुक

वीरगंज २७ माघ,

एक हजार ३ सय ४० कैदीबन्दी रहल वीरगंज के कारागार भवन बहुते जीर्ण रहल मिलल बा । एक हजार जने क्षमता के ई कारागार मे क्षमता से बेसी कैदीबन्दी राखल गईल बा ।

कारागार भवन वर्षात के समय मे चुवेके कआ भूकम्प अईला पर भसकेवाला किसिम से जीर्ण अवस्था मे पुगल कैदीबन्दी बतवले बाडन ।
वीरगंज मे आजु आयोजना कईल मानव अधिकार प्रवद्र्धन सम्बन्धी जिल्ला स्तरीय गोष्ठी मे कारागार के जीर्ण अवस्था आ क्षमता से बेसी राखला के चलते कैदीबन्दी के मानव अधिकार हनन भईल आवाज सरोकारवाला उठवले बाडन ।

जिल्ला प्रशासन कार्यालय मे भईल गोष्ठी मे सरोकारवाला कारागार मे कैदी आ थुनुवा से मिलेवाला सीदा खर्च बहुते कम भईल, क्षमता से बेसी कैदी बन्दी राख के मानव अधिकार हनन होरहल, कारागार मे स्वास्थ्यकर्मी आ दवाई के कमी रहल बतवले रहलन ।
उलोग के नयाँ मापदण्ड मुताविक भवन निर्माण करेके, थुनुवा हिरासत कक्ष के उचित व्यवस्थापन होखेके, खानेपानी लगायत सुविधा के उचित व्यवस्था होखेके बिचार रखले रहलन ।

कारागार मे दु सय १५ जने विदेशी कैदीबन्दी रहल इहाँ २ पाकिस्तानी आ बाँकी भारतीय बाडन ।
कारागार प्रमुख जेलर श्रवण कुमार पोखरेल कारागार मे सुधार के कमी देखल गईल बतवनी । उ स्रोत साधन के कमी मे कैदी बन्दी आ थुनुवा के अदालत तक पुगावे मे समस्या भईला से भिडियो कन्फरेन्स के सुविधा होखेके बतवनी ।

“कारागार मे ७८ प्रतिशत थुनुवा बाडन, कैदी के संख्या २ सय ९३ मात्र बा । मुद्धा के जलदी फैसला ना भईला से समस्या बा” कहत उ “कैदीबन्दी के समय समय मे अदालत लेगईला पर सुरक्षा संवेदनशीलता बेसी होखेला ।

भिडियो कन्फरेन्स सुविधा भईला पर अदालत मे पेशी चढल, बहस देखेके सुविधा होखित ।”
प्रमुख जिल्ला अधिकारी विष्णुकुमार कार्की आ गृह मन्त्रालय के सहसचिव पुष्कर सापकोटा कैदी बन्दी के मानव अधिकार रक्षा के खातिर गम्भिर तरिका से लागे के प्रतिबद्धता जनवनी ।उल्थाःअनलाईन

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