सिमा नाका बन्द भईला से पर्सा के ग्रामीण सिमा क्षेत्र के वासीलोग दुःखीत

मेघराज राय
जीराभवानी ०३ अगहन
कोभिड–१९ रोकथाम आ नियन्त्रण के नाम मे आठ महिना से नेपाल–भारत सीमा वारपार आवेजाजएमे रोक लगईला पर सीमावर्ती क्षेत्र मे आर्थिक, सामाजिक आ सांस्कृतिक गतिविधि प्रभावित बनल बा ।
सीमा वारपार के सम्बन्ध मे लगावल गईल ब्रेक से दैनिक जीवन मे प्रभाव पडल कहत सीमा क्षेत्र के आदमी आक्रोश भी जनवले बाडन ।
सीमा क्षेत्र मे सरकारी निर्णय के अवज्ञा कर रहल मिलल बा ।
औपचारिक नाका आ पुलीस के उपस्थिति रहल जगहा लगे से ना होके खेत होत आदमी के लाईन आरपार कईल देखल गईल बा ।सीमा क्षेत्र मे पुलीस सँगे छोटाछोटा बिवाद सामान्य जईसन बनल बा ।
भारत ओरी के बजार मे नेपाल से सस्ता मे सामान मिलेवाला भईला से सीमावर्ती क्षेत्र के नेपालीलोग के समस्या भईल बा ।
स्थानीयलोग जीविकोपार्जन के खातिर रासन किने से लेके भोज भतेर शादीबियाह से लेके व्यवसाय तक के खातिर दु तर्फी आउजाउ करेवाला आदमी के नियमित कामकाज रुकला पर समस्या भईल बतवले बाडन ।
भारत ओरी से आदमी नेपाल आवेमे रोकला पर नेपाल के बजार आ व्यवसाय भी कम भईल स्थानीय ब्यपारीलोग बतवले बाडन । चाडपरब के समय आदमी से आउर पिडित बनल महसुस कईले बाडन ।
जीराभवानी १ के स्थानीय नेता रामसरण खवाश थारु कहनी कि नाका बन्द के चलते तराई क्षेत्र मे होखेवाला कैयन शादीबियाह होखे ना सकल बतवनी ।
जीराभवानी १ जगतिया के गौतम राय थारु आपन बेटा आ बेटी के बियाह बितलत बैशाख २८ गते होखेके पक्कापक्की भईल आ ओकरा खातिर बराती जाएवाला गाडिसब मे भी रोक लागल रहे माकिर लकडाउन से चलते गाडी कार्ड छपाई आ अनेको सामान बेकार गईल आ लगभग २ लाख के घाटा लागल बतवनी ।





