प्रधानमन्त्री के संघीयता आ गणतन्त्र विरोधी मानसिकता उजागर भईल : मुख्यमन्त्री राउत

वीरगंज ०५ पुस

प्रदेश २ के मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत गद्दी प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली के संघीयता आ गणतन्त्र विरोधी मानसिकता उजागर भईल बतवले बानी ।

संविधान मे व्यवस्था हि ना भईल आधार के टेक के प्रधानमन्त्री ओली संसद विघटन करके प्रतिगामी के फायदा करावल आरोप लगवनी ।

सञ्चारकर्मी से संक्षिप्त प्रतिक्रिया देत उ कहनी, “प्रधानमन्त्री के कदम से उनका भितर के संंघीयता, गणतन्त्र आ परिवर्तन विरोधी मानसिकता के प्रतिबिम्ब झल्कल बा,” कहत उ, “देश द्वन्द्व मे जाए सकेके अवस्था देखल गईल बा ।”

प्रधानमन्त्री के जउन मन लागल उहे करके देश के हित विपरीत अगाडि बढल आरोप उनकर बा ।

“प्रधानमन्त्री संविधान संवत चलेके पडि माकिर उ जउन जउन मन लागी कईले बाडन,” कहत मुख्यमन्त्री गद्दी, “खुद बाहेक आउर केहु नइखे कहके मानके कदम चालल बा । जउन देश, जनता, संघीयता, गणतन्त्र आ परिवर्तन के खातिर घातक बा ।”

संविधान मे प्रधानमन्त्री से संसद विघटन के खातिर सिफारिस करे सकेके प्रावधान हि ना भईल जिकिर करत उ सर्वोच्च अदालत से संसद चलावेके भा सभामुख से विशेष अधिकार प्रयोग करके संसद बईठक बोलावे सकेके बतवनी ।

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