संसद विघटन के विरोध मे जसपाद्वारा वीरगंज मे प्रदर्शन

वीरगंज ०८ पुस

संसद विघटन कईल विरोध मे जनता समाजवादी पार्टी वीरंज मे प्रदर्शन कईले बा । असंवैधानिक, अलोकतान्त्रिक एवम् स्वेच्छाचारी तरिका से प्रतिनिधि सभा विघटन भईल कहत जसपा से विरोध प्रदर्शन कईले बा ।

वीरगंज के घण्टाघर से सुरु कईल विरोध प्रदर्शन माईस्थान, आदर्शनगर होत बजार परिक्रमा के बाद फेनु घण्टाघर मे आके कोण सभा मे परिणत भईल रहे ।

प्रदर्शन मे सहभागीलोग असंवैधानिक अलोकतान्त्रिक कदम खारेज कर, रेशम चौधरी के रिहा कर, संसद पुर्नस्थापना कर, केपी ओली तोरर पारा से दुःख मिलल सारा के लगायत के नाराबाजी भी कईले रहलन ।

आन्दोलन मे सहभागी नेता कार्यकर्तालोग लोकतन्त्र, गणतन्त्र आ संघीयता उपर प्रहार भईल बतवले बाडन । विघठित संसद सदस्य प्रदीप यादव राष्ट्रपति आ प्रधानमन्त्री मिल के जनता के धोका देहला से विरोध करेके पडल बतवनी ।

उ असंवैधानिक कदम के विरोध मे चरणबद्ध आन्दोलन होखेके आ प्रतिनीधि सभा पुनर्स्थापना ना होखे तक संघर्ष जारी रहेके दाबी कइनी ।

‘नागरिक उपर बडका बज्रपात पडल बा । नागरिक के बँचावे खातिर समय बा । कोभिड–१९ महामारी चल रहल अवस्था बा ।

सारा देश भ्याक्सिन के व्यवस्थापन मे लागल बा,’ कहत उ, ‘माकिर हमनी के प्रधानमन्त्री जनता से बनावल सार्वभौमसत्ता सम्पन्न संसद के भंग कईले बानी । कुर्सी बँचावे खातिर लागल बानी । ओकरे विरोध मे हमनी बानी । प्रतिगामी कदम सँचियावे के पडि ।’

निर्वाचन मे जाए के समय ना भईल बतावत उ चुनाव करावे के बात प्रधानमन्त्री के नाटक मात्र भईल दाबी कइनी । ‘प्रधानमन्त्री से कहल मुताविक अभी चुनाव होखे जात नइखे ।

उ तानाशाही प्रवृत्ति लादेके कोसिस कर रहल बाडन, हमनी ओकरा के तुरेके पडि,’ कहत उ, ‘देश के बन्धक बनाके एकतन्त्रीय शासन चलावे के कोसिस हो रहल बा । देश मे संकटकाल लगावे के तइयारी हो रहल बा । जनता से ओकर विरोध करेके पडि ।’

निलम्बित सांसद हरिनारायण रौनियार पार्टी के झगडा के लेके देश के बन्धक बनावे के ना होखी कहके बतवनी ।

जसपा के नेता शिव पटेल जनता से पाँच बरीस के खातिर संसद गठन कईला से ओकरे के कार्यान्वयन करेके बात मे जोड देहनी ।

वितल समय मे आन्दोलन के बल मे संसद पुर्नस्थापना कईल बतावत जसपा के युवा नेता ओमप्रकाश सर्राफ जनता से साथ देहला पर संसद पुनर्स्थापना होखेके दाबी कइनी ।

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