वीरगंज के निजी अस्पताल बहुते शुल्क असुली कर रहल

वीरगंज १४ जेठ
कोरोना संक्रमण पुष्टि भईला के बाद सर्लाही के ६५ बरीस के जनानी २७ वैशाख मे वीरगंज के प्रभु हस्पिटल मे भर्ना भइली । ८ दिन अस्पताल मे रहल उनकर बिल दु लाख एक हजार ४५० रोपेया आईल, जउना मे अक्सिजन के मात्र एक लाख एक हजार रोपेया बा ।
अस्पताल मरेजी से १ लाख ९६ हजार ७ सय रोपेया लेहलख आ बाँकी छुट देहलख ।
ई बिल सार्वजनिक भईला के बाद अस्पताल बेसी रोपेया ना लेहल स्पष्टीकरण देहले बा । वैशाख २७ गते अस्पताल भर्ना भईला पर उनकर अक्सिजन लेभल ७० रहे । उनका के हाइफ्लो अक्सिजन देहला के साथे नन–इन्भेसिभ भेन्टिलेटर बाइप्याप के प्रयोग भईल अस्पताल के दाबी बा ।
प्राविधिक गलती के चलते अक्सिजन मे मात्र बहुते रोपेया देखल गईल अस्पताल के सञ्चालक डा. मनोज कुमार गुप्ता बतवनी । उ कहनी, ‘हाइफ्लो डबल अक्सिजन सहित बाइप्याप के शुल्क लेहल गईल बा । कम्युटर सिस्टम मे उ शब्दसब इन्ट्री ना रहे । ओहिसे अक्सिजन मे बहुते रोपेया देखल गईल बा । मरेजी से बेसी रोपेया नईखे लेहल गईल ।’
माकिर वीरगंज के निजी अस्पतालसब बहुते शुल्क लेहल सिकाईत कम नईखे भईल ।
वीरगंज के स्पर्श मल्टी स्पेस्यालिटी हस्पिटल रौतहट, चपुर के ६५ बरीस के जनानी के ईलाज मे ३ लाख १४ हजार ६८७ रोपेया लेहल सार्वजनिक भईल । वीरगंज के भवानी अस्पताल २६ बरीस के पुरुष से ४ दिन के ४१ हजार ९६५ रोपेया लेहल बिल भी सार्वजनिक भईल बा ।
निजी अस्पताल सम्झौता नईखे कईले
सरकार कोरोना संक्रमित के सामान्य ईलाज के खातिर दैनिक ३५०० रोपेया, मध्यम के खातिर ७ हजार आ गम्भीर के खातिर १५ हजार रोपेया तोकले बा आ भुक्तानी सरकार से करेवाला किसिम से अस्पतालसब से सम्झैता कईले बा ।
माकिर वीरगंज के अस्पतालसब सम्झौता नईखन कईले । सरकार से तोकल शुल्क अपर्याप्त भईल निजी अस्पताल के सञ्चालक के तर्क बा । निजी अस्पतालसब के संगठन अफिन के पर्सा कोषाध्यक्ष एवं आशाराम अस्पताल के सञ्चालिका निभा दास सरकार से तोकल शुल्क मे ईलाज सेवा देहला पर अस्पताल के खर्च भी चले ना सकेके बतवनी ।
‘कोरोना संक्रमित के ईलाज मे खटेवाला चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी तथा सहजोगी कर्मचारी सामान्य अवस्था से तीन गुना बेसी रोपेया मागेलन । उ भी १५ दिन से बेसी खटावल ना जा सकता,’ कहत उ, ‘खर्च चलावे सकेके अवस्था ना देखल गईला के बाद सरकार से सम्झौता होखे ना सकल ।’
सम्झौता कईल अस्पताल मरेजी के निःशुल्क सेवा देके सरकार से रोपेया के सोधभर्ना ले सकत बाडन । सम्झौता ना कईला पर सरकार से तोकल शुल्क मे ५० प्रतिशत तक थप करके लेवे सकेके दोसर सरकारी निर्णय मुताविक सेवा देरहल अस्पताल सञ्चालकलोग के दाबी बा ।
भवानी अस्पताल के सञ्चालक एवं अफिन पर्सा के अध्यक्ष राम श्रेष्ठ कोराना संक्रमित के ईलाज कईला पर अक्सिजन मे बेसी खर्च हो रहल बतवनी । ‘ईलाज से भी अक्सिजन मे दु गुणा खर्च बेसी आ रहल बा । एगो मरेजी के दैनिक १५ हजार के त अक्सिजन लागेला’ कहत उ, ‘२७ सय मे मिलेवाला अक्सिजन रेगुलेटर के दाम ७ हजार पुगल बा, अढाई रोपेया मे मिलेवाला ग्लोभ्स के २४ रोपेया लाग रहल बा । एक बेर राउन्ड मे ५ से ८ गो पिईई खर्च होखी ।’ ई सभी ना देख के बेसी रोपेया लेहल आरोप मात्र लगावल उनकर सिकाईत बा ।
निजी अस्पतालसब के अगुगमन करके जिम्मा मिलल कोभिड एक्सन टिम (क्याट) के संयोजक एवं जिल्ला समन्वय समिति पर्सा के सभापति नेक महम्मद अन्सारी निजी अस्पताल मरेजी के ढाड सेकेवाला किसिम से शुल्क लेरहल दावी कईले बानी । ‘एहितरे आलोचना भईल नईखे, बेसी शुल्क लेरहल बाडन,’ कहत उ, ‘महामारी मे चिकित्सक, कर्मचारी के बेसी पईसा देके राखेके पडल बा, उपकरण मे बेसी खर्च बा कहके मरेजी के ढाड सेकेवाला काम हो रहल बा, उ गलत बा ।’ एक÷दु दिन भितर अस्पतालसब के अनुगमन के प्रतिवेदन सार्वजनिक करेके उ बतवनी ।
अनुगमन के खातिर अनुगमन
निजी अस्पताल के बारे मे सिकाईत बढला के बाद ५ जेठ मे बईठल जिल्ला कोभिड– १९ संकट व्यवस्थापन केन्द्र के बईठक से अनुगमन करेके निर्णय कईलख । सहायक प्रमुख जिल्ला अधिकारी भिमकान्त पौडेल नेतृत्व मे अनुमगन समिति बनल बा, जउना मे स्वास्थ्य कार्यालय, वीरगंज महानगरपालिका, सुरक्षा निकाय के प्रतिनिधि सदस्य बाडन । समिति प्रभु, भवानी, स्पर्श मल्टी स्पेस्यालिष्ट हस्पीटल के अनुगमन कईले बा ।
गण्डक, बयोधा, एलएस न्युरो लगायत अस्पताल के अनुगमन करेके बाँकी रहल समिति जनवले बा । सहायक प्रजिअ पौडेल निजी अस्पताल के निरन्तर अनुगमन करके जरुरी निर्देशन देरहल बतवनी । ‘कोभिड मरेजी रखले बाडन कि ना ? राखल होखी त कईसे शुल्क लेरहल बाडन ? कहके अनुमगमन कईल गईल बा’ कहत उ, ‘संक्रमित के ईलाज कर रहल बाडन, एके बेर हतोत्साहित करावेके भी ना भईल । कउनो अस्पताल मे बिल काटला पर समस्या देखल गईल बा ।’
सेवा शुल्क आ सिकाईत के बारेमे स्थानीय प्रशासन बियफे के दिने मात्र निजी अस्पतालसब से छलफल भी कईले बा । स्वास्थ्य मन्त्रालय से तोकल मापदण्ड मुताविक शुल्क लेवे खातिर निजी अस्पताल के लिखित प्रतिबद्धता करावेके प्रमुख जिल्ला अधिकारी पिताम्बर घिमिरे बतवनी । ‘मापदण्ड से बाहर जाके शुल्क लेवे ना मिली, ओईसन मिलला पर कारबाही होखी,’ उ कहनी ।






