प्रदेश २ के मन्त्रिपरिषद् विस्तार विरुद्ध अन्तरिम आदेश देवेके अस्वीकार

जनकपुरधाम १८ असाढ
प्रदेश २ सरकार समावेशी ना भईल कहत पडल रिट मे उच्च अदालत जनकपुर अन्तरिम आदेश देवेमे अस्वीकार कईले बा ।
सरकार मे नेपाली कांग्रेस से सहभागी भईल तीन जने मन्त्री के हैसियत मे काम करे ना मिलेवाला किसिम से अन्तरिम आदेश देवेके माग करत अधिवक्ता राजकुमार महासेठ रिट दायर कईले रहलन । माकिर मुख्य न्यायाधीश विनोद शर्मा आ हरिप्रसाद बगाले के संयुक्त इजलास से रिट निवेदक के माग मुताविक अन्तरिम आदेश ना देहलख ।
‘मन्त्रिपरिषद् समष्टिगत रुप मे समावेशी सिद्धान्त बमोजिम गठन होखेके कहके संवैधानिक प्रावधान रहला मे प्रदेश २ मे बितल २०७४ साल फागुन ३ गते १२ सदस्यीय मन्त्रिपरिषद् गठन होके मिति २०७८ साल जेठ २३ मे पुर्नगठन भईला पर कायम रहल ९ सदस्यीय मन्त्रीपरिषद् के संरचना सम्बन्ध मे निवेदक के कउनो आपत्ति रहल भा ओकरा के चुनौती देहल कहल ना जा सकता,’ आदेश मे कहल गईल बा, ‘केवल जेठ २६ गते मन्त्रिपरिषद् विस्तार भईला पर मन्त्री के हैसियत मे नियुक्त भईल तीन जने के हद तक मात्र चुनौती देके उलोग के नियुक्ति बदर के माग रहल देखल गईल बा ।’
मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत २६ जेठ मे कांग्रेस के तीन मन्त्री के समेट के मन्त्रिपरिषद् विस्तार कईले रहलन ।






