दिन पर दिन झिझिया लोप हो रहल

प्रभु यादव
बारा २२ कुवार
तराई मधेश मे दशहरा मे मनावल जाएवाला झिझिया पर्व वियफे के दिन से शुरू भईल बा ।
माटी के घईला मे छोट छोट छेद कर के भितर बती आ तेल बतिहर राख के जला के झिझिया गाँव मे रहल रास्ता सब मे घुम के मनावल जाला । भुत प्रेत लगावेवाला डाईन के गुण ना लागो मान्यता राख के गाँव के लईकी सब मिल के मनावेली ।
लईकि सब के समूह जमा होकर के झिझिया मुडि पर राखके गाँव परिक्रमा करे के समय मे गित के माध्यम से देवी देवता के स्मरण करत डाईन के गुण ना लागे देवेला कामना करेला । तोहरे आसे ब्रहम बाबा झिझिया बनावनी, खईबे त खो डईनी कोतरा मछरी ना खईवे त खो आपन बेटवा जईसन गित सब बहुते चर्चा मे रहेला कलैया उपमहानगरपालिका वार्ड नम्वर २ के रामदेनी गिरी जनकारी करावले बानी ।
दशहरा के पहिलका दिन से सुरू भईल झिझिया पर्व दशमी के सझिया मे गाँव के नजदीक रहल पोखरा आ नदी मे डुबा के समापन होखेला कहके गिरी जनकारी करावले बानी । झिझिया खेले गईल लईकी छेदकईल घईला बोकेवाला नचावत रहेला डाईन के गुण ना लागो कहत गईल डाईन छेद गन लिई त घईला बोकेवाला लईकी ओही जगे मर जाई पुरानिया लोग के कहनाम रहल गिरी जनकारी करावले बानी ।
झिझिया लेके घुमला पर जेकरा जेकरा दुआर पर पुगला पर तेल बती लगात पईसा चामल देवेला गिरी जनकारी करावले बानी । झिझिया पहिले गाँव गाँव मे देखल जात रहे माकिर अब कमि होगईल मोवाईल टिभी मे परम्परागत गित छोड के तटक भडक वाला गावे के काम कईला से पछाडी परल जारहल भोजपुरी साहित्यकार कवि रामप्रसाद साह जनकारी करावले बानी ।
झिझिया गाँव गाँव मे मनावेवाला पर्व अब स्टेज आ कवनो फङसङ्ग मे सिमित बनते जारहल गोपाल सेवा समिति बारा शाखा के अध्यक्ष समाज सेवी जंगबहादुर यादव के कहनाम रहल बा । झिझिया पर्व परम्परा से चलत आरहल बा ओकरा के नेपाल सरकार २०५६ साल मे हुलाक टिकट निकल्ले रहल रहे । महागढीमाई नगरपालिका के आर्थिक सहजोग मे महागढीमाई फाउन्डेसन नेपाल आ लायन्स क्लव बरियापुर के आयोजना मे कुआर २८ गते सझिया प्रतियोगिता करवाके संस्कृती के बचावेला लागल फाउन्डेसन के संस्थापक अध्यक्ष सुनिल कुमार कुशवाहा जनकारी करावले बानी ।






