–गाँव मे तान्त्रिक टेका सुरू, अधुरा ज्ञान भईला से विश्वास मे कमी हो रहल : स्थानियलोग

प्रभु यादव

बारा २४ कुवार

बारा के गाँव–गाँव मे तान्त्रिक टेका सुरू भईल बा । दशहरा के पाँच वाँ दिन से गाँव सब मे रात के समय मे ढोलक, मानर, झाल, खजडी बाजल सुनल जाला ओह जगह भुत भगाँवेवाला तान्त्रिक विधि से पुजा पाठ कईल जाला ओकरा के टेका कहल जाला ।

भगता सब दशहरा चढेला ओही दिन से फलहारी रह के आपन देवी के पुजा करेलन जवना जगह भुत लागल लोग आवेलन आ झारफुक के ठिक कईल जाला सरकारी मन्यता ना रहल माकीर जेकर जेकर दुःख ठिक होगईल बा उ लोग के पूरा विश्वास रहल बा । नमुना माध्यमिक विद्यालय कलैया उपमहानगरपालिका वार्ड नम्वर १ के प्रधानाध्यापक सुकदेव यादव विमार भईल लोग के मानसिक सोच रहल टेका हवे जनकारी करावले बानी ।

अस्पताल पुग के दवाई करवाई माकिर आपन मन मे बईठल विश्वास के जगह ना जाई तब तक ठिकना होई जभे देवी के पुजा करेवाला जगह मे पुग के झारफुक कर के मानसिक चिन्तन के पूरा होई विमारी ठिक होजाई यादव जनकारी करावले बानी । कलैया उपमहानगरपालिका वार्ड नम्वर १६ मझौलीया के सत्यदेव महतो आपने कविरपन्थी भगत बानी भुतप्रेत ना मानेनी जनकारी करावले बानी ।

भुतप्रेत ना मानेनी माकिर आपन घर मे बाबाजी तान्त्रिक विधि से झारफुक करत रहनी जवना मे से आपना सधारण ज्ञान लेहनी जवना से कपरबथी, पेट दर्द कईला पर तान्त्रिक मन्त्र से फुकला पर ठिक होजाला जवना से दुधार मे पर के सोच मे पडल रहनी महतो जनकारी करावले बानी । आपने घर परिवार मे एक जने के वियाह भईला वाद १० बरीस तक सन्तान ना होत रहल डाक्टर बैध के जगह घुमत घुमत थक गईल रहलन माकिर तीन बरीस पहिले एक तान्त्रिक पुजा मे पुग के अक्षत लेके देवी के नाम लेके खाईला पर पुत्र के जन्म भईल कईसे सँच ना होसकता महतो जनकारी करावले बानी ।

भोजपुरी साहित्यकार रामप्रसाद साह ढेका तान्त्रिक विधि से पुजा करे के आ पुजा कईला पर कुनजर भईल लोग के नजर के दुसप्रभाव के हटावेला जनकारी करावले बानी । पहिले पूरा तान्त्रिक विधि के जानकार लोग रहल रहे अभि अधुरा लोग रहल बा जवन लोग खसी, बोका, परेवा, मुर्गा मिठाई बहुते समान सब जबरजस्ती मगाँवेला ओही से विश्वास टुट रहल साह जनकारी करावले बानी । प्रत्यक्ष प्रमाण ना भईला से कानुनी मन्यता ना रहल बा आउरी अधुरा तान्त्रिक लोग के काम से विश्वास घटल आ प्रश्न उठरहल बा । छोटी मोटी अढउल फुल गछीया भूईया लोट देवीया गित से सभे देवता के समरण कर के पुजा करेला लोग साह जनकारी करावले बानी । दशहरा के पञ्चमी से रात रात के पुजा कर के भुतहर के भुत हटावत दशमी के दिन मे विशेष पुजा कर के समापन करेला टेका के साह जनकारी करावले बानी । अन्तिम कुवार के पुर्णीमा के दिन सिमान काटेला दारू लाई दारू लेजा के सिमान के बाधल छेक के खोल देहल जाला साह जनकारी करावले बानी ।

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