महानगर स्वास्थ्य महाशाखा प्रमुख महतो लाखो रोपेया के लोभ मे ‘आमा सुरक्षा कार्यक्रम’ खातिर सूर्य हस्पिटल के गैरकानुनी सिफारिस देहलन

वीरगंज १७ अगहन
सूर्य हस्पिटल के ‘आमा सुरक्षा कार्यक्रम’ खातिर वीरगंज महानगरपालिका के स्वास्थ्य तथा सामाजिक विकास महाशाखा के प्रमुख अरुण महतो के डिजाईन मे गैरकानुनी रुप मे सिफारिस कईल तथ्य सार्वजनिक भईल बा । १५ शय्या के अनुमति मिलल अस्पताल के कार्जक्रम के सेवा सुविधा दिलावे खातिर स्वास्थ्य सेवा विभाग मे २५ शय्या के अस्पताल कहके सिफारिस कईल मिलल बा ।
बितल सावन ७ गते के मिति मे महानगर के स्वास्थ्य तथा सामाजिक विकास महाशाखा के प्रमुख अरुण महतो उ सिफारिस कईला के बाद मापदण्ड विपरीत सम्झौता के खातिर अस्पताल पक्ष महानगर मे दौडधुप कर रहल बा । मोटकस पईसा के लोभ मे पर के महाशाखा के प्रमुख महतो उ सिफारिस कईल महानगर स्रोत बतवले बा ।
सूर्य अस्पताल नारायणी अस्पताल मे कार्यरत डा सरोज सिंह, मोनिका यादव सिंह सञ्चालन करत आईल बाडन । पहिले के जनस्वास्थ्य कार्यालय के अधिकृत सच्चिदानन्द सिंह आंशिक रुप मे सूर्य अस्पताल मे कार्यरत रहलन । कुछ दिन पहिले उ उहाँ से काम छोडले बाडन ।
सिंह तत्कालीन जनस्वास्थ्य प्रमुख महतो सँगे काम कईला से ‘आमा सुरक्षा कार्यक्रम’ के खातिर लाखो रोपेया के डिल कईल स्रोत के दाबी रहल बा ।
महतो महानगर के महाशाखा से बितल अगहन १४ गते अवकास मिलल बा । अवकाश से पहिले सम्झौता के लक्ष्य राखला पर भी वीरगंज महानगर के प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत के सरुवा के चलते सम्झौता नईखे भईल ।
क ह आमा सुरक्षा कार्जक्रम ?
आमा सुरक्षा कार्जक्रम नेपाल सरकार के स्वास्थ्य मन्त्रालय से देवेवाला सुविधा ह । ई अन्तर्गत १५ बेड से कम क्षमता के अस्पताल मे सामान्य रुप मे सुत्केरी करईला पर सुत्केरी से १ हजार लेवेके नियम बा । माकिर, ५० बेड से बेसी क्षमता मे ई कार्जक्रम लागू भईला पर १५ सय रोपेया मिलेके व्यवस्था बा ।
१५ बेड के अस्पताल के शल्यक्रिया करेके सुविधा ना देवेके नियम बा । सूर्य अस्पताल भी उहे वर्ग के अस्पताल ह । माकिर, अप्रेशन सहित के सुविधा लेवे खातिर सूर्य अस्पताल दौडधुप कर रहल बा ।
अस्पताल के शल्यक्रिया सहित के कार्जक्रम मिलला पर प्रति सुत्केरी सरकार से ७ हजार ५ सय रोपेया मिली । नियम से शल्यक्रिया सहित के सुविधा ना मिलेवाला अस्पताल के २५ बेड के अस्पताल कहके सिफारिस कईल आ शल्यक्रिया सहित के कार्जक्रम देवे खातिर स्वास्थ्य तथा सामाजिक महाशाखा के कर्मचारीलोग चलखेल कईले बाडन ।
एगो अस्पताल से १ किलोमिटर मे दोसर अस्पताल चलावे ना मिली
स्वास्थ्य मन्त्रालय सरकारी अस्पताल बगल मे निजी अस्पताल ना चलावे के नियम बनईला पर भी ओकर अनुगमन आ कारबाही नईखे कईल । स्वास्थ्य मन्त्रालय अस्पताल सञ्चालन निर्देशिका २०७५ के १३ नम्बर बुँदा मे स्थान तथा जग्गा पूर्वधार शीर्षक मे कहले बा– ‘एगो अस्पताल से दोसर अस्पताल के दुरी कम्ति मे भी एक किलोमिटर होखेके पडि ।’
सूर्य अस्पताल सरकारी नारायणी अस्पताल से ३ सय मिटर मात्र दक्षिण मे बा । जनस्वास्थ्य से अनुमति देहला पर उ अस्पताल वीरगंज सिगरेट फ्याक्ट्री लगे सञ्चालन रहे । एक बरीस से नारायणी अस्पताल के बगल मे सञ्चालन हो रहल बा । माकिर, अनुगमनकर्ता निकाय मौन रहल बा ।
का कहेला महानगर के स्वास्थ्य महाशाखा ?
वीरगंज महानगर के स्वास्थ्य तथा सामाजिक विकास महाशाखा के निमित्त प्रमुख रितेश जैसवाल १५ बेड के अस्पताल के २५ बेड के अस्पताल कहके कईल सिफारिस पत्र देखावे के ना मनलन । उ फाइल मेयर के कुर्सी मे राय सुझाव के खातिर पुगला से देखे ना मिलेके बतवनी ।
उ वितल समय के के सिफारिस कईलख कहके विषय मे हमरा जानकारी ना भईल आ नियमसंगत सम्झौता होखेके बतवनी । उ अस्पताल से आर्थिक लेनदेन के बात गलत भईल दाबी कईनी ।
का कहेलन अस्पताल के डा सरोज सिंह ?
अस्पताल के सञ्चालक डा सरोज सिंह हमनीसब जनता के सेवा के खातिर उ कार्जक्रम के खातिर पहल कईल बतवनी ।
‘अभी १५ बेड के अस्पताल ह, ५० बेड के खातिर प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य निर्देशनालय से अनुमति मागेके प्रक्रिया मे बानी । निर्देशनालय से अनुगमन भी हो चुकल बा । हमनी दैनिक दु तीन गो शल्यक्रिया कर रहल बा । गरिब विपन्न परिवार के सुत्केरी के फायदा होखो कहके कार्जक्रम के प्रस्ताव कईल गईल बा ।’
उ १५ बेड भा जेतना भी बेड के खातिर नर्मल डेलिभरी के खातिर १ हजार आ शल्यक्रिया के खातिर ७ हजार सरकार से देवेवाला सुविधा एके गो रहल दावी कईले बाडन । उ खुद मात्र ना होके नारायणी अस्पताल के लगे कृष्णा अस्पताल आ नारायणी सेन्ट्रल अस्पताल भी सञ्चालन मे रहल चर्चा करत सरकारी अस्पताल से केतना दुरी मे निजी अस्पताल चलावे के बारेमे कहुँ उल्लेख ना रहल दाबी कईनी । एकरा उपर महानगरपालिका के प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत लगायत सरोकारवाला निकाय के समय मे हि ध्यान पुगल जरुरी बा ।





