सामाजिक सञ्जाल व्यवस्थापन के खातिर सचेतना बढावेके सम्पादक संवाद कार्जक्रम के निष्कर्ष

काठमाण्डु २३ सावन
प्रेस काउन्सिल नेपाल सावन २२ आ २३ गते करके दु दिने सम्पादक संवाद कार्जक्रम पुरा कईले बा । भक्तपुर मे आयोजना कईल सम्पादक संवाद कार्यक्रम से पत्रकारिता मे बढल सामाजिक सञ्जाल दुरुपयोग के व्यवस्थापन के खातिर सचेतना बढावेके निष्कर्ष निकलले बा ।
उ कार्जक्रम मे मिडिया मे सामाजिक सञ्जाल के भूमिका, व्यवस्थापन आ प्रभावबारे कार्यपत्र प्रस्तुत करत सामाजिक सञ्जाल विज्ञ डा. राजिव सुब्बा सामाजिक सञ्जाल के नियमन के विषय मे राष्ट्रिय आ अन्तर्राष्ट्रिय अभ्यासबारे जानकारी करवले रहलन । उ सामाजिक सञ्जाल मे आवेवाला नकारात्मक आ द्वेषपूर्ण प्रचार के सञ्जाल के माध्यम से सुसूचित कईल प्रभावकारी होखेके बतवनी । डा. सुब्बा ‘सामाजिक सञ्जाल के नजरअन्दाज करेके ना, आत्मसाथ करेके पडि । सामाजिक सञ्जाल दु धारे तलवार ह ।’ सामाजिक सञ्जाल के प्रयोग करके हि सेवा प्रवाह मे भी बहुते योगदान देवे सकेके बतवनी ।
कार्जक्रम मे काउन्सिल के अध्यक्ष बालकृष्ण बस्नेत सामाजिक सञ्जाल के रचनात्मक प्रयोग बढावल जरुरी रहल बतवनी । उ पत्रकारिता आ सामाजिक सञ्जाल के प्रयोग के जोडके काउन्सिल सचेतनामूलक काम करेके आ स्वनियमन के खातिर जरुरी काम कर रहल जानकारी देहनी । अध्यक्ष बस्नेत ‘हमनी निष्क्रिय बईठल नईखी । ई कार्जक्रम मे आईल सुझाव से कईसे अगाडि बढल जा सकता उहे मुताविक अगाडि बढेके बतवनी ।’
न्यूनतम पारिश्रमिक निर्धारण समिति के अध्यक्ष संगीता खड्का सामाजिक सञ्जाल के प्रभाव मुलधार के सञ्जाल माध्यम से प्रभावशाली देखाई देवे लागला से सामाजिक सञ्जाल के जिम्मेवार आ परिपक्व बनावेके बात मे जोड देहले रहनी ।
कार्जक्रम मे सूचना तथा प्रसारण विभाग के महानिर्देशक शंकर नेपाल दर्ता ना भईल सञ्चार माध्यम आ सामाजिक सञ्जाल के कार्यविधि बनाके भईला पर भी तत्काल के समस्या सम्बोधन के खातिर गृहकार्य कर रहल बतवनी ।
सञ्चार तथा सूचना प्रविधि मन्त्रालय के सह–सचिव नेत्र सुवेदी स्वनियमन के पहिलका प्राथमिकता मे राख के कानुनी व्यवस्था के खातिर मन्त्रालय कार्यदल बनाके काम कईल उल्लेख कईनी ।
उ कार्जक्रम मे अन्तर्राष्ट्रिय पत्रकार महासंघ के प्रतिनिधि बद्री सिग्देल सामाजिक सञ्जाल नियन्त्रण के सोच राखेके ना होखी कहके बतवनी । उ सञ्जाल के दुरुपयोग करेवाला के विद्यमान कानुन कार्यान्वयन कईला पर हि पर्याप्त होखेके बतावत आउर कानुन लियावल जरुरी ना रहल प्रष्ट कईनी ।
कार्जक्रम मे नेपाल पत्रकार महासंघ के पूर्व अध्यक्ष डा. महेन्द्र बिष्ट, प्रेस काउन्सिल के सदस्य दुर्गा भण्डारी पौडेल, अनलाइन टिभी पत्रकार संघ के अध्यक्ष जीवन भण्डारी, वरिष्ठ पत्रकार बबिता बस्नेत, निर्मला शर्मा, सम्पादकलोग उमेश चौहान, अखण्ड भण्डारी, दुर्गा सुवेदी, कमलदेव भट्टराई, विश्वास बराल, सागर पण्डित, अधिवक्ता तथा पत्रकार लिलाधर घिमिरे लगायत के लोग पत्रकारिता क्षेत्र के विषय मे नीतिगत स्पष्टता के खातिर अईसन किसिम से बहस, अन्तरक्रिया संवाद के निरन्तरता होखेके बात मे जोड देहनी । उ कार्जक्रम मे करिब ४ दर्जन से बेसी सम्पादकलोग के सहभागीता रहल बतावल गईल बा ।
प्रेस काउन्सिल नेपाल के मुख्य अधिकृत झबिन्द्र भुसाल काउन्सिल वितल समय से अभी तक कईल कार्जक्रम के सुझाव के आधार मे हि काम कर रहल प्रष्ट करत ई संवाद से आउर कार्ययोजना बनावे खातिर मार्गदर्शन मिलल बतवनी ।
एकरा से पहिले सोमार के दिने न्यु मिडिया आ पत्रकार आचारसंहिता के चुनौती विषयक सम्पादक संवाद कार्जक्रम मे सञ्चार तथा सूचना प्रविधि मन्त्री रेखा शर्मा के प्रमुख आतिथ्यता मे सम्पादकलोग बृहत छलफल कईल बतावल गईल बा ।






